फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Fatehabad: Two farmers accused of burning stubble arrested, released on bail after some time

Fatehabad: पराली जलाने के आरोपी दो किसान गिरफ्तार, थोड़ी देर बाद ही जमानत पर छोड़ा

Sat, 26 Oct 2024 12:11 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 26 Oct 2024 12:11 AM IST
सार

फतेहाबाद जिले में पराली जलाने के आरोप में इस सीजन में किसानों की पहली गिरफ्तारी हो गई है। प्रतिबंध के बावजूद फसलों के अवशेष जलाने के मामले में कार्रवाई करते हुए भूना पुलिस ने दो किसानों को गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन
Fatehabad: Two farmers accused of burning stubble arrested, released on bail after some time
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

गिरफ्तार किए गए किसानों की पहचान गांव बैजलपुर निवासी वजीर सिंह और गांव खैरी निवासी सुशील कुमार उर्फ आलू के रूप में हुई है। हालांकि, दोनों किसानों को पुलिस ने थोड़ी देर बाद जमानत पर छोड़ दिया। इसके अलावा भूना थाना में ही दो सगे भाईयों सहित तीन अन्य किसानों पर भी केस दर्ज किया गया है। इनमें गांव नहला निवासी सत्यनारायण और इसी गांव के दो भाई तारा और प्यारा सिंह के खिलाफ भी पराली जलाने के आरोप में केस दर्ज हुआ है।

विज्ञापन


बता दें कि इससे भी जिले में छह किसानों पर पराली जलाने के आरोप में केस दर्ज हो चुके हैं। भूना थाना प्रभारी प्रदीप श्योराण ने बताया कि पुलिस ने 21 अक्तूबर को एग्रीकल्चर सुपरवाइजर प्रीति की शिकायत पर किसान वजीर सिंह व सुशील कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप था कि इन्होंने प्रतिबंध के बावजूद अपने खेतों में धान की अवशेषों में आग लगाई है। उसी आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


पराली प्रबंधन करने के बाद नहीं हो पा रहा गांठों का उठान
जिले में अब धान की फसल का काफी रकबा खाली हो गया है। अब किसानों को फसल अवशेषों का निपटान करके रबी की फसलों की बुवाई करने के लिए खेत को तैयार करना चुनौती बन गया है। किसानों को धान की कटाई करने के बाद पराली प्रबंधन के लिए पहले कट्टर मशीन और बेलर मशीन का इंतजार करना पड़ रहा है। उसके बाद बेलर मशीन से बनाई गई पराली की गांठों के उठान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार फसल कटाई के बाद खेत को खाली करने में 20 दिनों से भी अधिक का समय लग रहा है। इससे गेहूं और सरसों की बुवाई में देरी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फतेहाबाद के किसान दया सिंह, बलविंद्र, भूप सिंह और सुनील कुमार आदि ने बताया कि किसानों को न तो डीएपी खाद मिल रही है और न उनकी फसल के अवशेषों का सही से निपटान हो पा रहा है। पराली प्रबंधन के लिए 10 या 15 दिनों तक मशीन नहीं मिल पाती है। उसके बाद पराली की गांठें बनाने के बाद एक सप्ताह तक पराली की गांठों का उठान नहीं हो पाता है। किसान अपनी मर्जी से किसी जरूरतमंद को पराली की गांठें भी नहीं दे सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed