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सोमा न्यू टाउनशिप का लाइसेंस रिन्यू करने का प्रस्ताव सरकार ने किया खारिज

Fri, 10 Feb 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद Updated Fri, 10 Feb 2017 11:50 PM IST
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जारी किए गए आदेश की प्रति। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 
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 हिसार रोड स्थित सोमा न्यू टाउनशिप पर संकट के बादल गहरा गए हैं। सिंचाई विभाग की इजाजत के बगैर फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी पर दो पुल बनाने और बकाया 14 करोड़ रुपये ईडीसी नहीं भरने पर नगर योजनाकार विभाग ने सोमा न्यू टाउनशिप लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमा कंपनी ने टाउनशिप का लाइसेंस रिन्यू करने के लिए अप्लाई किया था, जिसे प्रशासन ने 9 फरवरी 2017 को जारी एक पत्र क्रमांक एफटी/डीटीपी-पी/291 में साफ तौर पर रिजेक्ट कर दिया है। सोमा न्यू टाउनशिप के लाइसेंस पर संकट गहराने से यहां के सैकड़ों प्लॉटधारक भी अधर में लटक सकते हैं।

आरोप है कि सोमा टाउनशिप ने सिंचाई विभाग की इजाजत के बगैर फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी पर दो पुल बना दिए। इस पर सिंचाई विभाग के एसडीओ पीपी चोपड़ा ने जांच के बाद टाउनशिप के विरुद्ध पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया था। सिंचाई विभाग ने कंपनी से 79.91 लाख रुपये का मुआवजा भी मांगा लेकिन कंपनी ने मुआवजा भरने की बजाय हाईकोर्ट में अपील कर दी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते केस नगर योजनाकार विभाग के डायरेक्टर के पास भेजते इस पर फैसला सुनाने के आदेश दिए।
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जब नगर योजनाकार विभाग निदेशक ने जांच शुरू की तो खुलासा हुआ कि सिंचाई विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करने के अलावा कंपनी ने लगभग 14 करोड़ रुपये की एक्सटरनल डेवलपमेंट चार्जेज (ईडीसी) भी नहीं भरी। इसके अलावा कंपनी ने बैंक गारंटी भी रिन्यू नहीं कराई है। 55 एकड़ में काटी गई सोमा टाउनशिप के मालिकों को नगर योजनाकार ने नोटिस देकर ईडीसी भरने तथा लाइसेंस फीस के 12 करोड़ भरने के आदेश दिए। हालांकि नगर योजनाकार विभाग के सामने दी अपनी सफाई में टाउनशिप के अधिकारियों ने तत्कालीन डीसी से परमिशन लेकर अपने खर्चे पर पुल बनाने की बात कही लेकिन निदेशक ने उनके इस तर्क को ये कहकर खारिज कर दिया कि भले ही डीसी की परमिशन मिली हो लेकिन वो जमीन सिंचाई विभाग की थी। बिना सिंचाई विभाग से एनओसी लिए, डीसी के आदेश पर भी पुलिया नहीं बनाई जा सकती थी।
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नगर योजनाकार ने अपने आदेश में कहा है कि कंपनी सरकार की किसी जमीन पर अतिक्रमण नहीं कर सकती। न ही कंपनी ने पुल बनाने से पहले विभाग से परमिशन ली। इसके अलावा कंपनी ने लाइसेंस संबंधी अधिकतर शर्तों का उल्लंघन किया। इसलिए कंपनी द्वारा 12 दिसंबर 2012 को लाइसेंस रिन्यू करने की अपील रद्द की जाती है।  


इस बारे में बात करने के लिए जब सोमा न्यू टाउनशिप के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो स्थानीय कर्मचारियों ने अवकाश के चलते उनके शहर में नहीं होने का हवाला दिया। हालांकि मौके पर मौजूद कृष्ण कुमार पप्पू ने दबी जुबान में इतना जरूर कहा कि उस समय डीसी ने ही परमिशन दी थी पुल बनाने की। लेकिन उन्होंने इससे ज्यादा कुछ भी नहीं कहा और अधिकारियों के मोबाइल नंबर देने से भी इंकार कर दिया।

 
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