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मानीं मांगें तो दौड़ पड़े पहिए, यात्रियों को राहत
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:14 AM IST
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आखिरकार सरकार और रोडवेज यूनियनों के बीच सहमति के बाद चौथे दिन हड़ताल खत्म हो गई। वीरवार की शाम से ही रोडवेज बसों की आवाजाही शुरू कर दी गई। सरकार से निर्देेश मिलने के बाद रोडवेज महाप्रबंधक धनराज कुंडू वीरवार की शाम पांच बजे रोडवेज कर्मचारियों द्वारा स्टैंड के गेट पर दिए जा रहे धरने पर पहुंचे और उन्हें सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगें मानने और निलंबित कर्मचारियों की बहाली की सूचना दी और कर्मचारियों से धरना और हड़ताल खत्म करने का आह्वान किया। जिसे मानते हुए रोडवेज तालमेल कमेटी के सूरजभान चोपड़ा, सर्व कर्मचारी संघ के भूप सिंह, सूबे सिंह, जगदीश पूनियां आदि कर्मचारी नेताओं ने रोडवेज का चक्का पुन: बहाल करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद रोडवेज जीएम और कर्मचारी नेताओं ने एक दूसरे का हाथ मिलाकर अभिवादन भी किया। रोडवेज बसों का चक्का बहाल होने से जिलेभर के यात्रियों को काफी राहत मिली है। वीरवार की शाम से उन्हें रोडवेज बसों की सुविधा दोबारा नसीब हो गई।
हड़ताल के चलते 51 लाख राजस्व का नुकसान, कर्मचारी संगठनों का भी एक लाख खर्च
लगभग साढ़े तीन दिनों चली रोडवेज बसों की हड़ताल रोडवेज विभाग के लिए काफी महंगी पड़ी। पहले से ही घाटे में चल रही रोडवेज को इन साढ़े तीनों में ही लगभग 51 लाख राजस्व का नुकसान हो गया। रोडवेज को आमतौर पर प्रतिदिन 15 से 16 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में तीन दिनों की हड़ताल के चलते विभाग को लगभग 51 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी ओर धरने पर कर्मचारी संगठनों के भी लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये से अधिक का खर्च आया है। इसमें इश्तिहार, होर्डिंग्स, टेंट, पानी और खाने का खर्च शामिल है।
आज से सभी रूटों पर शुरू होंगी बसें
रोडवेज विभाग ने बताया कि वीरवार की शाम को लंबे रूटों पर चलने वाली बसों को ही चलाया गया। शुक्रवार अलसुबह से देर रात तक सभी रूटों पर बसों को चलाया जाएगा। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ एहतियातन ही फिलहाल लंबे रूटों पर बसों को चलाया जा रहा है। कर्मचारी भी मानसिक रूप से थके हुए हैं, ऐसे में वो शुक्रवार सुबह से ताजे मन के साथ काम की शुरुआत करेंगे।
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चार दिन की हाजिरी पर संशय बरकरार
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चार दिन तक चलाई गई हड़ताल के दौरान क्या कर्मचारियों की हाजिरी लगाई जाएगी। अथवा उन्हें अनुपस्थित दिखाकर उनकी तनख्वाह काटी जाएगी, इस पर अभी संशय बना हुआ है। रोडवेज अधिकारी भी अभी इस बारे में खुलकर कुछ भी नहीं कह रहे हैं। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इस बारे में उच्च अधिकारियों से बात करके ही कोई कदम उठाया जाएगा। उधर कर्मचारियों के निलंबन के बाद आक्रोशित होते कर्मचारियों को ठंडा करके फतेहाबाद में संयुक्त कर्मचारी संघ एवं अन्य संगठनों ने बेहतरीन रणनीति पेश की। उन्होंने निलंबित कर्मचारियों के प्रति लोगों में सहानुभूति पैदा करने में कामयाबी हासिल की जिसके बाद प्रदेश की जनता में इस आंदोलन को लेकर सरकार का रुख सख्त महसूस हुआ।
सरकार और रोडवेज यूनियन के बीच की वार्ता सफल रही। जिसके बाद रोडवेज यूनियनों ने हड़ताल वापस ले ली। उच्च अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद मैने धरने पर पहुंचकर इसकी सूचना रोडवेज कर्मचारियों को दे दी और हड़ताल वापस ले ली गई है। हम सब एक परिवार के सदस्य हैं और सभी मिलकर फतेहाबाद डिपो को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे।
धनराज कुंडू, जिला महाप्रबंधक, रोडवेज, फतेहाबाद।
केंद्रीय नेतृत्व से वार्ता सफल होने एवं हड़ताल को समाप्त करने का आदेश आया था, जिसके बाद हड़ताल को समाप्त कर दिया गया है। सभी कर्मचारी संगठनों, साथियों का धन्यवाद और परेशानी के लिए यात्रियों से माफी। अब रोडवेज को बेहतर बनाएंगे।
सूरजभान चोपड़ा, रोडवेज कर्मचारी नेता ।
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हड़ताल के चलते 51 लाख राजस्व का नुकसान, कर्मचारी संगठनों का भी एक लाख खर्च
लगभग साढ़े तीन दिनों चली रोडवेज बसों की हड़ताल रोडवेज विभाग के लिए काफी महंगी पड़ी। पहले से ही घाटे में चल रही रोडवेज को इन साढ़े तीनों में ही लगभग 51 लाख राजस्व का नुकसान हो गया। रोडवेज को आमतौर पर प्रतिदिन 15 से 16 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में तीन दिनों की हड़ताल के चलते विभाग को लगभग 51 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। दूसरी ओर धरने पर कर्मचारी संगठनों के भी लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये से अधिक का खर्च आया है। इसमें इश्तिहार, होर्डिंग्स, टेंट, पानी और खाने का खर्च शामिल है।
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आज से सभी रूटों पर शुरू होंगी बसें
रोडवेज विभाग ने बताया कि वीरवार की शाम को लंबे रूटों पर चलने वाली बसों को ही चलाया गया। शुक्रवार अलसुबह से देर रात तक सभी रूटों पर बसों को चलाया जाएगा। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ एहतियातन ही फिलहाल लंबे रूटों पर बसों को चलाया जा रहा है। कर्मचारी भी मानसिक रूप से थके हुए हैं, ऐसे में वो शुक्रवार सुबह से ताजे मन के साथ काम की शुरुआत करेंगे।
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चार दिन की हाजिरी पर संशय बरकरार
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चार दिन तक चलाई गई हड़ताल के दौरान क्या कर्मचारियों की हाजिरी लगाई जाएगी। अथवा उन्हें अनुपस्थित दिखाकर उनकी तनख्वाह काटी जाएगी, इस पर अभी संशय बना हुआ है। रोडवेज अधिकारी भी अभी इस बारे में खुलकर कुछ भी नहीं कह रहे हैं। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इस बारे में उच्च अधिकारियों से बात करके ही कोई कदम उठाया जाएगा। उधर कर्मचारियों के निलंबन के बाद आक्रोशित होते कर्मचारियों को ठंडा करके फतेहाबाद में संयुक्त कर्मचारी संघ एवं अन्य संगठनों ने बेहतरीन रणनीति पेश की। उन्होंने निलंबित कर्मचारियों के प्रति लोगों में सहानुभूति पैदा करने में कामयाबी हासिल की जिसके बाद प्रदेश की जनता में इस आंदोलन को लेकर सरकार का रुख सख्त महसूस हुआ।
सरकार और रोडवेज यूनियन के बीच की वार्ता सफल रही। जिसके बाद रोडवेज यूनियनों ने हड़ताल वापस ले ली। उच्च अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद मैने धरने पर पहुंचकर इसकी सूचना रोडवेज कर्मचारियों को दे दी और हड़ताल वापस ले ली गई है। हम सब एक परिवार के सदस्य हैं और सभी मिलकर फतेहाबाद डिपो को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे।
धनराज कुंडू, जिला महाप्रबंधक, रोडवेज, फतेहाबाद।
केंद्रीय नेतृत्व से वार्ता सफल होने एवं हड़ताल को समाप्त करने का आदेश आया था, जिसके बाद हड़ताल को समाप्त कर दिया गया है। सभी कर्मचारी संगठनों, साथियों का धन्यवाद और परेशानी के लिए यात्रियों से माफी। अब रोडवेज को बेहतर बनाएंगे।
सूरजभान चोपड़ा, रोडवेज कर्मचारी नेता ।