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50 फीसदी तक गिरे सब्जियों के दाम
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:03 AM IST
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दुकान पर बैठा एक सब्जी विक्रेता ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के बाद भले ही लोगों को बैंकों की कतारों में लगने से परेशानी हो रही हो, लेकिन इससे इतर पिछले लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही महंगाई दबे पांवों से वापस लौट गई है। जी हां, नोटबंदी के बाद से बाजार सस्ता हो गया है।
खासकर रोजाना काम आने वाली सब्जियों के मामले में। सब्जियों के दाम पिछले एक माह में लगभग 50 फीसदी तक गिर चुके हैं और दुकानदार आने वाले एक-दो सप्ताह तक इसमें और गिरावट का दौर देख रहे हैं। हैरानी तो इस बात की है कि इस बार लगभग दो रुपये से अधिक डीजल के दामों में वृद्धि होने के बावजूद अभी तक सब्जियों के दाम लगातार कम हो रहे हैं।
दूसरी ओर सोना भी अब पहले से काफी सस्ता हो चुका है। इसके अलावा प्रॉपर्टी के दाम पहले से मंदे थे। नोटबंदी के बीच प्रॉपर्टी सेक्टर में अभी और गिरावट दर्ज किए जाने की संभावना है। नोटबंदी के बाद से सब्जियों के दामों में काफी कमी आई है। सब्जी के थोक व्यापारियों के अनुसार नोटबंदी के चलते बाजार पर पैसे का किल्लत बढ़ी है, लेकिन इसका फायदा दामों में मिल रहा है।
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सब्जियों तो बेचनी ही है
व्यापारी को तो अपनी सब्जी बेचनी ही है। दाम भले ही कुछ भी मिलें, क्योंकि सब्जी को एक-दो दिन से ज्यादा संभाल कर नहीं रख सकते। -देसराज, सब्जी विक्रेता, फतेहाबाद।
फ्रूट्स के दामों में वैसी गिरावट नहीं
10 नवंबर के बाद से सब्जियों के दामों में गिरावट का दौर शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। पिछले एक माह में सब्जियों के दामों में 50 फीसदी गिरावट आ गई है। हां, फ्रूट्स के दामों में अभी वो गिरावट नहीं हुई है, जो सब्जियों के दामों में देखी जा रही है। -मदन, सब्जी विक्रेता, फतेहाबाद ।
ग्राहक जरूरी सब्जियां ही खरीद रहे
सब्जी मंडी में चर्चा है कि सब्जियों में गिरावट का दौर अभी कम से कम दो सप्ताह तक और चल सकता है। वैसे भी अभी नई फसल आई है, जिसके कारण मंडी में माल बहुत है। साथ ही नोटबंदी के चलते अब ग्राहक भी अनाप-शनाप खरीद की बजाए जरूरी सब्जियां ही खरीदता है। इसके चलते भी दाम कम हुए हैं। -टोनी, सब्जी विक्रेता, फतेहाबाद।
सब्जियों के दाम पिछले एक माह के मुकाबले
सब्जी 15 नवंबर 24 दिसंबर
टमाटर 25 रुपये किलो 12 रुपये किलो
आलू 20 रुपये किलो 8-10 रुपये किलो
मटर 40 रुपये किलो 15 रुपये किलो
बैंगन 20 रुपये किलो 12 रुपये किलो
मूली 15 रुपये किलो 07 रुपये किलो
पालक 20 रुपये किलो 11 रुपये किलो
खीरा 40 रुपये किलो 25 रुपये किलो
सोने के दामों में भी अब तक चार हजार की गिरावट दर्ज
सर्राफा बाजार में भी नोटबंदी का असर देखने को मिला। नोटबंदी के तुरंत बाद सोने की बिकवाली इतनी बढ़ी और ब्लैक में भी सोने की बिकवाली को लेकर खूब बवाल मचा। इस बीच सोने के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में सोने के दाम लगभग चार हजार रुपये प्रति तोले तक गिर चुके हैं। नोटबंदी से पहले जहां सोने के दाम 31 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचे थे। नोटबंदी के डेढ़ माह के बाद सोने के दाम अब 27 हजार रुपये के करीब चल रहे हैं।
प्रॉपर्टी सेक्टर में और गिरेंगे दाम
प्रॉपर्टी सेक्टर के विशेषज्ञों की मानें तो प्रॉपर्टी सेक्टर पिछले चार-पांच साल से ही मंदी के दौर से गुजर रहा था। नोटबंदी के बाद बैंकिंग सिस्टम की ओर जनता के मुड़ने से प्रॉपर्टी के दाम और गिरने की आशंका पैदा हो गई है। प्रॉपर्टी डीलर शाम लाल रखेजा की मानें तो अभी बाजार में ये मंदी कम से कम तीन से चार साल तक और बना रह सकती है।
खासकर रोजाना काम आने वाली सब्जियों के मामले में। सब्जियों के दाम पिछले एक माह में लगभग 50 फीसदी तक गिर चुके हैं और दुकानदार आने वाले एक-दो सप्ताह तक इसमें और गिरावट का दौर देख रहे हैं। हैरानी तो इस बात की है कि इस बार लगभग दो रुपये से अधिक डीजल के दामों में वृद्धि होने के बावजूद अभी तक सब्जियों के दाम लगातार कम हो रहे हैं।
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दूसरी ओर सोना भी अब पहले से काफी सस्ता हो चुका है। इसके अलावा प्रॉपर्टी के दाम पहले से मंदे थे। नोटबंदी के बीच प्रॉपर्टी सेक्टर में अभी और गिरावट दर्ज किए जाने की संभावना है। नोटबंदी के बाद से सब्जियों के दामों में काफी कमी आई है। सब्जी के थोक व्यापारियों के अनुसार नोटबंदी के चलते बाजार पर पैसे का किल्लत बढ़ी है, लेकिन इसका फायदा दामों में मिल रहा है।
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सब्जियों तो बेचनी ही है
व्यापारी को तो अपनी सब्जी बेचनी ही है। दाम भले ही कुछ भी मिलें, क्योंकि सब्जी को एक-दो दिन से ज्यादा संभाल कर नहीं रख सकते। -देसराज, सब्जी विक्रेता, फतेहाबाद।
फ्रूट्स के दामों में वैसी गिरावट नहीं
10 नवंबर के बाद से सब्जियों के दामों में गिरावट का दौर शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। पिछले एक माह में सब्जियों के दामों में 50 फीसदी गिरावट आ गई है। हां, फ्रूट्स के दामों में अभी वो गिरावट नहीं हुई है, जो सब्जियों के दामों में देखी जा रही है। -मदन, सब्जी विक्रेता, फतेहाबाद ।
ग्राहक जरूरी सब्जियां ही खरीद रहे
सब्जी मंडी में चर्चा है कि सब्जियों में गिरावट का दौर अभी कम से कम दो सप्ताह तक और चल सकता है। वैसे भी अभी नई फसल आई है, जिसके कारण मंडी में माल बहुत है। साथ ही नोटबंदी के चलते अब ग्राहक भी अनाप-शनाप खरीद की बजाए जरूरी सब्जियां ही खरीदता है। इसके चलते भी दाम कम हुए हैं। -टोनी, सब्जी विक्रेता, फतेहाबाद।
सब्जियों के दाम पिछले एक माह के मुकाबले
सब्जी 15 नवंबर 24 दिसंबर
टमाटर 25 रुपये किलो 12 रुपये किलो
आलू 20 रुपये किलो 8-10 रुपये किलो
मटर 40 रुपये किलो 15 रुपये किलो
बैंगन 20 रुपये किलो 12 रुपये किलो
मूली 15 रुपये किलो 07 रुपये किलो
पालक 20 रुपये किलो 11 रुपये किलो
खीरा 40 रुपये किलो 25 रुपये किलो
सोने के दामों में भी अब तक चार हजार की गिरावट दर्ज
सर्राफा बाजार में भी नोटबंदी का असर देखने को मिला। नोटबंदी के तुरंत बाद सोने की बिकवाली इतनी बढ़ी और ब्लैक में भी सोने की बिकवाली को लेकर खूब बवाल मचा। इस बीच सोने के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में सोने के दाम लगभग चार हजार रुपये प्रति तोले तक गिर चुके हैं। नोटबंदी से पहले जहां सोने के दाम 31 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचे थे। नोटबंदी के डेढ़ माह के बाद सोने के दाम अब 27 हजार रुपये के करीब चल रहे हैं।
प्रॉपर्टी सेक्टर में और गिरेंगे दाम
प्रॉपर्टी सेक्टर के विशेषज्ञों की मानें तो प्रॉपर्टी सेक्टर पिछले चार-पांच साल से ही मंदी के दौर से गुजर रहा था। नोटबंदी के बाद बैंकिंग सिस्टम की ओर जनता के मुड़ने से प्रॉपर्टी के दाम और गिरने की आशंका पैदा हो गई है। प्रॉपर्टी डीलर शाम लाल रखेजा की मानें तो अभी बाजार में ये मंदी कम से कम तीन से चार साल तक और बना रह सकती है।