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Fatehabad News: बीडीपीओ के नए भवन का एस्टीमेट मुख्यालय के पास भेजा, अब मंजूरी का इंतजार
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फतेहाबाद के कंडम हुए बीडीपीओ कार्यालय की नई बिल्डिंग के लिए चयनित स्थान। संवाद
- फोटो : संवाद
फतेहाबाद। शहर के पंचायत भवन के पास बने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। कई साल पहले जर्जर घोषित हो चुके पुराने भवन को करीब तीन माह पहले तोड़ दिया गया था, लेकिन उसके स्थान पर करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए भवन का प्रोजेक्ट अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
मुख्यालय से मंजूरी न मिलने के कारण यह प्रोजेक्ट अभी तक अटका हुआ है, जिस कारण खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय की तकनीकी शाखा के अधिकारियों, कर्मचारियों और सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नए भवन का निर्माण कार्य शुरू न होने की वजह से बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को काम चलाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
पूरा कार्यालय इस समय सिर्फ पांच छोटे कमरों में सिमट कर रह गया है। कम जगह होने के कारण फाइलों और रिकॉर्ड को रखने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों को बैठने और काम करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। एक ही जगह पर कई कर्मचारियों के बैठने से काम-काज का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
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तकनीकी शाखा को डीपीआरसी भवन में किया गया है शिफ्ट
बीडीपीओ कार्यालय की तकनीकी शाखा को डीपीआरसी हाल में शिफ्ट किया गया है। जिस कारण ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि को काफी दिक्कत हो रही है। पहले एक जगह कार्यालय थे, जिस कारण दिक्कत नहीं होती थी, लेकिन अब पंचायत के कामों को लेकर दो जगहों पर जाना पड़ता है। वहीं फतेहाबाद के बीडीपीओ व अन्य कार्यालय भी राजीव गांधी सेवा केंद्र में चल रहे हैं।
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पंचायती राज विभाग ने भेजा एस्टीमेट
पंचायती राज विभाग ने नए बीडीपीओ कार्यालय भवन के निर्माण का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेज दिया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। हालांकि, मुख्यालय स्तर पर यह फाइल कहां अटकी है और इसे कब तक मंजूरी मिलेगी, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।
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नए भवन का एस्टीमेट मुख्यालय के पास मंजूरी के लिए गया हुआ है। मुख्यालय की ओर से कब तक मंजूरी दी जाएगी। इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सकते। लेकिन जैसे ही मंजूरी मिलेगी, उसके बाद काम को तेजी से करवाया जाएगा।
- अनिल कुमार, बीडीपीओ खंड फतेहाबाद।
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मुख्यालय से मंजूरी न मिलने के कारण यह प्रोजेक्ट अभी तक अटका हुआ है, जिस कारण खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय की तकनीकी शाखा के अधिकारियों, कर्मचारियों और सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नए भवन का निर्माण कार्य शुरू न होने की वजह से बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को काम चलाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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पूरा कार्यालय इस समय सिर्फ पांच छोटे कमरों में सिमट कर रह गया है। कम जगह होने के कारण फाइलों और रिकॉर्ड को रखने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों को बैठने और काम करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। एक ही जगह पर कई कर्मचारियों के बैठने से काम-काज का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
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तकनीकी शाखा को डीपीआरसी भवन में किया गया है शिफ्ट
बीडीपीओ कार्यालय की तकनीकी शाखा को डीपीआरसी हाल में शिफ्ट किया गया है। जिस कारण ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि को काफी दिक्कत हो रही है। पहले एक जगह कार्यालय थे, जिस कारण दिक्कत नहीं होती थी, लेकिन अब पंचायत के कामों को लेकर दो जगहों पर जाना पड़ता है। वहीं फतेहाबाद के बीडीपीओ व अन्य कार्यालय भी राजीव गांधी सेवा केंद्र में चल रहे हैं।
पंचायती राज विभाग ने भेजा एस्टीमेट
पंचायती राज विभाग ने नए बीडीपीओ कार्यालय भवन के निर्माण का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेज दिया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। हालांकि, मुख्यालय स्तर पर यह फाइल कहां अटकी है और इसे कब तक मंजूरी मिलेगी, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।
नए भवन का एस्टीमेट मुख्यालय के पास मंजूरी के लिए गया हुआ है। मुख्यालय की ओर से कब तक मंजूरी दी जाएगी। इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सकते। लेकिन जैसे ही मंजूरी मिलेगी, उसके बाद काम को तेजी से करवाया जाएगा।
- अनिल कुमार, बीडीपीओ खंड फतेहाबाद।