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Fatehabad News: पॉलिथीन मुक्त शहर का दावा झूठा, 12 माह में काटे सिर्फ 15 चालान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jun 2023 11:27 PM IST
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False claim of polythene free city, cut only 15 challans in 12 months
फतेहाबाद। पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार ने पिछले साल एक जुलाई को सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगा दिया था। लेकिन बावजूद इसके सिंगल यूज प्लास्टिक व पॉलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। प्रशासन भी इस पर रोक लगाने में नाकाम रहा है। जानकर हैरानी होगी कि एक साल में नगर परिषद सख्ती के नाम पर सिर्फ 15 चालान ही काट पाया है। इन पर भी मात्र 20 हजार तक ही चालान हुआ है।
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बाजार में पहले की तरह ही सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन की बिक्री हो रही है। यहां तक कि जागरूकता कार्यक्रम भी नहीं आयोजित किए गए है। नगर परिषद की तरफ से आठ केस कोर्ट में है। इन पर अभी फैसला नहीं आया है। शहर में से रोजाना 35 से 40 टन कचरा निकल रहा है। निजी एजेंसी डोर टू डोर कचरे का उठान कर रही है। जानकर हैरानी होगी कि करीब 2 टन पॉलिथीन शहर से निकल रहा है। लेकिन बावजूद इसके पॉलिथीन पर सख्ती नहीं है। संवाद
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इन सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगी थी रोक
पिछले साल कम गुणवत्ता और ज्यादा प्रदूषण की क्षमता वाली पहचानी गई एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। सिंगल यूज प्लास्टिक के तहत प्रतिबंधित चीज में डंडियों वाले ईयर बड, बलून स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, लॉलीपॉप की डंडी, आइसक्रीम की डंडी, थर्माकोल के सजावटी सामान, प्लेट्स, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, मिठाई के डिब्बे पर लगने वाली पन्नी, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक और पीवीसी बैनर आदि शामिल है।
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थ्री आर सेंटर भी हुआ फेल
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर परिषद में थ्री आर सेंटर खोला गया था। यहां पर कोई व्यक्ति रिड्यूज, रिसाइकिल और रिसाइकिल से संबंधित वस्तु को जमा करवा सकता था। लेकिन जागरूकता के अभाव में ये सेंटर फेल हो गया है। एक भी सामान यहां पर जमा नहीं हुआ है। जबकि शहरवासी पुराने कपड़े, जूते, खिलौने, ई वेस्ट बोतल, प्लास्टिक का सामान आदि जमा करवा सकते थे। इसका मकसद कचरे का कम करना था।


ये है शहर की स्थिति
शहर में वार्ड : 29
जनसंख्या : 90 हजार
रोजाना निकल रहा कचरा : 35 से 40 टन
कोट
सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर सख्ती की जाएगी। मुनादी करवाई जा रही है और लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि इसका प्रयोग न करें। अगर कहीं पर स्टॉक मिलता है तो 500 रुपये से 25 हजार रुपये तक का चालान किया जाएगा।
-कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन
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