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Fatehabad News: जच्चा-बच्चा वार्ड में होगा हर कॉल का हिसाब, डिलिवरी के दौरान विशेषज्ञ को फोन करने से अस्पताल पहुंचने तक दर्ज होगा समय
Wed, 23 Sep 2026 10:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 23 Sep 2026 10:10 PM IST
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की सुरक्षा पर उठ रहे सवालों के बीच अब महिला रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता का पूरा हिसाब रखा जाएगा। जच्चा-बच्चा वार्ड में कॉल रजिस्टर शुरू किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ को कब फोन किया गया वह कितनी देर में अस्पताल पहुंचीं और यदि नहीं पहुंचीं तो कारण क्या रहा इसका रिकॉर्ड दर्ज होगा।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार विशेषज्ञ को कॉल मिलने के 10 से 15 मिनट में अस्पताल पहुंचना होगा। केवल फोन पर सुझाव देकर औपचारिकता पूरी नहीं की जा सकेगी। नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 10 से 15 महिलाओं की डिलिवरी होती हैं।
प्रसव के दौरान आपात स्थिति में विशेषज्ञ की समय पर उपलब्धता अहम है। हाल के मामलों में डिलिवरी के दौरान शिशु की मौत होने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। इन मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। हालांकि फिलहाल कार्रवाई जांच तक ही सीमित है। पहले भी आशा वर्कर से लेकर महिला रोग विशेषज्ञ पर आरोप लग चुके हैं। इन मामलों में भी जांच चल रही है।
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हाल ही में रोहतक की टीम ने 209 प्रसूताओं का रिकॉर्ड तलब किया है। टीम इनसे फीडबैक लेगी कि डिलिवरी के दौरान किसी को पैसे तो नहीं दिए गए। अस्पताल में तीन महिला रोग विशेषज्ञों के अलावा महिला मेडिकल ऑफिसर और अन्य प्रशिक्षित स्टाफ भी तैनात है। कॉल रजिस्टर से विशेषज्ञ की उपलब्धता और अस्पताल पहुंचने के समय की निगरानी हो सकेगी।
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अस्पताल प्रबंधन के अनुसार विशेषज्ञ को कॉल मिलने के 10 से 15 मिनट में अस्पताल पहुंचना होगा। केवल फोन पर सुझाव देकर औपचारिकता पूरी नहीं की जा सकेगी। नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 10 से 15 महिलाओं की डिलिवरी होती हैं।
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प्रसव के दौरान आपात स्थिति में विशेषज्ञ की समय पर उपलब्धता अहम है। हाल के मामलों में डिलिवरी के दौरान शिशु की मौत होने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। इन मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। हालांकि फिलहाल कार्रवाई जांच तक ही सीमित है। पहले भी आशा वर्कर से लेकर महिला रोग विशेषज्ञ पर आरोप लग चुके हैं। इन मामलों में भी जांच चल रही है।
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हाल ही में रोहतक की टीम ने 209 प्रसूताओं का रिकॉर्ड तलब किया है। टीम इनसे फीडबैक लेगी कि डिलिवरी के दौरान किसी को पैसे तो नहीं दिए गए। अस्पताल में तीन महिला रोग विशेषज्ञों के अलावा महिला मेडिकल ऑफिसर और अन्य प्रशिक्षित स्टाफ भी तैनात है। कॉल रजिस्टर से विशेषज्ञ की उपलब्धता और अस्पताल पहुंचने के समय की निगरानी हो सकेगी।