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Fatehabad News: फतेहाबाद के जिला बनने के 27 साल बाद भी पानी निकासी सबसे बड़ा मुद्दा
Sun, 08 Sep 2024 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 08 Sep 2024 12:54 AM IST
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फतेहाबाद। जिला बनने के 27 वर्ष बाद भी शहर से लेकर गांवों तक के नागरिक पानी निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। पानी निकासी के सबसे बड़े स्रोतों में शामिल गांवों के तालाबों अवैध कब्जों के चलते सिकुड़ गए हैं। हालत ऐसी है कि गांवों की नालियों में गंदा पानी भरा रहता है। इससे जहां जलजनित रोग बढ़ रहे हैं, वहीं बदबू भरे माहौल में लोगों का रहना मुश्किल हो चुका है।
दरअसल, जिले में कुल 260 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 150 से भी अधिक में लोग पानी निकासी की समस्या से परेशान हैं। जिले के शहरों में फतेहाबाद, टोहाना, रतिया, भूना, जाखल में भी पानी निकासी के कोई बेहतर प्रबंध नहीं है। बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। भूना शहर तो दो वर्ष पूर्व बारिश के दिनों में बाढ़ जैसे हालात झेल चुका है। गांवों और शहरों में पानी निकासी के उचित प्रबंधों को लेकर न प्रशासन और न ही सरकार ने कोई प्रभावी कदम उठाए हैं। करोड़ों रुपये खर्च करके पाइप लाइन डालने के बावजूद भी हालात ज्यों के त्यों बने रहते हैं।
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हर साल जूझते हैं शहरवासी
जिला मुख्यालय के शहर फतेहाबाद से लेकर भूना, जाखल, टोहाना, रतिया में बारिश के दौरान हर क्षेत्र में पानी जमा हो जाता है। बाद में कुछ एरिया में तो थोड़ी देर बाद निकासी हो जाती है। मगर निचले इलाकों में कई दिनों तक पानी जमा रहता है। हर साल जल निकासी की परेशानी से शहरवासी जूझते हैं। दुकानदारों को कई-कई दिनों तक दुकानों को बंद करके बैठना पड़ता है। दुकानों में बेसमेंट में पानी भरने से दुकानदारों को आर्थिक हानि भी झेलनी पड़ती है। फतेहाबाद शहर से बाहर बनी कॉलोनियों को वैध करके लोगों को रजिस्ट्री करवाने की अनुमति तो दे दी गई है, लेकिन जल निकासी नहीं होने के कारण लोगों का इन कॉलोनियों में रह पाना मुश्किल हो गया है। फतेहाबाद की हरनाम कॉलोनी, स्वामी नगर, हंस कॉलाेनी और अशोक नगर आदि में जल निकासी की सबसे बड़ी समस्या है। यहां घरों के आसपास गंदा पानी भरा रहता है। पिछले दिनों लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। मगर अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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जल निकासी नहीं होने के कारण पूरे साल मोहल्ले में पानी जमा रहता है। बारिश के दिनों में लोगों का घरों से बाहर से निकलना मुश्किल हो जाता है। दो वर्ष पहले पानी निकासी के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रिचार्ज बोर करवाए गए थे, अब ये बोर भी ब्लॉक हो गए हैं। इस कारण जलभराव की समस्या पैदा हो रही है। इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल सका है।
-रानी देवी, निवासी, हरनाम कॉलोनी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद में स्थित जवाहर चौक शहर के सबसे पुराने मोहल्लों में शामिल है और शहर का सबसे व्यस्त चौक है। इस चौक पर जल निकासी की नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पूरे शहर का पानी यहां इकट्ठा हो जाता है। जिसके कारण दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ती हैं। जिससे व्यापार प्रभावित होता है। वहीं जमा पानी के कारण शहर को लोगो की आवाजाही बंद हो जाती है।
- विकास उतरेजा, दुकानदार, फतेहाबाद
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भट्टू मंडी में जल निकासी की समस्या शुरू से ही रही है। इसको लेकर शहर के लोगों ने अधिकारियों से लेकर विधायक तब से स्थायी समाधान की मांग की थी। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जल निकासी के लिए पाइप लाइन डाली गई। मगर बारिश के दौरान इन पाइपों से जल निकासी नहीं हो सकी है। इस कारण मंडी में बारिश का पानी जमा रहता है।
-सुभाष कुमार, दुकानदार, भट्टू मंडी
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जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण मोहल्ले में घरों का पानी जमा रहता है। इससे मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और रोग फैल रहे हैं। बारिश के दिनों में लोगों के घरों में पानी भरने से घर का सामान खराब होने तक की नौबत आ जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक वर्ष से जल निकासी के लिए पाइप डालने के काम को पूरा नहीं किया है।
-अमित जैन, डेरेवाल मोहल्ला, फतेहाबाद
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फतेहाबाद शहर में जलभराव को खत्म करने के लिए कई काम हुए हैं। इससे पहले से व्यवस्था में सुधार हुआ है। भूना में भी काम हो रहा है। गांवों में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार करवाया गया है।
-दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद
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दरअसल, जिले में कुल 260 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 150 से भी अधिक में लोग पानी निकासी की समस्या से परेशान हैं। जिले के शहरों में फतेहाबाद, टोहाना, रतिया, भूना, जाखल में भी पानी निकासी के कोई बेहतर प्रबंध नहीं है। बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। भूना शहर तो दो वर्ष पूर्व बारिश के दिनों में बाढ़ जैसे हालात झेल चुका है। गांवों और शहरों में पानी निकासी के उचित प्रबंधों को लेकर न प्रशासन और न ही सरकार ने कोई प्रभावी कदम उठाए हैं। करोड़ों रुपये खर्च करके पाइप लाइन डालने के बावजूद भी हालात ज्यों के त्यों बने रहते हैं।
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हर साल जूझते हैं शहरवासी
जिला मुख्यालय के शहर फतेहाबाद से लेकर भूना, जाखल, टोहाना, रतिया में बारिश के दौरान हर क्षेत्र में पानी जमा हो जाता है। बाद में कुछ एरिया में तो थोड़ी देर बाद निकासी हो जाती है। मगर निचले इलाकों में कई दिनों तक पानी जमा रहता है। हर साल जल निकासी की परेशानी से शहरवासी जूझते हैं। दुकानदारों को कई-कई दिनों तक दुकानों को बंद करके बैठना पड़ता है। दुकानों में बेसमेंट में पानी भरने से दुकानदारों को आर्थिक हानि भी झेलनी पड़ती है। फतेहाबाद शहर से बाहर बनी कॉलोनियों को वैध करके लोगों को रजिस्ट्री करवाने की अनुमति तो दे दी गई है, लेकिन जल निकासी नहीं होने के कारण लोगों का इन कॉलोनियों में रह पाना मुश्किल हो गया है। फतेहाबाद की हरनाम कॉलोनी, स्वामी नगर, हंस कॉलाेनी और अशोक नगर आदि में जल निकासी की सबसे बड़ी समस्या है। यहां घरों के आसपास गंदा पानी भरा रहता है। पिछले दिनों लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। मगर अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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जल निकासी नहीं होने के कारण पूरे साल मोहल्ले में पानी जमा रहता है। बारिश के दिनों में लोगों का घरों से बाहर से निकलना मुश्किल हो जाता है। दो वर्ष पहले पानी निकासी के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रिचार्ज बोर करवाए गए थे, अब ये बोर भी ब्लॉक हो गए हैं। इस कारण जलभराव की समस्या पैदा हो रही है। इस समस्या को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल सका है।
-रानी देवी, निवासी, हरनाम कॉलोनी, फतेहाबाद
फतेहाबाद में स्थित जवाहर चौक शहर के सबसे पुराने मोहल्लों में शामिल है और शहर का सबसे व्यस्त चौक है। इस चौक पर जल निकासी की नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पूरे शहर का पानी यहां इकट्ठा हो जाता है। जिसके कारण दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ती हैं। जिससे व्यापार प्रभावित होता है। वहीं जमा पानी के कारण शहर को लोगो की आवाजाही बंद हो जाती है।
- विकास उतरेजा, दुकानदार, फतेहाबाद
भट्टू मंडी में जल निकासी की समस्या शुरू से ही रही है। इसको लेकर शहर के लोगों ने अधिकारियों से लेकर विधायक तब से स्थायी समाधान की मांग की थी। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जल निकासी के लिए पाइप लाइन डाली गई। मगर बारिश के दौरान इन पाइपों से जल निकासी नहीं हो सकी है। इस कारण मंडी में बारिश का पानी जमा रहता है।
-सुभाष कुमार, दुकानदार, भट्टू मंडी
जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण मोहल्ले में घरों का पानी जमा रहता है। इससे मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और रोग फैल रहे हैं। बारिश के दिनों में लोगों के घरों में पानी भरने से घर का सामान खराब होने तक की नौबत आ जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक वर्ष से जल निकासी के लिए पाइप डालने के काम को पूरा नहीं किया है।
-अमित जैन, डेरेवाल मोहल्ला, फतेहाबाद
फतेहाबाद शहर में जलभराव को खत्म करने के लिए कई काम हुए हैं। इससे पहले से व्यवस्था में सुधार हुआ है। भूना में भी काम हो रहा है। गांवों में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार करवाया गया है।
-दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद