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Fatehabad News: बिजली ने लगाया आंखों की रोशनी पर ग्रहण
Sun, 08 Mar 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:24 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में धूल फांक रही नेत्र जांच मशीनें संवाद
- फोटो : संवाद
फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में बिजली मरम्मत कार्य अधूरा रहने से नेत्र चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हैं। नेत्र रोग कक्ष में लगी जांच मशीनें पिछले चार माह से बंद पड़ी हैं। इस कारण मरीजों की आंखों की सही जांच नहीं हो पा रही और कई लोगों को बिना जांच के ही लौटना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 80 से 100 मरीज आंखों की समस्या लेकर पहुंचते हैं। मगर मशीनें बंद रहने से चश्मे का नंबर जांचना, काला मोतिया की पहचान और अन्य आंखों से जुड़ी बीमारियों की जांच संभव नहीं हो पा रही। अस्पताल में मौजूद आधुनिक मशीनें लंबे समय से धूल फांक रही हैं।
बिजली मरम्मत का काम पूरा न होने के कारण नेत्र रोग ओपीडी को अस्थायी रूप से आयुष विभाग के कक्ष में चलाया जा रहा है। वहां केवल सामान्य जांच ही की जा रही है। विशेषज्ञ जांच और मशीनों से होने वाली जांच पूरी तरह बंद हैं। इस स्थिति से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन भी करीब 25 दिनों से बंद हैं।
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ऑपरेशन थियेटर से जुड़ी मशीनें और उपकरण चालू न होने के कारण सर्जरी नहीं हो पा रही। कई मरीज ऑपरेशन की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, मगर उन्हें नई तारीख देकर लौटा दिया जाता है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाएं बंद होने से उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहां जांच और उपचार पर अधिक खर्च करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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कक्ष तैयार, बिजली ने रोका जनऔषधि केंद्र
नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पिछले साल जुलाई माह से बंद है जबकि इसकी शुरुआत फरवरी माह से हुई थी। हालात ये है कि केंद्र के लिए खरीदी गई अधिकतर दवाइयों की मियाद समाप्त हो चुकी है। जनऔषधि केंद्र को मरम्मत कार्य के चलते बंद किया गया था, सिविल वर्क पूरा हो चुका है लेकिन कमरे में बिजली काम न होने से केंद्र शुरू नहीं किया है।
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ई-उपचार सर्वर बंद
अस्पताल में ई उपचार सर्वर पिछले 20 दिनों से बंद है। हालात ये है कि पर्ची कटवाने के लिए मरीजों को आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। मैनुअल ही पर्चियां मरीजों की काटी जा रही हैं।
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ब्लड बैंक में लिए जा रहे सैंपल
नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में पिछले 6 माह से मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। अस्पताल में लैब कक्ष का निर्माण ही अधूरा पड़ा है। रोजाना 600 से 700 मरीज जांच के लिए सैंपल देते हैं।
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ओपीडी कक्ष में बिजली नहीं है, इस वजह से मशीनें नहीं चल पा रही हैं। ओपीडी को मजबूरन आयुष विभाग में चलाना पड़ रहा है। करीब चार माह से ओपीडी बंद है और अब ऑपरेशन भी बंद हो चुके हैं।
-डॉ. राकेश कसवां, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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नागरिक अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहे हैं। बिजली संबंधित काम रुके हुए हैं जिस वजह से परेशानी आ रही है। लोक निर्माण विभाग अधिकारियों से जल्द काम को लेकर चर्चा हुई है।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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अस्पताल में कार्य चल रहे हैं, टेंडर लगाए गए हैं। उम्मीद है जल्द काम पूरा कर दिया जाएगा।
-रविकांत, जेई, लोक निर्माण विभाग
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अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 80 से 100 मरीज आंखों की समस्या लेकर पहुंचते हैं। मगर मशीनें बंद रहने से चश्मे का नंबर जांचना, काला मोतिया की पहचान और अन्य आंखों से जुड़ी बीमारियों की जांच संभव नहीं हो पा रही। अस्पताल में मौजूद आधुनिक मशीनें लंबे समय से धूल फांक रही हैं।
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बिजली मरम्मत का काम पूरा न होने के कारण नेत्र रोग ओपीडी को अस्थायी रूप से आयुष विभाग के कक्ष में चलाया जा रहा है। वहां केवल सामान्य जांच ही की जा रही है। विशेषज्ञ जांच और मशीनों से होने वाली जांच पूरी तरह बंद हैं। इस स्थिति से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन भी करीब 25 दिनों से बंद हैं।
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ऑपरेशन थियेटर से जुड़ी मशीनें और उपकरण चालू न होने के कारण सर्जरी नहीं हो पा रही। कई मरीज ऑपरेशन की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, मगर उन्हें नई तारीख देकर लौटा दिया जाता है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाएं बंद होने से उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहां जांच और उपचार पर अधिक खर्च करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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कक्ष तैयार, बिजली ने रोका जनऔषधि केंद्र
नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पिछले साल जुलाई माह से बंद है जबकि इसकी शुरुआत फरवरी माह से हुई थी। हालात ये है कि केंद्र के लिए खरीदी गई अधिकतर दवाइयों की मियाद समाप्त हो चुकी है। जनऔषधि केंद्र को मरम्मत कार्य के चलते बंद किया गया था, सिविल वर्क पूरा हो चुका है लेकिन कमरे में बिजली काम न होने से केंद्र शुरू नहीं किया है।
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ई-उपचार सर्वर बंद
अस्पताल में ई उपचार सर्वर पिछले 20 दिनों से बंद है। हालात ये है कि पर्ची कटवाने के लिए मरीजों को आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। मैनुअल ही पर्चियां मरीजों की काटी जा रही हैं।
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ब्लड बैंक में लिए जा रहे सैंपल
नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में पिछले 6 माह से मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। अस्पताल में लैब कक्ष का निर्माण ही अधूरा पड़ा है। रोजाना 600 से 700 मरीज जांच के लिए सैंपल देते हैं।
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ओपीडी कक्ष में बिजली नहीं है, इस वजह से मशीनें नहीं चल पा रही हैं। ओपीडी को मजबूरन आयुष विभाग में चलाना पड़ रहा है। करीब चार माह से ओपीडी बंद है और अब ऑपरेशन भी बंद हो चुके हैं।
-डॉ. राकेश कसवां, नेत्र रोग विशेषज्ञ
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नागरिक अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहे हैं। बिजली संबंधित काम रुके हुए हैं जिस वजह से परेशानी आ रही है। लोक निर्माण विभाग अधिकारियों से जल्द काम को लेकर चर्चा हुई है।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
अस्पताल में कार्य चल रहे हैं, टेंडर लगाए गए हैं। उम्मीद है जल्द काम पूरा कर दिया जाएगा।
-रविकांत, जेई, लोक निर्माण विभाग