{"_id":"58c0464f4f1c1b683ddc4f04","slug":"fatehabad-hindi-news-naki-ki-deewar-poor","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुक्रवार से शुरू होगी ‘नेकी की दीवार’, गरीब को मिलेगा जरूरत का सामान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुक्रवार से शुरू होगी ‘नेकी की दीवार’, गरीब को मिलेगा जरूरत का सामान
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:28 PM IST
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फतेहाबाद में भट्टू रोड़ पर होममार्ट के साथ वाली दीवार, जिसे नेकी की दीवार का स्वरूप दिया जाएगा।
- फोटो : bureau
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फतेहाबाद में भी ‘नेकी की दीवार’ शुरू होने जा रही है। इस दीवार के अस्तित्व में आने के बाद शहर के गरीब लोग अपनी जरूरत का सामान यहां से लेकर जा सकते हैं और शहर के सभी दानी लोग अपने घर का फालतू सामान यहां लाकर रख सकेंगे। इसी सामान को फिर गरीब लोग अपने इस्तेमाल के लिए निशुल्क ले जा सकेंगे। जींद और सिरसा में ये नेकी की दीवार पहले से ही चल रही है। फतेहाबाद के भट्टू रोड पर स्थित होममार्ट के साथ वाली गली में ये शुक्रवार सुबह दस बजे शुरू की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके अभीर इसका शुभारंभ करेंगे। फतेहाबाद में इस नेकी की दीवार को शुरू करने का जिम्मा कुछ नवयुवकों जय सिंघल, रमन सोनी, पंकज कुक्कड़, रमेश आहुजा, नितिन गर्ग और कर्मवीर आदि ने संभाला है।
क्या है नेकी की दीवार
ये एक सामान्य दीवार होती है। जिस पर कुछ खूंटे लगे होते हैं। कुछ लोगों की संस्था या समूह इस दीवार की देखभाल करती है। इसमें साधन संपन्न लोग अपनी फालतू चीजें, जिनमें किताबें, कपड़े, जूते, खाने-पीने की वस्तुएं शामिल होती हैं, को इस दीवार पर टांग देते हैं और इसके बाद गरीब लोगों को जो जरूरत होती है, वो वस्तु ले जाते हैं। ये प्रचलन विदेशों में बहुत प्रचलित था। इसके बाद इसे एक दंपति ने मध्यप्रदेश में शुरू किया। सोशल मीडिया में इस ‘नेकी की दीवार’ प्रचलित होने के बाद हरियाणा में भी कई शहरों में इस कॉन्सेप्ट को अपनाया गया है। जींद और सिरसा जिले में ये दीवार पहले से है और अब फतेहाबाद भी उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जहां पर नेकी की दीवार है।
शाम होते ही एक अलग कमरे में रख दिया जाएगा सामान
नेकी की दीवार पर खाने-पीने और पहनने की वस्तुएं सारा दिन टंगी रहेंगी। लेकिन सांझ होने के बाद सारा सामान पास में लिए गए एक कमरे में रख दी जाएंगी। रात को अगर किसी को कुछ जरूरत हो तो वो इस नेकी की दीवार पर लिखे नंबरों पर संपर्क कर सकेगा। ऐसा सामान को चोरी होने से बचाने के लिए किया जाएगा।
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नेकी की दीवार शुरु करने के पीछे हमारी मंशा ऐसी व्यवस्था लागू करने से है जिसमें किसी को किसी से मांगना ना पड़े और बिना हो-हल्ला करने के दान देने वालों को एक प्लेटफार्म मुहैया करवाया जा सके। कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोग मांगने में झिझक महसूस करते हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए ही नेकी की दीवार शुरू की जा रही है।
जय सिंघल, समाजसेवी, फतेहाबाद।
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क्या है नेकी की दीवार
ये एक सामान्य दीवार होती है। जिस पर कुछ खूंटे लगे होते हैं। कुछ लोगों की संस्था या समूह इस दीवार की देखभाल करती है। इसमें साधन संपन्न लोग अपनी फालतू चीजें, जिनमें किताबें, कपड़े, जूते, खाने-पीने की वस्तुएं शामिल होती हैं, को इस दीवार पर टांग देते हैं और इसके बाद गरीब लोगों को जो जरूरत होती है, वो वस्तु ले जाते हैं। ये प्रचलन विदेशों में बहुत प्रचलित था। इसके बाद इसे एक दंपति ने मध्यप्रदेश में शुरू किया। सोशल मीडिया में इस ‘नेकी की दीवार’ प्रचलित होने के बाद हरियाणा में भी कई शहरों में इस कॉन्सेप्ट को अपनाया गया है। जींद और सिरसा जिले में ये दीवार पहले से है और अब फतेहाबाद भी उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जहां पर नेकी की दीवार है।
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शाम होते ही एक अलग कमरे में रख दिया जाएगा सामान
नेकी की दीवार पर खाने-पीने और पहनने की वस्तुएं सारा दिन टंगी रहेंगी। लेकिन सांझ होने के बाद सारा सामान पास में लिए गए एक कमरे में रख दी जाएंगी। रात को अगर किसी को कुछ जरूरत हो तो वो इस नेकी की दीवार पर लिखे नंबरों पर संपर्क कर सकेगा। ऐसा सामान को चोरी होने से बचाने के लिए किया जाएगा।
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नेकी की दीवार शुरु करने के पीछे हमारी मंशा ऐसी व्यवस्था लागू करने से है जिसमें किसी को किसी से मांगना ना पड़े और बिना हो-हल्ला करने के दान देने वालों को एक प्लेटफार्म मुहैया करवाया जा सके। कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोग मांगने में झिझक महसूस करते हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए ही नेकी की दीवार शुरू की जा रही है।
जय सिंघल, समाजसेवी, फतेहाबाद।