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Fatehabad News: अयाल्की के पास 16 दिनों से पक्का मोर्चा लगाकर डटे हैं किसान
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फतेहाबाद। फतेहाबाद में किसान आंदोलन को लेकर 11 फरवरी से पंजाब को जाने वाले सभी मुख्य मार्ग अभी भी बंद हैं। वहीं गांव अयाल्की के पास अभी भी किसान डटे हुए हैं और यहां पर पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। किसानों का कहना है कि 3 मार्च को पुलिस की गोली लगने से शहीद हुए किसान शुभकरण के भोग के बाद संयुक्त किसान मोर्चा अगला निर्णय लेगा।
ज्ञात रहे कि पंजाब के किसानों द्वारा दिल्ली कूच का ऐलान करने के बाद से ही फतेहाबाद प्रशासन अलर्ट हो गया था। पंजाब के किसानों को फतेहाबाद की सीमा में घुसने देने के लिए हांसपुर, रतिया के रोझांवाली के सेम नाले, टोहाना के नेशनल हाइवे 148-बी पर बड़े-बड़े सीमेंट के ब्लाॅक लगाकर व कंटीली तारों को लगाकर पक्के नाके बना दिए गए। इसके बाद 14 फरवरी को जब रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर से अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के किसानों ने दिल्ली के लिए कूच किया तो फतेहाबाद के गांव अयाल्की के पास रंगोई नाले पर प्रशासन ने सड़क खोदवाकर जहां गहरी खाई बना दी थी, वहीं यहां पर भी बड़े-बड़े बैरिकेड्स व कंटीले तारों के अलावा बुलडोजर लगा दिए, ताकि किसान नाके को न तोड़ पाएं। तब से अयाल्की गांव के पास किसान पक्का मोर्चा लगाकर बैठे हैं। किसान यहीं पर खाना पीना तैयार कर रहे हैं और सरकार के खिलाफ धरना देकर ब्यानबाजी भी कर रहे हैं। वहीं पंजाब को जाने वाले मुख्य मार्ग बंद होने के कारण सरदूलगढ़, बुढलाडा, पंजाब से होकर चंडीगढ़, कटरा के लिए बसों का संचालन अभी तक नहीं हो पाया है, जिस कारण यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान नेता राम जाट ने बताया कि जब तक एमएसपी पर सरकार कोई सही निर्णय नहीं लेती, उनका धरना अयाल्की में जारी रहेगा। 3 मार्च को शहीद किसान शुभकरण का भोग डाला जाएगा, उसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा जो निर्णय लेगा, उसकी पालन की जाएगी।
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ज्ञात रहे कि पंजाब के किसानों द्वारा दिल्ली कूच का ऐलान करने के बाद से ही फतेहाबाद प्रशासन अलर्ट हो गया था। पंजाब के किसानों को फतेहाबाद की सीमा में घुसने देने के लिए हांसपुर, रतिया के रोझांवाली के सेम नाले, टोहाना के नेशनल हाइवे 148-बी पर बड़े-बड़े सीमेंट के ब्लाॅक लगाकर व कंटीली तारों को लगाकर पक्के नाके बना दिए गए। इसके बाद 14 फरवरी को जब रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर से अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के किसानों ने दिल्ली के लिए कूच किया तो फतेहाबाद के गांव अयाल्की के पास रंगोई नाले पर प्रशासन ने सड़क खोदवाकर जहां गहरी खाई बना दी थी, वहीं यहां पर भी बड़े-बड़े बैरिकेड्स व कंटीले तारों के अलावा बुलडोजर लगा दिए, ताकि किसान नाके को न तोड़ पाएं। तब से अयाल्की गांव के पास किसान पक्का मोर्चा लगाकर बैठे हैं। किसान यहीं पर खाना पीना तैयार कर रहे हैं और सरकार के खिलाफ धरना देकर ब्यानबाजी भी कर रहे हैं। वहीं पंजाब को जाने वाले मुख्य मार्ग बंद होने के कारण सरदूलगढ़, बुढलाडा, पंजाब से होकर चंडीगढ़, कटरा के लिए बसों का संचालन अभी तक नहीं हो पाया है, जिस कारण यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान नेता राम जाट ने बताया कि जब तक एमएसपी पर सरकार कोई सही निर्णय नहीं लेती, उनका धरना अयाल्की में जारी रहेगा। 3 मार्च को शहीद किसान शुभकरण का भोग डाला जाएगा, उसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा जो निर्णय लेगा, उसकी पालन की जाएगी।
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