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लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में किसानों ने लघु सचिवालय घेरा
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मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते किसान।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को रौंदकर उनकी हत्या करने व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दिए गए भाषण से गुस्साए किसानों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर स्थित लघु सचिवालय का घेराव किया। किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर बैठकर आवाजाही रोक दी। इसके बाद कोर्ट परिसर की तरफ के रास्ते से ट्रैफिक पुलिस ने आवागमन शुरू करवाया। किसानों ने तीन घंटे से अधिक समय तक मेन गेट पर प्रदर्शन करने के बाद उपायुक्त महावीर कौशिक को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
किसानों के विरोध के चलते लघु सचिवालय के भीतरी गेट के चारों तरफ अवरोधक लगाकर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला भी फूंका। किसान नेताओं ने मांग की कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को उनके पद से बर्खास्त किया जाए और उनके विरुद्ध हिंसा उकसाने और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का केस दर्ज किया जाए। मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा और उसके साथियों पर धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज हो। उक्त वारदात की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी द्वारा की जाए। वहीं, उन्होंने संवैधानिक पद पर रहते हुए भी लठ उठाने के लिए उकसाने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी उनके पद से बर्खास्त करने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त रूप से अखिल भारतीय किसान सभा के प्रधान रामस्वरूप ढाणी गोपाल, खेती बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष जरनैलमलवाला, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के संदीप काजला, किसान संघर्ष समिति के मनदीप नथवान, कर्मजीत सालमखेड़ा, कल्याण सिंह धांगड़, डॉ.रामचंद्र, मनफूल ढाका, सुरेश गढ़वाल, बलराज तूर ने की। मंच संचालन योगेंद्र भूथनकलां व बंसी जांडवाला ने किया।
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ट्रैफिक पुलिस को करनी पड़ी अधिक मशक्कत
लघु सचिवालय के मेन गेट पर किसानों का कब्जा होने से ट्रैफिक पुलिस को सबसे अधिक मशक्कत करनी पड़ी। लघु सचिवालय में जाने वाले वाहन चालकों व राहगीरों को ट्रैफिक पुलिसकर्मी कोर्ट परिसर की तरफ के दरवाजे की ओर भेजते रहे। वहीं, लघु सचिवालय के सामने भी जाम न लगे, इसकी भी व्यवस्था संभालने में ट्रैफिक कर्मी जुटे रहे।
कांग्रेसी नेताओं को नहीं मिला माइक
किसानों को समर्थन देने के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता व नेतागण भी पहुंचे। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने भाषण देने की इच्छा जाहिर की तो किसान नेताओं ने उन्हें माइक देने से इंकार कर दिया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के मंच पर राजनीतिज्ञों को भाषण देकर राजनीति नहीं करने दी जाएगी।
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किसानों के विरोध के चलते लघु सचिवालय के भीतरी गेट के चारों तरफ अवरोधक लगाकर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला भी फूंका। किसान नेताओं ने मांग की कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को उनके पद से बर्खास्त किया जाए और उनके विरुद्ध हिंसा उकसाने और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का केस दर्ज किया जाए। मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा और उसके साथियों पर धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज हो। उक्त वारदात की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी द्वारा की जाए। वहीं, उन्होंने संवैधानिक पद पर रहते हुए भी लठ उठाने के लिए उकसाने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी उनके पद से बर्खास्त करने की मांग की।
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विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता संयुक्त रूप से अखिल भारतीय किसान सभा के प्रधान रामस्वरूप ढाणी गोपाल, खेती बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष जरनैलमलवाला, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के संदीप काजला, किसान संघर्ष समिति के मनदीप नथवान, कर्मजीत सालमखेड़ा, कल्याण सिंह धांगड़, डॉ.रामचंद्र, मनफूल ढाका, सुरेश गढ़वाल, बलराज तूर ने की। मंच संचालन योगेंद्र भूथनकलां व बंसी जांडवाला ने किया।
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ट्रैफिक पुलिस को करनी पड़ी अधिक मशक्कत
लघु सचिवालय के मेन गेट पर किसानों का कब्जा होने से ट्रैफिक पुलिस को सबसे अधिक मशक्कत करनी पड़ी। लघु सचिवालय में जाने वाले वाहन चालकों व राहगीरों को ट्रैफिक पुलिसकर्मी कोर्ट परिसर की तरफ के दरवाजे की ओर भेजते रहे। वहीं, लघु सचिवालय के सामने भी जाम न लगे, इसकी भी व्यवस्था संभालने में ट्रैफिक कर्मी जुटे रहे।
कांग्रेसी नेताओं को नहीं मिला माइक
किसानों को समर्थन देने के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता व नेतागण भी पहुंचे। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने भाषण देने की इच्छा जाहिर की तो किसान नेताओं ने उन्हें माइक देने से इंकार कर दिया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के मंच पर राजनीतिज्ञों को भाषण देकर राजनीति नहीं करने दी जाएगी।

लघु सचिवालय के मेन गेट पर बैठकर विरोध जताते किसान।- फोटो : Fatehabad