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सड़क सुरक्षा : नहीं संभला प्रशासन, फिर काल बना बाईपास का पुल
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 11 Feb 2017 11:44 PM IST
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बाईपास पुल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बाईपास पर दुर्घटनाओं के चलते एक बार फिर से एक बड़ा हादसा हो गया। हालांकि प्रशासन ने फिर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई और बाईपास को लेकर एक बार फिर से प्रशासनिक निष्क्रियता जिंदगी पर भारी पड़ी। शनिवार को हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए। रेफर किए गए 19 लोगों में से 5 लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अगर प्रशासन वक्त रहते चेत जाता तो इन हादसों को टाला जा सकता था।
बाईपास पुलों पर ना कोई निशान, ना कोई और सुरक्षा, साइड से आता वाहन दिखता ही नहीं
रतिया चुंगी से तकरीबन दो किलोमीटर आगे बाईपास पर रतिया रोड के पास वाहनों को जगह देने के लिए ओवरब्रिज तो बना दिया गया है लेकिन ओवरब्रिज की मौजूदा स्थिति ने इसे सर्वाधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र बना कर रख दिया है। पुल के दोनों ओर तीखे मोड़ हैं और इन मोड़ की जानकारी देने वाला कोई बोर्ड दोनों तरफ नहीं हैं। इसके अलावा पुल के एक साइड से आने वाले को दूसरी साइड से आता वाहन दिखने का कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में, जब ये पुल पूरी तरह से तैयार ही नहीं हो पाया है, इसके बावजूद यहां पर सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध या पुलिसकर्मी की नियुक्ति नहीं होना साफ तौर पर अफसरी लापरवाही की नतीजा है। सड़क पर सफेद निशान, मोड़ के पास ब्रेकर की भी कोई व्यवस्था नहीं है जिसके चलते वाहन चालकों की स्पीड कम नहीं होती और हादसों को निमंत्रण मिलता है।
इससे पहले 18 जनवरी को भूना रोड बाईपास पर दो युवकों की गई थी जान
रतिया रोड़ और भूना रोड के बाईपास पुल शहर के साथ लगती सड़कों से गुजरते हैं, ऐसे में यहां पर सुरक्षा के अधिक प्रबंध होने चाहिएं लेकिन ऐसा है नहीं। बीते 18 जनवरी को भी भूना रोड़ के बाईपास पुल के पास भी बिल्कुल इसी स्थिति में सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक टैंकर ने दो बाइक सवार युवकों को कुचल दिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
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इस बारे में नेशनल हाइवे के अधिकारियों को लिखा जाएगा कि बाईपास के पुलों के पास साइन बोर्ड लगाया जाए ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
-इंस्पेक्टर रिछपाल, ट्रैफिक इंचार्ज, फतेहाबाद।
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बाईपास पुलों पर ना कोई निशान, ना कोई और सुरक्षा, साइड से आता वाहन दिखता ही नहीं
रतिया चुंगी से तकरीबन दो किलोमीटर आगे बाईपास पर रतिया रोड के पास वाहनों को जगह देने के लिए ओवरब्रिज तो बना दिया गया है लेकिन ओवरब्रिज की मौजूदा स्थिति ने इसे सर्वाधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र बना कर रख दिया है। पुल के दोनों ओर तीखे मोड़ हैं और इन मोड़ की जानकारी देने वाला कोई बोर्ड दोनों तरफ नहीं हैं। इसके अलावा पुल के एक साइड से आने वाले को दूसरी साइड से आता वाहन दिखने का कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में, जब ये पुल पूरी तरह से तैयार ही नहीं हो पाया है, इसके बावजूद यहां पर सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध या पुलिसकर्मी की नियुक्ति नहीं होना साफ तौर पर अफसरी लापरवाही की नतीजा है। सड़क पर सफेद निशान, मोड़ के पास ब्रेकर की भी कोई व्यवस्था नहीं है जिसके चलते वाहन चालकों की स्पीड कम नहीं होती और हादसों को निमंत्रण मिलता है।
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इससे पहले 18 जनवरी को भूना रोड बाईपास पर दो युवकों की गई थी जान
रतिया रोड़ और भूना रोड के बाईपास पुल शहर के साथ लगती सड़कों से गुजरते हैं, ऐसे में यहां पर सुरक्षा के अधिक प्रबंध होने चाहिएं लेकिन ऐसा है नहीं। बीते 18 जनवरी को भी भूना रोड़ के बाईपास पुल के पास भी बिल्कुल इसी स्थिति में सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक टैंकर ने दो बाइक सवार युवकों को कुचल दिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
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इस बारे में नेशनल हाइवे के अधिकारियों को लिखा जाएगा कि बाईपास के पुलों के पास साइन बोर्ड लगाया जाए ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
-इंस्पेक्टर रिछपाल, ट्रैफिक इंचार्ज, फतेहाबाद।