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किसान की बेटी मोनिका ने जिले में लहराया सफलता का परचम
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
Updated Mon, 22 May 2017 11:56 PM IST
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हरियाणा में 12 के रिजल्ट में बेटियों का परचम
- फोटो : amar ujala
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किसान की बेटी ने इस बार दसवीं की परीक्षा में जिले में टॉप किया है। भिरडाना के सीनियर मॉडल स्कूल की छात्रा मोनिका ने 500 में से 493 अंक लेकर जिले में प्रथम है। हालांकि भिवानी बोर्ड की पहली घोषणा के अनुसार मोनिका को स्टेट टॉपर बताया गया था, लेकिन घोषणा के महज एक घंटे बाद ही भिवानी बोर्ड ने रिजल्ट में गलतियों की बात कहकर रिजल्ट होल्ड कर लिया और इसके बाद दोबारा रिजल्ट घोषित करने पर प्रथम तीन स्थानों में से मोनिका का नाम नदारद था। लेकिन इसके बावजूद मोनिका ने फतेहाबाद जिले को टॉप किया है और जिले की इस टॉपर बेटी का सपना न्यूरोलिस्ट बनकर गरीबों की सेवा करने का है। भिरडाना निवासी मोनिका के पिता हेतराम गांव में ही खेती का काम करते हैं जबकि मां रामीदेवी गृहणी हैं।
अमर उजाला’ से बातचीत में मोनिका ने बताया कि इस सफलता के लिए उसने कड़ी मेहनत की है और स्कूल टाइमिंग के अलावा भी सेल्फ स्टडी के तौर पर रोजाना सात से आठ घंटे की पढ़ाई की है। मोनिका बताती हैं कि खेल उसे पसंद हैं लेकिन इस बार उसका एकमात्र लक्ष्य बेहतरीन अंक लेकर दसवीं की परीक्षा पास करने का था और उसे खुशी है कि उसने जिले को टॉप किया है। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्कूल संचालक ओपी बिश्रोई, मां-पिता और भाई के अलावा अपने आध्यात्मिक गुरु डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को दिया है।
मोनिका के अनुसार उसके अध्यापकों ने उसकी पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत की और जब भी वो किसी परेशानी को लेकर अध्यापकों के पास जाती थी तो वे हमेशा उसकी मदद करने को तत्पर रहते थे। मोनिका के पिता हेतराम ने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि भिवानी बोर्ड की गलती के बावजूद उनकी बेटी एक विजेता थी और रहेगी। जिले को टॉप करना भी एक बड़ी उपलब्धि है और एक गांव के किसान की बेटी का जिले में प्रथम स्थान हासिल कर गांव और परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि वे बेटी को आगे भी इसी लगन से पढ़ाएंगे और जो वो बनना चाहती है, उसे बनाएंगे। स्कूल प्रबंधक ओपी बिश्रोई ने भी मोनिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मोनिका उनके स्कूल की एक आदर्श बच्ची है अैार उसमें विजेता बनने के सारे गुण थे।
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अमर उजाला’ से बातचीत में मोनिका ने बताया कि इस सफलता के लिए उसने कड़ी मेहनत की है और स्कूल टाइमिंग के अलावा भी सेल्फ स्टडी के तौर पर रोजाना सात से आठ घंटे की पढ़ाई की है। मोनिका बताती हैं कि खेल उसे पसंद हैं लेकिन इस बार उसका एकमात्र लक्ष्य बेहतरीन अंक लेकर दसवीं की परीक्षा पास करने का था और उसे खुशी है कि उसने जिले को टॉप किया है। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्कूल संचालक ओपी बिश्रोई, मां-पिता और भाई के अलावा अपने आध्यात्मिक गुरु डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा को दिया है।
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मोनिका के अनुसार उसके अध्यापकों ने उसकी पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत की और जब भी वो किसी परेशानी को लेकर अध्यापकों के पास जाती थी तो वे हमेशा उसकी मदद करने को तत्पर रहते थे। मोनिका के पिता हेतराम ने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि भिवानी बोर्ड की गलती के बावजूद उनकी बेटी एक विजेता थी और रहेगी। जिले को टॉप करना भी एक बड़ी उपलब्धि है और एक गांव के किसान की बेटी का जिले में प्रथम स्थान हासिल कर गांव और परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि वे बेटी को आगे भी इसी लगन से पढ़ाएंगे और जो वो बनना चाहती है, उसे बनाएंगे। स्कूल प्रबंधक ओपी बिश्रोई ने भी मोनिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मोनिका उनके स्कूल की एक आदर्श बच्ची है अैार उसमें विजेता बनने के सारे गुण थे।
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