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Fatehabad News: बिजली निगम कर्मियों के पास नहीं आवास, किराये पर रहने को मजबूर

Thu, 05 Jun 2025 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 05 Jun 2025 11:34 PM IST
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Electricity Corporation employees do not have housing, forced to live on rent
फतेहाबाद के 132 केवीए स्टेशन में बने कर्मचारियों के आवास।
फतेहाबाद। बिजली निगम में कर्मचारियों के लिए बने आवासीय भवन जर्जर हो चुके हैं। इन भवनों को निगम ने पिछले करीब 10 वर्षों से जर्जर घोषित कर दिया है। ऐसे में निगम के कर्मचारी निजी मकानों में महंगा किराये का भुगतान करने को मजबूर हैं।
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हालांकि निगम की ओर से कर्मचारियों को हर माह बेसिक सैलरी का 8 फीसदी मकान किराया जाता है। लेकिन इतनी कम राशि में शहर में मकान किराये पर नहीं मिल पाता है। ऐसे में कर्मचारी लंबे समय से आवासीय भवन बनाने की मांग कर रहे हैं।
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बता दें कि 132 केवीए में निगम की ओर से साल 1972 में 22 परिवारों के रहने के लिए क्वार्टर बनाए गए थे। ये क्वार्टर करीब 53 वर्ष पुराने हो चुके हैं। भवन जर्जर घोषित होने के कारण इनमें अब केवल 6 परिवार ही रह रहे हैं। वहीं जिले के उपमंडल बड़ोपल, शहरी उपमंडल, भट्टू आदि में बने आवासीय मकानों को अभी तक जर्जर घोषित नहीं किया गया है। इससे नए मकान बनाने का एस्टीमेट तैयार नहीं हो सका है। इस कारण कर्मचारियों को आवास की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
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आवासीय मकानों की कमी से हो रही परेशानियां

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से ड्यूटी स्थल से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने की शर्त लगाई गई है। ताकि बिजली आपूर्ति में तकनीकी खराबी होने पर तुरंत पहुंचा जा सके। ऐसे में कर्मचारियों को रहने के लिए आवास की जरूरत होती है। बिजली निगम की यूनियन ने जर्जर आवासों को जर्जर घोषित करने व नए आवासों के निर्माण की मांग की है।


:: कर्मचारियों के लिए अगर आवास बनते हैं तो इससे उनका वित्तीय बोझ कम होगा। वहीं इससे कर्मचारियों को ड्यूटी पर पहुंचने में आसानी होगी। वहीं शहरी उपमंडल में बने आवास पिछले कई सालों से जर्जर होने के कारण खाली हैं।

-रविंद्र, एसडीओ शहरी उपमंडल बिजली वितरण निगम फतेहाबाद।
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