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स्कूल में अध्यापक नहीं, विद्यार्थियों ने नाम कटवाने की दी अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 28 Aug 2016 12:11 AM IST
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अध्यापकों की कमी के चलते रतिया के महमड़ा गांव में एक साथ स्कूल से नाम काटने का प्रार्थनापत्र देने वाली छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महमड़ा में तबदील हुए प्राध्यापकों के पश्चात स्थाई नियुक्ति न किए जाने से क्षुब्ध हुए विद्यार्थियों ने सामूहिक तौर पर प्रार्थना पत्र देकर स्कूल से नाम काटने का आह्वान किया है। इस आह्वान के साथ उन्होंने पंजाब क्षेत्र के स्कूलों में दाखिला लेने की भी बात कही है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शिक्षा विभाग द्वारा आनलाइन तबादलों की नीति शुरू किए जाने के पश्चात उपरोक्त स्कूल के करीब छह प्राध्यापक एक साथ ही यहां से तबादला करवा कर अन्य स्थानों पर चले गए थे, जिस कारण स्कूल में कोई भी बच्चों को पढ़ाने वाला प्राध्यापक नहीं रहा। हालांकि, पिछले दिनों पंचायत प्रतिनिधियों ने उपरोक्त समस्या को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी रमेश दहिया को लिखित रूप में ज्ञापन देते हुए प्राध्यापकों की मांग की थी, लेकिन उसके बावजूद भी खंड शिक्षा अधिकारी ने एक मात्र अध्यापक को ही प्रतिनियुक्ति पर भेजा था।
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11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में शामिल वीना रानी, कमलजीत कौर, ऊषा रानी, परमिंद्र कौर, कुलदीप कौर, गुरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह, कमलप्रीत सिंह, रविंद्र सिंह, कमला रानी, शरणजीत कौर, प्रियंका, पूजा व अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले काफी समय से उनके स्कूल से करीब छह प्राध्यापक अन्य स्कूलों में तबादला करवा कर चले गए हैं।
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उसके पश्चात उनकी शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके अभिभावकों द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष बार-बार गुहार किए जाने के बावजूद भी किसी भी प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो सरकार लड़कियों को शिक्षित करने के लिए विशेष दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा को बचाने के लिए ही सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक तौर पर फैसला लिया है कि वह इस स्कूल से अपना नाम कटवा कर पड़ोसी राज्य पंजाब के स्कूलों में दाखिला ले लें, ताकि वह उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि इसी फैसले के तहत उन्होंने मुख्याध्यापक को सामूहिक तौर पर नाम काटने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
स्कूल के मुख्याध्यापक राजेंद्र प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि करीब 200 विद्यार्थियों पर एक ही प्राध्यापक है, जिस कारण शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि बच्चों ने सामूहिक तौर पर ही नाम काटने और एसएलसी देने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, जिसके लिए उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को अवगत करवा दिया है।