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Fatehabad News: पेंशन बंद होने की समस्या लेकर पहुंचे बुजुर्ग, कर्मचारी नहीं बता सके बंद होने का कारण
Fri, 30 Jan 2026 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:25 PM IST
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शहर के नगर परिषद कार्यालय में पेंशन संबंधि समस्याओं के लिए पहुंचे बुजुर्ग। संवाद
फतेहाबाद। परिवार पहचान पत्र की कमियों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से शनिवार को भी लगे समाधान शिविर में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। नगर परिषद कार्यालय और खंड स्तर पर आयोजित इन शिविरों में ऐसे बुजुर्ग पहुंचे, जिनकी पेंशन पिछले एक साल या उससे अधिक समय से बंद है।
घंटों लाइन में लगने के बाद भी अधिकांश बुजुर्गों की जब बारी आई तो कर्मचारी उनको पेंशन बंद होने का स्पष्ट कारण ही नहीं बता सके। शिविर में पहुंचे बुजुर्ग जगदीश, राजेंद्र, रामजीलाल, धर्मपाल, निर्मल और बिमला रानी ने बताया कि उनकी पेंशन बंद हो चुकी है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चला कि यह कटी क्यों है।
जब बुजुर्गों ने वहां तैनात कर्मचारियों से इसका स्पष्ट कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि उनको भी कारण पता नहीं चल पा रहा है। अब सब काम ऑनलाइन हो चुका है। अगर पेंशन कटने का कारण जानना है तो इस बारे में समाज कल्याण विभाग में पता करो।
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विभाग और शिविर के बीच फंसे बुजुर्ग
शिविर में पहुंचे बुजुर्गों ने बताया कि वह पहले ही कई बार जिला समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट चुके हैं। विभाग से समाधान न होने पर सरकार ने इन शिविरों का आयोजन किया था, ताकि मौके पर ही त्रुटियां ठीक की जा सकें। हालांकि, मौके पर मौजूद तकनीकी खामियों और कर्मचारियों की स्पष्ट जानकारी के अभाव ने इन शिविरों से नागरिकों को कोई सहायता नहीं मिल सकी।
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पिछले एक साल से पेंशन बंद होने पर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूं। कर्मचारी आय ज्यादा होने का हवाला देते हैं। समाधान शिविर में भी इस बारे में कोई स्पष्ट कारण पता नहीं चल सका। मैं दिव्यांग हूं, ऐसे में जगह-जगह नहीं जा सकता।
-राजेंद्र, फतेहाबाद।
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परिवार पहचान पत्र में मेरी आय गलत तरीके से 3 लाख से अधिक दिखाई गई है, इससे पेंशन पात्रता खत्म हो गई। अब पेंशन फिर से शुरू करवाने के लिए पिछले 7 माह से विभागों के चक्कर लगा रहा हूं। मेरी पेंशन शुरू नहीं हो रही है।
-धर्मपाल।
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मेरे भाई रामजीलाल की बुढ़ापा पेंशन पिछले 3 महीने से बंद है। इसके बारे में जब नगर परिषद लगे शिविर में पता किया तो बताया कि पेंशन पहले से बंद हो चुकी है और इसका कारण उनके पास नहीं है।
-सोमीचंद।
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मेरी आयु 63 साल है, लेकिन गलती से फैमिली आईडी में 58 साल अपडेट हो चुकी है। इसके कारण पिछले 3 सालों से पेंशन बनवाने के लिए विभागों के चक्कर लगा रहा हूं अभी तक पेंशन नहीं बनी है।
-रोहतास, निवासी चनकोठी।
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ताऊ की बुढ़ापा पेंशन पिछले 10 वर्षों से लगातार मिली है, लेकिन अब 3 माह से इसे बिना कारण बताए बंद कर दिया गया है। इस बारे में जब बीडीपीओ कार्यालय में पता किया तो पता चला कि कारण समाज कल्याण विभाग ही बता पाएगा।
-विनोद, निवासी भोड़ा होशनाक।
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मैं बीएड के द्वितीय वर्ष का छात्र हूं। फैमिली आईडी में मेरी वार्षिक आय 50,000 रुपये दर्ज हो चुकी है। इसको कटवाने के लिए कई दिनों से विभागों के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है।
-बलजीत सिंह, निवासी अयाल्की।
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फैमिली आईडी में मेरी वार्षिक आय 8 लाख कर दी गई है। इस बारे में जब पता किया तो बताया कि आपने फसल बेची है। मैं जमीन ठेके पर लेकर खेती करता हूं। मानसून के दौरान बारिश के कारण खेत में पानी भर गया। इस कारण खेती में 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी तरफ मेरी पेंशन भी काट दी गई है।
-गुरदयाल सिंह, निवासी खाराखेड़ी।
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:: जिलेभर में बुजुर्गों को पेंशन संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए दो दिन तक शिविर लगाए गए हैं। इसमें नागरिकों की समस्या दर्ज कर ली गई है। जल्द इनका समाधान होगा।
-अनुराग ढालिया, अतिरिक्त उपायुक्त, फतेहाबाद
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घंटों लाइन में लगने के बाद भी अधिकांश बुजुर्गों की जब बारी आई तो कर्मचारी उनको पेंशन बंद होने का स्पष्ट कारण ही नहीं बता सके। शिविर में पहुंचे बुजुर्ग जगदीश, राजेंद्र, रामजीलाल, धर्मपाल, निर्मल और बिमला रानी ने बताया कि उनकी पेंशन बंद हो चुकी है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चला कि यह कटी क्यों है।
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जब बुजुर्गों ने वहां तैनात कर्मचारियों से इसका स्पष्ट कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि उनको भी कारण पता नहीं चल पा रहा है। अब सब काम ऑनलाइन हो चुका है। अगर पेंशन कटने का कारण जानना है तो इस बारे में समाज कल्याण विभाग में पता करो।
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विभाग और शिविर के बीच फंसे बुजुर्ग
शिविर में पहुंचे बुजुर्गों ने बताया कि वह पहले ही कई बार जिला समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट चुके हैं। विभाग से समाधान न होने पर सरकार ने इन शिविरों का आयोजन किया था, ताकि मौके पर ही त्रुटियां ठीक की जा सकें। हालांकि, मौके पर मौजूद तकनीकी खामियों और कर्मचारियों की स्पष्ट जानकारी के अभाव ने इन शिविरों से नागरिकों को कोई सहायता नहीं मिल सकी।
पिछले एक साल से पेंशन बंद होने पर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूं। कर्मचारी आय ज्यादा होने का हवाला देते हैं। समाधान शिविर में भी इस बारे में कोई स्पष्ट कारण पता नहीं चल सका। मैं दिव्यांग हूं, ऐसे में जगह-जगह नहीं जा सकता।
-राजेंद्र, फतेहाबाद।
परिवार पहचान पत्र में मेरी आय गलत तरीके से 3 लाख से अधिक दिखाई गई है, इससे पेंशन पात्रता खत्म हो गई। अब पेंशन फिर से शुरू करवाने के लिए पिछले 7 माह से विभागों के चक्कर लगा रहा हूं। मेरी पेंशन शुरू नहीं हो रही है।
-धर्मपाल।
मेरे भाई रामजीलाल की बुढ़ापा पेंशन पिछले 3 महीने से बंद है। इसके बारे में जब नगर परिषद लगे शिविर में पता किया तो बताया कि पेंशन पहले से बंद हो चुकी है और इसका कारण उनके पास नहीं है।
-सोमीचंद।
मेरी आयु 63 साल है, लेकिन गलती से फैमिली आईडी में 58 साल अपडेट हो चुकी है। इसके कारण पिछले 3 सालों से पेंशन बनवाने के लिए विभागों के चक्कर लगा रहा हूं अभी तक पेंशन नहीं बनी है।
-रोहतास, निवासी चनकोठी।
ताऊ की बुढ़ापा पेंशन पिछले 10 वर्षों से लगातार मिली है, लेकिन अब 3 माह से इसे बिना कारण बताए बंद कर दिया गया है। इस बारे में जब बीडीपीओ कार्यालय में पता किया तो पता चला कि कारण समाज कल्याण विभाग ही बता पाएगा।
-विनोद, निवासी भोड़ा होशनाक।
मैं बीएड के द्वितीय वर्ष का छात्र हूं। फैमिली आईडी में मेरी वार्षिक आय 50,000 रुपये दर्ज हो चुकी है। इसको कटवाने के लिए कई दिनों से विभागों के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है।
-बलजीत सिंह, निवासी अयाल्की।
फैमिली आईडी में मेरी वार्षिक आय 8 लाख कर दी गई है। इस बारे में जब पता किया तो बताया कि आपने फसल बेची है। मैं जमीन ठेके पर लेकर खेती करता हूं। मानसून के दौरान बारिश के कारण खेत में पानी भर गया। इस कारण खेती में 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी तरफ मेरी पेंशन भी काट दी गई है।
-गुरदयाल सिंह, निवासी खाराखेड़ी।
:: जिलेभर में बुजुर्गों को पेंशन संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए दो दिन तक शिविर लगाए गए हैं। इसमें नागरिकों की समस्या दर्ज कर ली गई है। जल्द इनका समाधान होगा।
-अनुराग ढालिया, अतिरिक्त उपायुक्त, फतेहाबाद