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Fatehabad News: फसल अवशेष जलाने पर किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Wed, 24 Sep 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:46 PM IST
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गांव म्योद के बोगावाली के खेतों में धान फसल के अवशेष जलाकर की गई खेत की बुवाई। स्रोत: कृषि विभ
फतेहाबाद। जिले में पिछले करीब 10 दिनों से धान की कटाई का काम शुरू हो चुका है। जिले के टोहाना खंड में फसल अवशेष में आग लगाने का पहला मामला सामने आया है। गांव म्योंद निवासी किसान लखविंद्र ने गांव बोगावाली के पास खेत में कंबाइन मशीन से कटाई के बाद फसल अवशेष में आग लगा दी। इससे एक एकड़ में धान के फसल अवशेष जल गए। घटना 20 सितंबर की है।
कृषि एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों ने किसान के खिलाफ जाखल थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। अब जांच होगी और किसान की रेड एंट्री तक दर्ज होगी। किसान आगामी दो साल तक अनाज मंडी में एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच पाएगा।
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जिले में धान की फसल अवशेष न जलाने को लेकर किसानों को जागरूक किया गया है। किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए सरकारी की ओर से बेलर मशीन व प्रति एकड़ पर 1200 रुपये का अनुदान दिया जाएग। इसके बाद भी कोई धान की किसान फसल के अवशेष जलाता है तो उस किसान पर एफआईआर के बाद जांच की जाएगी और रेड एंट्री की जाएगी।
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डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग अधिकारी, फतेहाबाद।
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कृषि एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों ने किसान के खिलाफ जाखल थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। अब जांच होगी और किसान की रेड एंट्री तक दर्ज होगी। किसान आगामी दो साल तक अनाज मंडी में एमएसपी पर अपनी फसल नहीं बेच पाएगा।
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जिले में धान की फसल अवशेष न जलाने को लेकर किसानों को जागरूक किया गया है। किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए सरकारी की ओर से बेलर मशीन व प्रति एकड़ पर 1200 रुपये का अनुदान दिया जाएग। इसके बाद भी कोई धान की किसान फसल के अवशेष जलाता है तो उस किसान पर एफआईआर के बाद जांच की जाएगी और रेड एंट्री की जाएगी।
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डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग अधिकारी, फतेहाबाद।