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सर्वसम्मति की ग्रांट के बाद अब मानदेय भी अटका
fatehabad
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:48 PM IST
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राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमित रूखाया। सर्वसम्मति से पंचायत चुनने पर विशेष ग्रांट का इंतजार कर रहे जिले के तीन हजार से अधिक पंचायती राज प्रतिनिधियों का अब मानदेय लटक गया है। फरवरी में हुए शपथ ग्रहण के बाद से जनप्रतिनिधियों को एक बार भी निर्धारित मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा, फरवरी में सामूहिक शपथग्रहण के दौरान जनप्रतिनिधियों के मानदेय में बढ़ोतरी का एलान किया गया था, लेकिन सरकार की ओर से इस बारे में औपचारिक नोटिफिकेशन तक जारी नहीं किया गया। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को पुराने मानदेय से ही संतोष करना पड़ेगा।
साढ़े 23 लाख प्रति माह मानदेय
जनप्रतिनिधियों को मानदेय देने में प्रदेश सरकार के साथ जिला प्रशासन की कार्यवाही भी सुस्त है। जिला विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से सभी जनप्रतिनिधियों से उनके बैंक एकाउंट लेने थे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। जिला पंचायत एवं विकास विभाग के औपचारिक रिकार्ड के मुताबिक, जिले भर के पंचायती राज प्रतिनिधियों का कुल मानदेय 23 लाख 48 हजार रुपये प्रति माह बनता है। इस तरह से चार माह का लगभग 94 लाख रुपये मानदेय जनप्रतिनिधियों को दिया जाना है। फतेहाबाद के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश खोथ ने नोटिफिकेशन नहीं आने की बात कही है।
सबसे ज्यादा पंचों का मानदेय बकाया
फतेहाबाद जिले में 2680 पंचों के मानदेय के रूप में प्रत्येक माह 16 लाख 8 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इसी तरह 257 सरपंचों को प्रति माह दो हजार मानदेय के हिसाब से 5 लाख प्रति माह मानदेय के रूप में दिए जाते हैं। वहीं, 1250 रुपये प्रति माह पाने वाले जिले के 138 पंचायत समिति सदस्यों को एक लाख 72 हजार रुपये दिए जाने हैं। पंचायत समिति अध्यक्ष को छह हजार और उपाध्यक्ष को ढाई हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसी तरह, जिला परिषद सदस्यों को 2500 रुपये प्रति माह के हिसाब से 18 जिप पार्षदों को 40000 हजार रुपये मानदेय दिया जाना है। जिप अध्यक्ष को जिले में सबसे ज्यादा मानदेय 7500 रुपये मिलता है, जबकि उपाध्यक्ष को छह हजार मासिक।
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ये है जिले में जनप्रतिनिधियों की संख्या
जिप पार्षद पंचायत समिति सदस्य सरपंच पंच
18 138 257 2680
पंचायती राज प्रतिनिधियों का मानदेय
जिप पार्षद पंचायत समिति सदस्य सरपंच पंच
2500/- 1250/- 2000/- 600/-
सरकार के पास अपने चुने हुए पंचायती राज प्रतिनिधियों का मानदेय देने को तो पैसा नहीं है, लेकिन फिर महंगी गाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिला परिषद अधिकारियों से बार-बार मानदेय के बारे में जानकारी मांगी है, लेकिन उन्होंने एक बार भी सही जानकारी नहीं दी। सरकार अगर मानदेय नहीं दे सकती तो साफ-साफ बता दे।
-बीबो इंदौरा, जिला परिषद सदस्य, फतेहाबाद
मानदेय में बढ़ोतरी का एलान तो हुआ था, लेकिन अभी तक नोटिफिकेशन नहीं आने से फिलहाल बढ़ा हुआ मानदेय नहीं दे पाएंगे। फिलहाल उन्हें पुराना मानदेय ही मिलेगा। मैंने अधिकारियों से कहा है कि वे सबके एकाउंट नंबर ले लें ताकि जल्द से जल्द मानदेय उनके खाते में डलवा दिया जाए।
राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद
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साढ़े 23 लाख प्रति माह मानदेय
जनप्रतिनिधियों को मानदेय देने में प्रदेश सरकार के साथ जिला प्रशासन की कार्यवाही भी सुस्त है। जिला विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से सभी जनप्रतिनिधियों से उनके बैंक एकाउंट लेने थे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। जिला पंचायत एवं विकास विभाग के औपचारिक रिकार्ड के मुताबिक, जिले भर के पंचायती राज प्रतिनिधियों का कुल मानदेय 23 लाख 48 हजार रुपये प्रति माह बनता है। इस तरह से चार माह का लगभग 94 लाख रुपये मानदेय जनप्रतिनिधियों को दिया जाना है। फतेहाबाद के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश खोथ ने नोटिफिकेशन नहीं आने की बात कही है।
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सबसे ज्यादा पंचों का मानदेय बकाया
फतेहाबाद जिले में 2680 पंचों के मानदेय के रूप में प्रत्येक माह 16 लाख 8 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इसी तरह 257 सरपंचों को प्रति माह दो हजार मानदेय के हिसाब से 5 लाख प्रति माह मानदेय के रूप में दिए जाते हैं। वहीं, 1250 रुपये प्रति माह पाने वाले जिले के 138 पंचायत समिति सदस्यों को एक लाख 72 हजार रुपये दिए जाने हैं। पंचायत समिति अध्यक्ष को छह हजार और उपाध्यक्ष को ढाई हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसी तरह, जिला परिषद सदस्यों को 2500 रुपये प्रति माह के हिसाब से 18 जिप पार्षदों को 40000 हजार रुपये मानदेय दिया जाना है। जिप अध्यक्ष को जिले में सबसे ज्यादा मानदेय 7500 रुपये मिलता है, जबकि उपाध्यक्ष को छह हजार मासिक।
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ये है जिले में जनप्रतिनिधियों की संख्या
जिप पार्षद पंचायत समिति सदस्य सरपंच पंच
18 138 257 2680
पंचायती राज प्रतिनिधियों का मानदेय
जिप पार्षद पंचायत समिति सदस्य सरपंच पंच
2500/- 1250/- 2000/- 600/-
सरकार के पास अपने चुने हुए पंचायती राज प्रतिनिधियों का मानदेय देने को तो पैसा नहीं है, लेकिन फिर महंगी गाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिला परिषद अधिकारियों से बार-बार मानदेय के बारे में जानकारी मांगी है, लेकिन उन्होंने एक बार भी सही जानकारी नहीं दी। सरकार अगर मानदेय नहीं दे सकती तो साफ-साफ बता दे।
-बीबो इंदौरा, जिला परिषद सदस्य, फतेहाबाद
मानदेय में बढ़ोतरी का एलान तो हुआ था, लेकिन अभी तक नोटिफिकेशन नहीं आने से फिलहाल बढ़ा हुआ मानदेय नहीं दे पाएंगे। फिलहाल उन्हें पुराना मानदेय ही मिलेगा। मैंने अधिकारियों से कहा है कि वे सबके एकाउंट नंबर ले लें ताकि जल्द से जल्द मानदेय उनके खाते में डलवा दिया जाए।
राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद