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Fatehabad News: किसान आंदोलन का रोडवेज पर भारी असर, 10 दिन में 20 लाख का नुकसान
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फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड पर खड़ी हरियाणा रोडवेज की बस। संवाद
फतेहाबाद। किसान आंदोलन के चलते बंद हुए रास्तों के कारण जिले से पंजाब को जाने वाली बसों का संचालन पिछले 10 दिनाें से रुका हुआ है। यही नहीं फतेहाबाद से रतिया व अंबाला से होकर चंडीगढ़ जाने वाली बसों का रूट भी बढ़ गया है। गांवों से होकर इन बसों को निकाला जा रहा है। जिस कारण रोडवेज का तेल भाड़ा तो बढ़ा ही है, साथ ही रूट बंद होने से रोडवेज को 10 दिन में 20 लाख रुपये कर नुकसान हुआ है।
फतेहाबाद में किसान आंदोलन के चलते 10 फरवरी को रतिया से पंजाब बुढ़लाडा जाने वाले मार्ग पर बैरिकेड्स लगाकर इसे बंद कर दिया था। इसी प्रकार टोहाना में पंजाब को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-148बी, हांसपुर रोड को बंद कर दिया गया। 14 फरवरी को रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर से जब हरियाणा के किसानों ने दिल्ली के लिए कूच किया तो प्रशासन ने फतेहाबाद से रतिया को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर गांव अयाल्की के रंगोई नाले पर बैरिकेडिंग करके यहां पर गड्ढ़े खोद दिए। जिस कारण फतेहाबाद का रतिया व पंजाब से संपर्क पूरी तरह से टूट गया। इसके अलावा फतेहाबाद से वाया दरियापुर होकर सरदूलगढ़ का रूट भी बंद कर दिया गया। फतेहाबाद व टोहाना से पंजाब के पातड़ा होकर चंडीगढ़ को जाने वाली बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है। वैष्णों देवी के लिए कटड़ा जाने वाली बसों का भी संचालन रुक गया है।
रतिया व चंडीगढ़ के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का सहारा
फतेहाबाद से रतिया की स्टेट हाईवे पर दूरी 24 किलोमीटर है, लेकिन अयाल्की के पास नाका लगा होने की वजह से रोडवेज को वाया गांव भिरडाना, अयाल्की, अहरवां होकर बसों का संचालन करना पड़ रहा है। इसी प्रकार रतिया के लिए दूसरा रास्ता वाया ढाणी ठोबा, अयाल्की से रतिया है। जिस कारण बसों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है और यात्रियों को भी अपने गंतव्य तक जाने के लिए लंबे समय का इंतजार करना पड़ रहा है। अमुमन बस में सीधे रास्ते से रतिया के लिए आधा घंटे का रास्ता है, लेकिन अब लोगों को 1-1 घंटे बाद ही रतिया या फतेहाबाद पहुंचना पड़ रहा है।
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रोडवेज को प्रतिदिन 2 लाख रुपये का नुकसान
पंजाब के रूटों पर बसें न चलने के कारण रोडवेज को पिछले 10 दिनों में 20 लाख रुपये तक का नुकसान हो चुका है। अभी आगे भी बसों के चलने की कोई उम्मीद नहीं है और रोडवेज का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। फतेहाबाद से पंजाब के सभी क्षेत्रों में जाने वाली बसों के करीब 40 फेरे बंद पड़े हैं। रोडवेज को सभी रूटों पर प्रतिदिन 2 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
कोट
पंजाब क्षेत्र में फतेहाबाद से बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है। जिसका नुकसान रोडवेज को हो रहा है। पिछले 10 दिनों में करीब 20 लाख का नुकसान हो चुका है। रतिया व अंबाला के लिए बसें गांवों से निकालकर चलाई जा रही हैं। लेकिन इनकी संख्या भी कम है, क्योंकि यात्री भी इतने नहीं आ रहे हैं। रोडवेज की सभी बसों का प्रतिदिन का सफल 40 से 42 हजार किलोमीटर था, लेकिन अब यह घटकर 33 से 34 हजार किलोमीटर घटकर रह गया है।
-रामसिंह ढाका, डिपो इंचार्ज, बस स्टैंड, फतेहाबाद
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फतेहाबाद में किसान आंदोलन के चलते 10 फरवरी को रतिया से पंजाब बुढ़लाडा जाने वाले मार्ग पर बैरिकेड्स लगाकर इसे बंद कर दिया था। इसी प्रकार टोहाना में पंजाब को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-148बी, हांसपुर रोड को बंद कर दिया गया। 14 फरवरी को रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर से जब हरियाणा के किसानों ने दिल्ली के लिए कूच किया तो प्रशासन ने फतेहाबाद से रतिया को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर गांव अयाल्की के रंगोई नाले पर बैरिकेडिंग करके यहां पर गड्ढ़े खोद दिए। जिस कारण फतेहाबाद का रतिया व पंजाब से संपर्क पूरी तरह से टूट गया। इसके अलावा फतेहाबाद से वाया दरियापुर होकर सरदूलगढ़ का रूट भी बंद कर दिया गया। फतेहाबाद व टोहाना से पंजाब के पातड़ा होकर चंडीगढ़ को जाने वाली बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है। वैष्णों देवी के लिए कटड़ा जाने वाली बसों का भी संचालन रुक गया है।
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रतिया व चंडीगढ़ के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का सहारा
फतेहाबाद से रतिया की स्टेट हाईवे पर दूरी 24 किलोमीटर है, लेकिन अयाल्की के पास नाका लगा होने की वजह से रोडवेज को वाया गांव भिरडाना, अयाल्की, अहरवां होकर बसों का संचालन करना पड़ रहा है। इसी प्रकार रतिया के लिए दूसरा रास्ता वाया ढाणी ठोबा, अयाल्की से रतिया है। जिस कारण बसों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है और यात्रियों को भी अपने गंतव्य तक जाने के लिए लंबे समय का इंतजार करना पड़ रहा है। अमुमन बस में सीधे रास्ते से रतिया के लिए आधा घंटे का रास्ता है, लेकिन अब लोगों को 1-1 घंटे बाद ही रतिया या फतेहाबाद पहुंचना पड़ रहा है।
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रोडवेज को प्रतिदिन 2 लाख रुपये का नुकसान
पंजाब के रूटों पर बसें न चलने के कारण रोडवेज को पिछले 10 दिनों में 20 लाख रुपये तक का नुकसान हो चुका है। अभी आगे भी बसों के चलने की कोई उम्मीद नहीं है और रोडवेज का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। फतेहाबाद से पंजाब के सभी क्षेत्रों में जाने वाली बसों के करीब 40 फेरे बंद पड़े हैं। रोडवेज को सभी रूटों पर प्रतिदिन 2 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
कोट
पंजाब क्षेत्र में फतेहाबाद से बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है। जिसका नुकसान रोडवेज को हो रहा है। पिछले 10 दिनों में करीब 20 लाख का नुकसान हो चुका है। रतिया व अंबाला के लिए बसें गांवों से निकालकर चलाई जा रही हैं। लेकिन इनकी संख्या भी कम है, क्योंकि यात्री भी इतने नहीं आ रहे हैं। रोडवेज की सभी बसों का प्रतिदिन का सफल 40 से 42 हजार किलोमीटर था, लेकिन अब यह घटकर 33 से 34 हजार किलोमीटर घटकर रह गया है।
-रामसिंह ढाका, डिपो इंचार्ज, बस स्टैंड, फतेहाबाद