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किसान बोले- पूरे प्रदेश में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो रही तो टोहाना में क्यों

Fri, 04 Jun 2021 11:04 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 11:04 PM IST
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Farmers said - if no one is being arrested in the entire state, then why in Tohana
पंचायत के दौरान किसानों से बातचीत करते एसडीएम गौरव अंतिल व डीएसपी बिरम सिंह। - फोटो : Fatehabad
विधायक देवेंद्र सिंह बबली व किसानों के बीच हुए टकराव के बाद किसानों पर दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाने पर गुस्साए किसानों ने टाउन पार्क के बाहर पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के नैन गुट से प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र घासीराम नैन सहित कई किसान नेता पहुंचे। पंचायत में किसानों ने पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे गिरफ्तारी व छापे मारने की निंदा की। पंचायत में कुछ किसान बिढाईखेडा स्थित विधायक आवास पर जाने वाले लोगों का साथ देते नजर आए तो कुछ उनको गलत ठहराते दिखे।
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पंचायत की सूचना पाकर एसडीएम गौरव अंतिल व डीएसपी बिरम सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों के साथ बातचीत की। एसडीएम व डीएसपी के समक्ष किसानों ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान हरियाणा में काफी जगह किसानों पर केस दर्ज हुए हैं। मगर अन्य केसों में कहीं भी गिरफ्तारी नहीं हो रही है, फिर टोहाना में क्यों किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इस पर डीएसपी व एसडीएम ने जवाब दिया कि 15 सदस्यीय कमेटी व प्रशासन के बीच हुए समझौते को तोड़ने वालों ने गलत किया, इसलिए यह नौबत आई है।
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प्रशासन ने नहीं बल्कि निजी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज करवाया : डीएसपी
किसानों द्वारा गिरफ्तारी अभियान को लेकर बार-बार विरोध जताने पर डीएसपी बिरम सिंह ने कहा कि किसानों पर मुकदमा प्रशासन ने नहीं बल्कि निजी व्यक्ति ने दर्ज करवाया है। इसलिए केस दर्ज होने पर पुलिस को आगामी कार्रवाई करनी पड़ती है। इसी कार्रवाई प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी करके आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। डीएसपी ने भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी भी किसान परिवारों के ही बच्चे हैं। ऐसे में किसी भी किसान पर गलत तरीके से ज्यादती नहीं होने दी जाएगी।
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मुकदमा वापस लेना शिकायतकर्ता के ही हाथ में : एसडीएम
किसानों को समझाने के लिए पहुंचे एसडीएम गौरव अंतिल ने कहा कि 2 जून को गुरनाम सिंह चढूनी व स्थानीय किसान नेताओं की बनी 15 सदस्यीय कमेटी के साथ समझौता हो गया था। प्रशासन ने तीन दिन का समय मांगा था। 7 जून तक इंतजार करने की घोषणा हो गई थी। उसके बावजूद 200 से अधिक लोग विधायक के आवास की तरफ चले गए, जिन्होंने अपने ही नेताओं के निर्देशों की अवहेलना की। ऐसे लोगों ने प्रशासन के साथ हुई बातचीत को भी नहीं माना। एसडीएम ने कहा कि इन मुकदमों को वापस लेना प्रशासन के हाथ में नही है। शिकायतकर्ता ही केस वापस ले सकता है। अगर शिकायतकर्ता केस वापस नहीं लेगा, तो पुलिस प्रशासन को तो आगामी प्रक्रिया में काम करना ही पड़ेगा।
प्रशासन ने छापे व गिरफ्तारी प्रक्रिया नहीं रोकी तो बनाएंगे आगामी रणनीति
इस दौरान भाकियू (नैन) प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र नैन ने कहा कि प्रशासन द्वारा किसानों के घरों में बिना कोई सूचना दिए अलसुबह छापे मारे जा रहे हैं। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इस कार्रवाई की वह निंदा करते हैं। प्रशासन ने छापे मारने बंद नहीं की तो वे आंदोलन की रूपरेखा बनाने को मजबूर होंगे। इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्यों को भी अवगत करवाया गया है।

कन्हड़ी के ग्रामीणों में दिखा रोष
गांव कन्हड़ी में भी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम गई। इसकी सूचना ग्रामीणों को मिलने के बाद उन्होंने रोष जताया। कुछ ग्रामीणों ने एकत्रित होकर चेतावनी दी कि अगली बार पुलिस प्रशासन की कोई टीम दबिश देने गांव में न आएं, अन्यथा जो कुछ होगा, उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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