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आज भी बैंक रहेंगे बंद, एटीएम छोड़ चुकें साथ
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 26 Nov 2016 11:38 PM IST
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नेशनल हाइवे स्थित यूनियन बैंक का बंद पड़ा एटीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जैसी आशंका थी, बिल्कुल वैसा ही हुआ। शुक्रवार को बैंकों के समय पूरा होने और शनिवार-रविवार को बैंकों में अवकाश के चलते शहरवासियों को उम्मीद थी कि एटीएम से कैश मिल जाएगा, लेकिन हुआ इससे बिल्कुल उलट। शनिवार को शहर के एक भी एटीएम में कैश नहीं मिला, अधिकतर एटीएम के तो शटर तक डाउन दिखे। कुछ ऐसे ही हालात रविवार को भी रहने की आशंका है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अब कैश के लिए सोमवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। इसके साथ ही सोमवार को बैंकों में लंबी कतारों से भी जूझना पड़ सकता है।
कई एटीएम सप्ताह भर से बंद, अधिकारी फिर मौन
नोटबंदी के बेकाबू होते हालात और बैंकों के बाहर लाइनों को कम किया जा सकता था, लेकिन एटीएम के बंद पड़े दरवाजों ने इन हालात को कम करने की बजाए और बेकाबू कर दिए हैं। एटीएम से अगर नियमित पैसा निकलता रहता तो बैंकों के बाहर लगी लाइनों में कमी होती, लेकिन बैंक प्रबंधकों ने अपने-अपने मूल उपभोक्ताओं को खुश रखने के इरादे से अपने-अपने एटीएम में कैश डालना ही बंद कर दिया। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ बैंकों के एटीएम तो पिछले एक सप्ताह से ही बंद पड़े हैं। इनमें कोटक बैंक, आंध्रा बैंक, पीएनबी मेन ब्रांच, यूनियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सरीखे बड़े बैंक भी शामिल हैं।
इस सारे मसले में जिला प्रशासन के अधिकारियों की चुप्पी वाकई हैरान करने वाली है। सारे शहर में लोग नए नोटों के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और अधिकारियों ने एक भी बार बैंकों का दौरा कर हालात का जायजा तक नहीं लिया है। इसी तरह पिछले सात दिन से एटीएम बंद करके बैठे बैंकों के प्रबंधकों तक से जवाब-तलबी नहीं की गई है।
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आज है क्लर्क की लिखित परीक्षा, दूसरे जिलों से आएंगे हजारों परीक्षार्थी
रविवार को शहर में क्लर्क की लिखित परीक्षा है और इसे देने के लिए कई जिलों से हजारों परीक्षार्थी फतेहाबाद पहुंचेंगे। ऐसे में संभव है कि किसी परीक्षार्थी को अचानक से कोई जरूरत पड़ जाए तो पूरा शहर घूमने के बाद भी उसे कैश नहीं मिल सकेगा। ऐसे ही हालात सैकड़ों परीक्षार्थियों के साथ भी हो सकते हैं। ऐसे में हालात सुधरने की बजाए बिगड़ सकते हैं। ऐसे विकट परिस्थितियों में अधिकारियों की चुप्पी भी आग में घी डालने का काम कर सकती है।
आनलाइन व्यवस्था के आदि नहीं फतेहाबाद के लोग
फतेहाबाद की बात की जाए तो यहां के लोग आनलाइन या मोबाइल वालेट जैसी सुविधाओं के आदि नहीं हैं। ऐसे में फतेहाबाद में कैश या चेक से ही बाजारों में काम चलता आया है। लेकिन अब अचानक नोटबंदी और इसके बाद एटीएमों की बदतर हालात से संकट गहरा गया है। हालांकि कुछ दुकानदारों ने कार्ड स्वाइप मशीन और मोबाइल वालेट जैसी सुविधाओं से पेमेंट लेने का चलन शुरू कर दिया है, लेकिन बावजूद इसके अभी तक स्थिति चिंताजनक ही है।
अब तक जिले में जमा हो चुके 12 सौ करोड़, निकासी महज 32 करोड़ की
नोटबंदी का आदेश जारी होने के बाद से फतेहाबाद जिले में अब तक लगभग 12 सौ करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। इसके बदले अब तक महज 32 करोड़ के करीब निकासी फतेहाबाद जिले के बैंकों से हुई है। इसका मतलब है कि अभी तक आधी रकम भी बैंकों से बाहर नहीं निकली है। इसी के चलते बाजारों में छुट्टे का भी संकट गहराया है। फिलहाल बाजार से दो हजार के और सौ के ही नोट चल रहे हैं। पांच सौ का नोट फतेहाबाद आ तो गया है, लेकिन अभी इसकी संख्या काफी कम हैं। आर्थिक मामलों के जानकार ये मान रहे हैं कि पांच सौ के नोटों के पर्याप्त मात्रा में फतेहाबाद पहुंचने पर ही हालात सुधर सकती है।
बाजारों में खर्च करें सौ के नोट, इससे भी सुधरेंगे हालात
जानकारों की मानें तो अभी सबसे बड़ी दिक्कत ये आ रही है कि उपभोक्ता बैंक से सौ-सौ के नोट लेकर आ तो रहे हैं लेकिन उसे मार्केट में नहीं उतार रहे। ज्यादातर उपभोक्ता छोटे नोटों को घरों में स्टोर करते जा रहे हैं। ये स्थिति अर्थशास्त्र के अनुसार काफी खतरनाक है क्योंकि इस तरह ही कालाधन इकट्ठा होता है। जानकारों की मानें तो अगर जो लोग बैंकों से छोटे नोट लेकर जा चुके हैं, अगर वो ही बाजार में आ जाएं तो फतेहाबाद में हालात काफी सुधर सकते हैं।
तीन एटीएम से निकले नोट, जवाहर चौक में हुआ झगड़ा
शहर में फिलहाल तीन एटीएम से ही पैसे निकल रहे हैं। इसमें भट्टू रोड पर गैस एजेंसी के पास, बस अड्डा एटीएम और पुलिस लाइन स्थित एटीएम शामिल है। लेकिन बड़े नोटों के लिए ये एटीएम अभी एडजस्ट नहीं हुए हैं तो महज सौ-सौ के नोट ही डाले जा रहे हैं जिसके चलते कैश जल्द खत्म भी ही हो रहा है। दूसरी ओर बीती रात जवाहर चौक स्थित पीएनबी के एटीएम से पैसे निकलवाने के विवाद को लेकर दो युवकों में झगड़ा होने का भी समाचार है।
लोग हुए परेशान, इस तरह बया की व्यथा
;शहर से चार किलोमीटर दूर पुलिस लाइन से कैश निकलवाने आया, लेकिन यहां आकर भी कोई फायदा नहीं हुआ। अब वापस खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा। Ó
- रवि कुमार
पैसों की सख्त जरूरत है। लेकिन शहर के किसी एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं। सुबह से तकरीबन पांच एटीएम में जा चुका हूं लेकिन कहीं कामयाबी नहीं मिली। Ó
महावीर ।
;घर के राशन आदि के लिए भी पैसे खत्म हो गए हैं। ऐसी स्थिति में तो रविवार को भी एटीएम बंद रहेंगे जिससे हालात और बिगड़ जाएंगे।
नोटों के साइज के हिसाब से एटीएम को एडजस्ट किया जा रहा है। इसी प्रोसेस में सभी बैंक लगे हैं और कुछ पीछे से ही कैश कम आ रहा है। लेकिन ये स्थिति बहुत जल्द ठीक हो जाएगी। Ó
- जीएस मल्होत्रा, लीड बैंक अधिकारी ।
कई एटीएम सप्ताह भर से बंद, अधिकारी फिर मौन
नोटबंदी के बेकाबू होते हालात और बैंकों के बाहर लाइनों को कम किया जा सकता था, लेकिन एटीएम के बंद पड़े दरवाजों ने इन हालात को कम करने की बजाए और बेकाबू कर दिए हैं। एटीएम से अगर नियमित पैसा निकलता रहता तो बैंकों के बाहर लगी लाइनों में कमी होती, लेकिन बैंक प्रबंधकों ने अपने-अपने मूल उपभोक्ताओं को खुश रखने के इरादे से अपने-अपने एटीएम में कैश डालना ही बंद कर दिया। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ बैंकों के एटीएम तो पिछले एक सप्ताह से ही बंद पड़े हैं। इनमें कोटक बैंक, आंध्रा बैंक, पीएनबी मेन ब्रांच, यूनियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सरीखे बड़े बैंक भी शामिल हैं।
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इस सारे मसले में जिला प्रशासन के अधिकारियों की चुप्पी वाकई हैरान करने वाली है। सारे शहर में लोग नए नोटों के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और अधिकारियों ने एक भी बार बैंकों का दौरा कर हालात का जायजा तक नहीं लिया है। इसी तरह पिछले सात दिन से एटीएम बंद करके बैठे बैंकों के प्रबंधकों तक से जवाब-तलबी नहीं की गई है।
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आज है क्लर्क की लिखित परीक्षा, दूसरे जिलों से आएंगे हजारों परीक्षार्थी
रविवार को शहर में क्लर्क की लिखित परीक्षा है और इसे देने के लिए कई जिलों से हजारों परीक्षार्थी फतेहाबाद पहुंचेंगे। ऐसे में संभव है कि किसी परीक्षार्थी को अचानक से कोई जरूरत पड़ जाए तो पूरा शहर घूमने के बाद भी उसे कैश नहीं मिल सकेगा। ऐसे ही हालात सैकड़ों परीक्षार्थियों के साथ भी हो सकते हैं। ऐसे में हालात सुधरने की बजाए बिगड़ सकते हैं। ऐसे विकट परिस्थितियों में अधिकारियों की चुप्पी भी आग में घी डालने का काम कर सकती है।
आनलाइन व्यवस्था के आदि नहीं फतेहाबाद के लोग
फतेहाबाद की बात की जाए तो यहां के लोग आनलाइन या मोबाइल वालेट जैसी सुविधाओं के आदि नहीं हैं। ऐसे में फतेहाबाद में कैश या चेक से ही बाजारों में काम चलता आया है। लेकिन अब अचानक नोटबंदी और इसके बाद एटीएमों की बदतर हालात से संकट गहरा गया है। हालांकि कुछ दुकानदारों ने कार्ड स्वाइप मशीन और मोबाइल वालेट जैसी सुविधाओं से पेमेंट लेने का चलन शुरू कर दिया है, लेकिन बावजूद इसके अभी तक स्थिति चिंताजनक ही है।
अब तक जिले में जमा हो चुके 12 सौ करोड़, निकासी महज 32 करोड़ की
नोटबंदी का आदेश जारी होने के बाद से फतेहाबाद जिले में अब तक लगभग 12 सौ करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। इसके बदले अब तक महज 32 करोड़ के करीब निकासी फतेहाबाद जिले के बैंकों से हुई है। इसका मतलब है कि अभी तक आधी रकम भी बैंकों से बाहर नहीं निकली है। इसी के चलते बाजारों में छुट्टे का भी संकट गहराया है। फिलहाल बाजार से दो हजार के और सौ के ही नोट चल रहे हैं। पांच सौ का नोट फतेहाबाद आ तो गया है, लेकिन अभी इसकी संख्या काफी कम हैं। आर्थिक मामलों के जानकार ये मान रहे हैं कि पांच सौ के नोटों के पर्याप्त मात्रा में फतेहाबाद पहुंचने पर ही हालात सुधर सकती है।
बाजारों में खर्च करें सौ के नोट, इससे भी सुधरेंगे हालात
जानकारों की मानें तो अभी सबसे बड़ी दिक्कत ये आ रही है कि उपभोक्ता बैंक से सौ-सौ के नोट लेकर आ तो रहे हैं लेकिन उसे मार्केट में नहीं उतार रहे। ज्यादातर उपभोक्ता छोटे नोटों को घरों में स्टोर करते जा रहे हैं। ये स्थिति अर्थशास्त्र के अनुसार काफी खतरनाक है क्योंकि इस तरह ही कालाधन इकट्ठा होता है। जानकारों की मानें तो अगर जो लोग बैंकों से छोटे नोट लेकर जा चुके हैं, अगर वो ही बाजार में आ जाएं तो फतेहाबाद में हालात काफी सुधर सकते हैं।
तीन एटीएम से निकले नोट, जवाहर चौक में हुआ झगड़ा
शहर में फिलहाल तीन एटीएम से ही पैसे निकल रहे हैं। इसमें भट्टू रोड पर गैस एजेंसी के पास, बस अड्डा एटीएम और पुलिस लाइन स्थित एटीएम शामिल है। लेकिन बड़े नोटों के लिए ये एटीएम अभी एडजस्ट नहीं हुए हैं तो महज सौ-सौ के नोट ही डाले जा रहे हैं जिसके चलते कैश जल्द खत्म भी ही हो रहा है। दूसरी ओर बीती रात जवाहर चौक स्थित पीएनबी के एटीएम से पैसे निकलवाने के विवाद को लेकर दो युवकों में झगड़ा होने का भी समाचार है।
लोग हुए परेशान, इस तरह बया की व्यथा
;शहर से चार किलोमीटर दूर पुलिस लाइन से कैश निकलवाने आया, लेकिन यहां आकर भी कोई फायदा नहीं हुआ। अब वापस खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा। Ó
- रवि कुमार
पैसों की सख्त जरूरत है। लेकिन शहर के किसी एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं। सुबह से तकरीबन पांच एटीएम में जा चुका हूं लेकिन कहीं कामयाबी नहीं मिली। Ó
महावीर ।
;घर के राशन आदि के लिए भी पैसे खत्म हो गए हैं। ऐसी स्थिति में तो रविवार को भी एटीएम बंद रहेंगे जिससे हालात और बिगड़ जाएंगे।
नोटों के साइज के हिसाब से एटीएम को एडजस्ट किया जा रहा है। इसी प्रोसेस में सभी बैंक लगे हैं और कुछ पीछे से ही कैश कम आ रहा है। लेकिन ये स्थिति बहुत जल्द ठीक हो जाएगी। Ó
- जीएस मल्होत्रा, लीड बैंक अधिकारी ।