फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   fathebad, garbadge, 50 ton, officer, inmature, fatehabad

शहर छोड़िए, डंपिंग यार्ड में भी रोजाना जलाया जा रहा 50 टन कचरा, अफसर बेपरवाह

Fri, 19 May 2017 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद Updated Fri, 19 May 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
अब तक नगर परिषद के कर्मचारियों पर शहर के अंदर कचरा जलाने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन इस बार डंपिंग यार्ड में ही रोजाना कई क्विंटल कचरा जलाने का खुलासा हुआ है। नगर परिषद के अधिकारी भले ही लाख कहते रहें कि उन्होंने कचरा जलाने पर प्रतिबंध का लिखित आदेश दिया हुआ है, लेकिन शहर के दोनों डंपिंग यार्ड में रोजाना कई क्विंटल कचरा जला दिया जाता है। इसमें भीगा कचरे के अलावा पॉलिथीन, प्लास्टिक जैसे हानिकारक वस्तुएं भी शामिल होती हैं। ये खुलासार पड़ताल के दौरान अमर उजाला’ के कैमरे में कैद हुआ है।

बीघड़ रोड पर स्थित है नगर परिषद की डंपिंग यार्ड, रोजाना जलता है कचरा
बीघड़ रोड पर डीएवी स्कूल के पीछे नगर परिषद की डंपिंग यार्ड बनाई गई है। जानकर हैरानी होगी कि नगर परिषद के कर्मचारी खुद ही यहां पर रोजाना कई क्विंटल कचरा जला देते हैं। इतना ही नहीं, डंपिंग यार्ड की व्यवस्था भी कर्मचारियों की लापरवाही के चलते इतनी बदहाल हो चुकी है कि कचरे के वजन से लोहे के गेट और दीवारें भी टूट चुकी हैं, लेकिन ना तो कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज आ रहे हैं और ना ही अधिकारी उन पर कोई लगाम लगा रहे हैं। इसके अलावा जब यहां पर नगर परिषद कर्मचारियों को जगह नहीं मिलती तो शहर भर से एकत्रित किया गया कचरा लघु सचिवालय के सामने स्थित बाईपास के पास स्थित हुडा के खाली सेक्टरों में फेंक दिया जाता है। इतना ही नहीं, नगर परिषद के कर्मचारी कचरे को यहां भी आग लगा देते हैं जिसके चलते सड़क पर गुजरने वाले वाहनों के आगे धुंआ ही धुंआ हो जाता है।
विज्ञापन


सीएम की घोषणा को ढाई साल, अभी तक जमीनी हकीकत शून्य
प्रदेश की बागडोर संभालने के बाद पहली बार फतेहाबाद पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जिले में अपनी पहली जनसभा के दौरान भूना में कचरा प्रबंधन प्लांट लगाने की घोषणा की थी। ढाई साल बीतने के बाद भी ये घोषणा सिरे नहीं चढ़ सकी है। जमीनी हकीकत शून्य होने के पीछे नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारियों की सबसे बड़ी लापरवाही मानी जा सकती है। अधिकारियों ने कचरा प्रबंधन प्लांट की ओर लगातार ढिलाई बरती है। अगर समय से इस प्रोजेक्ट का फालोअप लिया गया होता तो हालात इतने बदतर न होते।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगले सप्ताह नगर परिषद के सभी अधिकारियों के साथ मिलकर शहर का और डंपिंग यार्ड का किसी भी दिन औचक निरीक्षण करेंगे। अगर कहीं कचरा जलता दिखा तो कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कचरा जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है और जिस आदेश को नहीं मानेगा, उसे कार्यवाही भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
हरिकृष्ण शर्मा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed