फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Farmers left for Tikri border with water and soil in Kanwar

कांवड़ में जल और मिट्टी लेकर टीकरी बॉर्डर रवाना हुए किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jul 2021 11:15 PM IST
विज्ञापन
Farmers left for Tikri border with water and soil in Kanwar
कांवड़ के साथ रवाना होते किसान। - फोटो : Fatehabad
हर साल शिव भक्त सावन महीने में गंगाजल के साथ कांवड़ लेकर आते हैं। इस बार कोरोना महामारी के कारण कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है। हालांकि किसान आंदोलन चल के मद्देनजर युवाओं ने किसान आंदोलन में जल व मिट्टी लेकर कांवड़ ले जाने का फैसला लिया है। इसी क्रम में गांव जांडली कलां से किसान प्रदीप रोहिल्ला की अध्यक्षता में टीकरी बॉर्डर दिल्ली के लिए कृषि कानून का विरोध जताते हुए यह कांवड़ यात्रा शनिवार शाम को रवाना हुई और रविवार दोपहर आंदोलन के गीत बजाते हुए टीकरी बॉर्डर धरने पर पहुंच गए।
विज्ञापन

किसान आंदोलन में धरना स्थल पर स्टेज बनाने के लिए जांडली कलां गांव से मिट्टी व पानी लेकर डाक कांवड़ के रूप में पिकअप गाड़ी गई है। इस गाड़ी में करीब बीस किसान शामिल होकर टीकरी बॉर्डर दिल्ली के लिए गए हैं। बकायदा पिकअप पर डीजे लगाया गया है, जैसे आमतौर पर कांवड़ लाने वाले शिव भक्त लगाते हैं।
विज्ञापन

माना जा रहा है कि गांव जांडली कलां के युवा किसानों ने आंदोलनरत किसानों में जोश भरने के लिए यह अनोखी शुरुआत की है। किसान यह कांवड़ लेकर टीकरी बॉर्डर पर धरने के लिए रवाना हुए हैं। यहां से दिल्ली तक करीब 180 किलोमीटर का पैदल सफर तय करके टिकरी बॉर्डर पहुंचेंगे। इसके बाद कांवड़ को टिकरी बॉर्डर पर किसान धरने के स्टेज पर अर्पित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान प्रदीप ने बताया कि युवाओं को खेती व आंदोलन से जोड़ने के लिए यह सब कर रहे हैं। रवानगी से पहले गांव के बुजुर्गों की मीटिंग हुई थी, जिसमें इस किसान कांवड़ यात्रा के बारे में सहमति बनी थी। गांव के ही 21 युवाओं की ड्यूटी लगाई गई थी। कांवड़ यात्रा में जहां भगवान शंकर का गुणगान किया जाता है। वहीं इस यात्रा में किसान आंदोलन से जुड़े गीत बजाए जा रहे हैं। उनकी यात्रा जिस भी गांव से निकल रही है, वहां के लोग भी उनको समर्थन दे रहे हैं। प्रदीप ने कहा है कि इस आंदोलन ने किसानों को एकजुट किया है। यह आंदोलन आने वाली सरकार के लिए भी चेतावनी है कि किसान अपने ऊपर होने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed