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फतेहाबाद: किसान बोले- अभी तक नहीं मिले पराली प्रबंधन के पैसे, डीसी का जवाब- कल ही मांगी 10 करोड़ की ग्रांट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Feb 2023 11:30 PM IST
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Farmers say they have not received funds for stubble management yet, DC says he has sought Rs 10 crore grant tomorrow
फतेहाबाद। जिले में पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को अभी तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। वीरवार को डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे किसानों ने उपायुक्त जगदीश शर्मा के समक्ष भी इस बात को रखा। इस पर उपायुक्त ने जवाब दिया कि कल ही 10 करोड़ रुपये की ग्रांट प्रदेश सरकार से मांगी गई है। ग्रांट मिलते ही किसानों को पैसा जारी कर दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि पराली के सीजन के दौरान खेतों में आग लगाने के बजाय पराली की गांठें बनाकर या अन्य तरीकों से प्रबंधन करने वाले किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया था। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में आए किसानों ने खराब फसलों का मुआवजा, 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन बंद करने जैसे फरमान वापस लेने सहित आम जनता की कई समस्याओं को लेकर पहले डीसी कार्यालय पर धरना दिया। फिर डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान सुखा सिंह, कर्मजीत सालमखेडा, मनजीत पूर्ण माजरा, सतीश सिधानी, लखविंदर सिंह, राममेहर गोरखपुर, सुदेश गोरखपुर, महेंद्र मोची, रविंद्र हिजरावा खुर्द, गुरपियार बाडा, निशाना सिंह आदि ने डीसी को बताया कि किसान अपनी खराब हुई फसलों का मुआवजा लेने के लिए दर-दर घूम रहे हैं। सरकारी कार्यालय भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए राशि जमा करवाने के बावजूद उन्हें कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। आम आदमी बड़ी मुश्किल से पैसों का जुगाड़ कर परिवार की सुविधा के लिए वाहन खरीदता है लेकिन प्रदूषण का कारण बनी बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करने की बजाय सरकार इन वाहनों को बंद करने जैसे फरमान जारी कर रही है। अगर सरकार ऐसे वाहनों को बंद करना चाहती है तो पहले वाहन मालिक को उसके वाहन की कीमत अदा की जाए।
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