समैन। टोहाना खंड के गांव पिरथला के रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर 15 गांवों के ग्रामीणों ने रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक दिवसीय धरना दिया। इस धरने में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी शिरकत की। इस दौरान रेलवे विभाग की तरफ से रेलवे स्टेशन पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था।धरने में गांव पिरथला सहित गांव समैन, पारता, ललोदा, ठरवा, ठरवी, डांगरा, बिढाई खेड़ा, कन्हड़ी, फतेहपुरी, गाजुवाला, हांसेवाला सहित 15 गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता गांव बिढाई खेड़ा से जगदीश नंबरदार ने की। रेलवे स्टेशन पर यह धरना सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक चला। किसान नेता राकेश टिकैत ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को संबोधित किया व उसके बाद रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। रेलवे की तरफ से डीएसपी अशोक कुमार व स्टेशन मास्टर हरभजन नूणा ने ज्ञापन लिया। ज्ञापन देने के बाद राकेश टिकैत ने रेलवे अधिकारियों से कहा कि वह उन्हें 12 अक्तूबर तक को समय दे रहे हैं, यदि इस समय तक उनकी मांग नहीं मानी गई तो 12 अक्तूबर के बाद पिरथला रेलवे स्टेशन पर बड़ा आंदोलन होगा।
किसान नेता रमेश कुमार डांगरा ने बताया कि पिरथला रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से पहले पांच ट्रेनों का ठहराव होता था। कोरोना काल के दौरान यहां इस रेलवे स्टेशन पर सभी तरह की ट्रेनों का ठहराव रोक दिया गया। उसके बाद इस रेलवे स्टेशन पर दोबारा से कोई भी ट्रेन नही रोकी गई। अब इस रेलवे स्टेशन पर सिर्फ एक ट्रेन का ठहराव होता है। रमेश कुमार ने बताया कि इस रेलवे स्टेशन से हिसार जाने के लिए सैकड़ों की संख्या में छात्र, दुकानदार, किसान, कारोबारी, सरकारी कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें हिसार जाने के लिए अन्य वाहनों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। धरने में किसान नेता जोगिंदर नैन, रतिया से किसान नेता मनदीप नथवान, जगतार सिंह,रणजीत ढिल्लो, लाभ सिंह, सज्जन सिंह, दलबीर सिंह, पूर्व सरपंच मनोहर लाल मुख्य रूप से शामिल हुए।