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दमघोंटू हुई फतेहाबाद की हवा, 892 तक पहुंचा एक्यूआई का स्तर

Sat, 02 Nov 2019 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2019 11:24 PM IST
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fatehabad very worst air in hole state
शनिवार को फतेहाबाद शहर में फैला स्मॉग । - फोटो : Fatehabad
शनिवार का दिन प्रदूषण के लिहाज से फतेहाबाद वासियों के लिए सबसे मुश्किल भरा रहा। एयर क्वॉलिटी डॉट कॉम के मुताबिक शनिवार को फतेहाबाद का एक्यूआई स्तर 892 तक पहुंच गया, जो हरियाणा में हिसार के साथ पहले नंबर पर रहा। हवा के जहरीला होने से शहरवासियों को सांस लेने में काफी तकलीफ हुई। इतना ही नहीं, लोगों को शुक्रवार रात से ही स्मॉग की परेशानी शुरू हो गई थी, लेकिन शनिवार सुबह होते होते हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों का दम तक घुटने लगा। शनिवार को भी हालात दिन चढ़ने के साथ लगातार बदहाल होते रहे। शाम तक स्मॉग इतना घना हो गया कि दृश्यता महज सौ मीटर ही रही। जिसके कारण वाहन भी सड़कों पर रेंग-रेंग कर ही चले।
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पराली जलने की घटनाओं का आंकड़ा पहुंचा 612
फतेहाबाद जिला पराली जलाने की घटनाओं के मामले में पूरे प्रदेश में अव्वल चल रहा है और यही स्थिति प्रदूषण को नियंत्रण से बाहर कर रही है। शनिवार तक जिले में पराली जलाने की घटनाओं का आंकड़ा बढ़कर 612 तक पहुंच गया। ऐसा नहीं है कि प्रशासन कुछ कर नहीं रहा, लेकिन प्रशासनिक कोशिशें महज किसानों को जागरूक करने या मुकदमे दर्ज करने तक ही सीमित हो गई हैं। जिले, खासकर फतेहाबाद शहर में प्रदूषण का स्तर कम कैसे हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रयास सामने नहीं आए हैं। जिसके चलते शहर में अघोषित हेल्थ इमरजेंसी बनती दिख रही है।
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अब तक 221 किसानों पर एफआईआर दर्ज, 215 के खिलाफ अनुशंसा
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फतेहाबाद जिले में इस समय तक पराली जलाने की 612 शिकायतें आ चुकी हैं। जिसमें से 221 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जा चुका है और 215 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुशंसा संबंधित पुलिस थानों में दी जा चुकी है। कृषि उपनिदेशक बलवंत सहारण के अनुसार 176 मामले ऐसे भी आए हैं जिसमें पराली जलने की सूचना गलत पाई गई है और मौके पर जाने पर वहां खेत में धान खड़ा पाया गया। सहारण की मानें तो मुकदमों का ये आंकड़ा अगले दो-तीन दिन में और अधिक जा सकता है।
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त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी, सरकारी अस्पताल में अवकाश से बढ़ी परेशानी
पिछले कुछ दिनों से शहर में प्रदूषण का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और शुक्रवार-शनिवार को तो प्रदूषण अपने उच्चतम स्तर पर जा पहुंचा। जिसके चलते त्वचा रोग के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। शनिवार को अवकाश के चलते नागरिक अस्पताल में चिकित्सक नहीं पहुंचे जिसके चलते मरीजों को परेशानी जरूर हुई। लेकिन शहर के प्रसिद्ध त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रमनीता के बतरा अस्पताल में सुबह से ही मरीजों का आना शुरू हो गया था। डॉ. रमनीता बतरा की मानें तो अकेले शनिवार को ही तकरीबन 80 से 85 मरीजों ने स्मॉग आदि के चलते त्वचा एवं आंखों में जलन व अन्य दिक्कतें बताई हैं।
सब्जी मंडी के बाहर नगर परिषद कर्मी भी दिखे कचरा जलाते हुए
जिले में फैलते प्रदूषण का सारा दोष किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं पर दिया जा रहा है, जबकि शहर के अंदर भी कचरा जलाने की कई घटनाएं सामने आ रही हैं। शनिवार सुबह नगर परिषद के सफाई कर्मचारी नई सब्जी मंडी के बाहर एकत्रित हुए कचरे के ढेर को आग लगा गए जिसके चलते वहां पर काफी देर तक धुंआ ही धुंआ हो गया। बाद में कैमरा सामने आते देखकर सभी नप कर्मचारी वहां से निकल गए।
दिल्ली की तर्ज पर स्कूलों में छुट्टियां घोषित करने की उठी मांग
फतेहाबाद में रिकॉर्ड स्तर पर प्रदूषण पहुंचने के बाद अब फतेहाबाद के स्कूलों में भी दिल्ली की तर्ज पर छुट्टियां घोषित करने की मांग उठनी शुरू हो गई है। शनिवार को समाजसेवी संस्था जिंदगी ने भी प्रशासन एवं प्रदेश सरकार से इस बारे में गंभीरता से विचार करने की मांग रखी है। जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण का प्रभाव सबसे अधिक बच्चों पर पड़ता है तो बेहतर रहेगा कि स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया जाए ताकि बच्चे अपने घरों में सुरक्षित रहें।

ये होते हैं प्रदूषण के मुख्य दुष्प्रभाव
1. गुर्दों में सांस के साथ प्रदूषित ऐसे कण चले जाते हैं जो सांस लेने में कठिनाई पैदा करते हैं।
2. स्मॉग की चपेट में आने से एलर्जी, इरिटेशन और गले में खिराब या खांसी हो सकती है।
3. ज्यादा देर तक प्रदूषण की सीधी चपेट में रहने से गुर्दे और हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ता है।
रोजमर्रा के कामों में भी मास्क का सहारा लेते दिखे लोग
शनिवार को शहर के अंदर स्मॉग का प्रकोप इतना अधिक था कि आम लोग रोजमर्रा के कामों के लिए भी प्रदूषण रोधी मास्क का सहारा लेते नजर आए। घर से बाहर निकलने वाले मास्क लगाकर ही बाहर निकल रहे थे जबकि दूसरी ओर खुले में दुकान या रेहड़ी लगाने वाले लोग भी मास्क का सहारा लेते दिखे।

मुंह में मास्क पहनकर सड़क से होकर जाते स्कूटी सवार।

मुंह में मास्क पहनकर सड़क से होकर जाते स्कूटी सवार।- फोटो : Fatehabad

शनिवार सुबह फतेहाबाद की नई सब्जी मंडी के बाहर जलाया जाता कचरा ।

शनिवार सुबह फतेहाबाद की नई सब्जी मंडी के बाहर जलाया जाता कचरा ।- फोटो : Fatehabad

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