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Fatehabad News: बोरियों में सड़ रही किसानों की मेहनत, प्रशासनिक उपेक्षा से भीग गई फसल

Wed, 08 Oct 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 08 Oct 2025 11:25 PM IST
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Farmers' hard work rots in sacks, crops damaged by administrative neglect.
फतेहाबाद की नई अनाज मंडी में बार-बार भीगने के बाद खराब हो धान की ढेरी को बिछाता किसान। संवाद
फतेहाबाद। जिले में पिछले दो दिनों हुई बेमौसम बारिश से अनाज मंडियों में रखी धान की फसल सड़कर अंकुरित होने लगी है। बारिश के बाद धान की कटाई प्रभावित हुई है। इससे अनाज मंडियों में धान की आवक बंद हो गई है। किसानों की छ महीने की मेहनत पर पानी फिर गया है। फिलहाल किसान मंडी में ही रखकर धान की फसल को सुखाने में लगे हैं।
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जिले की अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा करीब 12 हजार मीट्रिक टन धान दो बार हुई मूसलाधार बारिश की चपेट में आ चुका है। पहली बार भीगने के बाद किसान और आढ़ती जैसे-तैसे फसल को सुखाने की कोशिश कर ही रहे थे कि दोबारा हुई तेज बारिश ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नमी की मात्रा अत्यधिक बढ़ने से धान की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई है। पिछले तीन दिनों से लगातार गीला रहने के बाद धान की फसल का बोरियों में ही अंकुरण शुरू हो गया है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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मंडी में नहीं है फसल सुखाने की जगह



धान की खरीद बंद होने से आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई है। मंडी में पहले से ही हजारों क्विंटल धान पड़ा हुआ है। तेज बारिश के बावजूद मंडी प्रशासन की तरफ से तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। आढ़ती अब अपने सीमित संसाधनों से धान को ढकने और सुखाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। धान में अब नमी की मात्रा अधिक बढ़ गई है। इससे खरीद एजेंसियां ने भी धान लेने से इनकार कर रही हैं। अगर मौसम साफ भी होता है, तो इसे सुखाने में कई दिन लगेंगे और तब तक दाने खराब हो जाएंगे।
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गीले धान का हो रहा है विलंब से उठान



बारिश से पहले जिस गीले धान की खरीद सरकारी खरीद एजेंसियों ने शुरू की गई थी, उसका उठान में देरी होने से मंडी में धान का ढेर लगा हुआ है और उठान की धीमी गति के कारण मंडियों में भीड़ और अधिक बढ़ रही है। नमी के कारण धान की गुणवत्ता गिर रही है और जो धान मंडियों में पड़ा है, वह सड़ने लगा है।




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अनाज मंडियों में रखा धान खरीद एजेंसियों का है, ज्यादातर धान की ढेरियों को बारिश से पहले ढक दिया गया था। इसके बावजूद भी कोई धान की ढेरी भीगी है तो उसको सुखने के बाद खरीद की जाएगी।

यशपाल मेहता, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।
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