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बिजली खपत में हर साल हो रही 40 लाख यूनिट की वृद्धि

Fri, 09 Jul 2021 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 11:30 PM IST
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electricity consumption increase every year in 40 lakh units
बिजली निगम चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। घरों में सुख सुविधाओं के नाम पर बिजली उपकरण बढ़ते जा रहे हैं। बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। बिजली लोड के सामने निगम की तमाम व्यवस्थाएं कमजोर पड़ रही हैं। जून से सितंबर तक सबसे ज्यादा लोड होता है। घरों में कूलर, पंखे व एसी आदि दिन रात चलते हैं। साथ में खेतों में ट्यूबवेल भी घंटों तक चलते हैं। इन्हीं दिनों में गर्मी ज्यादा होती है, जिसके चलते बिजली घरों में लगे ट्रांसफार्मर जल जाते हैं। जैसे ही बिजली लोड बढ़ता है तो बिजली घरों के उपकरण गर्म होने लगते हैं। कई बार तारें गर्म होकर टूट जाती हैं। अब निगम के सामने चुनौती ये है कि लोड से कैसे निपटा जाए। क्योंकि बढ़ते हुए बिजली लोड के पीछे सबसे बड़ी वजह एसी है। घरों में तमाम उपकरणों पर जितनी बिजली खर्च होती है, उतने में एक एसी चलता है। संवाद
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घरेलू उपकरणों की स्थिति
जिले में परिवार : 2.50 लाख
दुकानें : 24 हजार
कुल पंखे : 12 लाख
घरों, दुकानों व कार्यालयों में एसी : 40 हजार
ट्यूबवेल कनेक्शन : 38 हजार
हर साल बढ़ रही खपत
महीना एवं साल यूनिट लाख में
जून 2017 1070
जून 2018 1136
जून 2019 1202
जून 2020 1249
जून 2021 1283
(उपरोक्त आंकड़े फतेहाबाद डिवीजन के हैं)
लोड नहीं बता रहे उपभोक्ता
बिजली निगम के सामने चुनौती ये है कि उपभोक्ता लोड नहीं बता रहे। ज्यादातर उपभोक्ताओं ने रिकॉर्ड में अपना लोड एक किलोवाट दर्शाया हुआ है। वे एसी व बिजली मोटर तथा कूलर के बारे में नहीं बताना चाहते। क्योंकि लोड ज्यादा बढ़ने से बिल ज्यादा आता है। इसलिए वे सही जानकारी छुपा लेते हैं। मगर निगम का कहना है कि वास्तविक लोड पता चलने से उस क्षेत्र में बिजली घरों, ट्रांसफार्मरों व अन्य उपकरणों की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
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लाइनलॉस बड़ी चुनौती
बिजली निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाइनलॉस है। यानी चोरी होने वाली बिजली। दरअसल, जो लोग बिजली चोरी करते हैं, उन्हें लोड व खपत से कोई लेनादेना नहीं रहता। वही लोग अनावश्यक बिजली खर्च करते हैं। उससे लोड बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। फिलहाल लाइनलॉस 26 से 32 प्रतिशत के बीच रहता है। आज भी समैन जैसे गांव हैं, जो निगम को सीधे चुनौती देते हैं कि यदि चेकिंग करने घुसे तो टीम पर हमला कर दिया जाएगा। यह निर्णय समैन गांव के लोगों ने चार दिन पहले ही लिया है। ऐसे में बिजली की चोरी रोकना भी बहुत मुश्किल काम है।
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कोट
हम लोड घटाने को प्रयासरत हैं : एक्सईएन
बढ़ रहा लोड हमारे सामने वास्तव में चुनौती है। चूंकि गर्मी बहुत ज्यादा है। यदि गर्मी न हो तो तारें व ट्रांसफार्मर गर्म नहीं होती। यंत्र गर्म होकर जल जाते हैं। इसके लिए हमारा प्रयास है कि लोड कम किया जाए। लोड कम करने के लिए बिजली चोरों पर कार्रवाई कर रहे हैं।
-एमएल सुखीजा, एक्सईएन, बिजली निगम।
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