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Fatehabad News: जिले में 3,37,809 दुधारू पशुओं पर गर्मी का असर, दूध उत्पादन भी घटा
Sat, 01 Jun 2024 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 01 Jun 2024 11:26 PM IST
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गांव मेहूवाला स्थित तालाब में नहाते पशु।
फतेहाबाद। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर दुधारू पशुओं में भी दिखने लगा है। गर्मी से दुधारू पशुओं के बेहाल होने से दूध उत्पादन भी घट गया है। औसतन प्रति पशु दो से तीन किलोग्राम दूध कम हुआ है। जिलेभर में अनुमानित पांच हजार क्विंटल तक दूध का उत्पादन कम हो रहा है। इससे डेयरी संचालकों से लेकर घरों में दूध सप्लाई करने वाले दूध विक्रेताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में दूध में मिलावट की आशंका भी बढ़ गई है।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 3,37,809 दुधारू पशु हैं। इनमें से 1,05,811 गायें और 2,31,998 भैंसें हैं। पशु चिकित्सक पशुओं में दूध की कमी का सबसे बड़ा कारण लू को मान रहे हैं।
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पशु चिकित्सकों के पास हर रोज औसतन 1200 शिकायतें आ रही
प्रत्येक पशु चिकित्सक के पास इस समय रोजाना औसतन छह से सात शिकायतें पशुओं के बीमार होने से संबंधित आ रही हैं। जिले में 200 वीएलडीए और 35 सर्जन हैं। प्रत्येक वीएलडीए के पास छह से सात आती हैं। इसके अलावा प्राइवेट स्तर पर काम करने वाले पशु चिकित्सक अलग से हैं, जो पशुओं का ट्रीटमेंट करते हैं। पशु चिकित्सक डॉ.संजय शर्मा बताते हैं कि भीषण गर्मी में इंसानों के साथ-साथ पशु भी बेहाल हो चुके हैं। पशुओं में लू के कारण दूध की उत्पादन क्षमता घट रही है। इस समय जो बीमार हो रहे हैं, उन ज्यादातर पशुओं में यही दिक्कत आ रही है। पशुओं को लू से बचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पशुपालकों को विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है।
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जिले में उपमंडल अनुसार पशुओं की संख्या
उपमंडल - गायों की संख्या - भैंसों की संख्या
फतेहाबाद - 64187 - 1,17,549
रतिया - 19,749 - 21875
टोहाना - 21875 - 68020
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ऐसे करें पशुओं का बचाव
- पशुपालक पशुओं को ठंडे स्थान पर रखें।
- जिस मकान में पशुओं को रखा है, वहां वेंटिलेशन हों।
- पशुओं को बाहर निकालें, तो छायादार पेड़ के नीचे ही बांधें।
- दिन में तीन से चार बार ठंडा पानी पिलाएं।
- संतुलित एवं हल्का भोजन देना चाहिए।
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पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी होने के कारण पशुओंं के दूध में कमी आई है। मेरे पास एक दुधारू भैंस हैं, जो 20 दिन पहले दिन में 12 लीटर दूध देती थी, लेकिन अब 10 लीटर भी मुश्किल से दे रही है। गर्मी ज्यादा होने के कारण पशु चारा कम खा रहे हैं।
-ओमप्रकाश, पशुपालक
मेरे पास तीन गाय हैं, जो प्रतिदिन 15 लीटर दूध देती हैं। इन दिनों भीषण गर्मी के कारण औसतन 12 लीटर दूध ही मिल रहा है। पशुओं के दूध में कमी ना हो, इसके लिए मैंने गाय को पशु चिकित्सकों की सलाह अनुसार कैल्शियम और ग्लूकोज डी के घोल आदि पिलाए हैं।
-राय सिंह, पशुपालक
भीषण गर्मी में सबका बुरा हाल है। इन दिनों खेतों में हरे चारे की भी कमी हो चुकी है। बढ़ते तापमान के कारण दूध उत्पादन में कमी हो रही है। पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार पशुओं के कमरे में कूलर की व्यवस्था भी की हुई है।
-सुरेंद्र कुमार, पशुपालक
तापमान में बढ़ोतरी होने से पशु चारा कम खा रहे हैं। इस कारण दूध में कमी हो रही है। मेरे पास एक गाय व दो भैंस हैं। पिछले कई दिनों से दूध उत्पादन में कमी हो रही है। पहले तीन पशुओं का करीब 30 लीटर दूध होता था। अब 25 लीटर से भी कम दूध मिल रहा है।
-वेदप्रकाश, पशुपालक
भीषण गर्मी का असर पशुओं पर भी पड़ रहा है। लू की वजह से दुधारू पशुओं में दूध की भी कमी हो रही है। पशुपालकों को पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
-डॉ.सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग, फतेहाबाद
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पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 3,37,809 दुधारू पशु हैं। इनमें से 1,05,811 गायें और 2,31,998 भैंसें हैं। पशु चिकित्सक पशुओं में दूध की कमी का सबसे बड़ा कारण लू को मान रहे हैं।
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पशु चिकित्सकों के पास हर रोज औसतन 1200 शिकायतें आ रही
प्रत्येक पशु चिकित्सक के पास इस समय रोजाना औसतन छह से सात शिकायतें पशुओं के बीमार होने से संबंधित आ रही हैं। जिले में 200 वीएलडीए और 35 सर्जन हैं। प्रत्येक वीएलडीए के पास छह से सात आती हैं। इसके अलावा प्राइवेट स्तर पर काम करने वाले पशु चिकित्सक अलग से हैं, जो पशुओं का ट्रीटमेंट करते हैं। पशु चिकित्सक डॉ.संजय शर्मा बताते हैं कि भीषण गर्मी में इंसानों के साथ-साथ पशु भी बेहाल हो चुके हैं। पशुओं में लू के कारण दूध की उत्पादन क्षमता घट रही है। इस समय जो बीमार हो रहे हैं, उन ज्यादातर पशुओं में यही दिक्कत आ रही है। पशुओं को लू से बचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पशुपालकों को विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है।
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जिले में उपमंडल अनुसार पशुओं की संख्या
उपमंडल - गायों की संख्या - भैंसों की संख्या
फतेहाबाद - 64187 - 1,17,549
रतिया - 19,749 - 21875
टोहाना - 21875 - 68020
ऐसे करें पशुओं का बचाव
- पशुपालक पशुओं को ठंडे स्थान पर रखें।
- जिस मकान में पशुओं को रखा है, वहां वेंटिलेशन हों।
- पशुओं को बाहर निकालें, तो छायादार पेड़ के नीचे ही बांधें।
- दिन में तीन से चार बार ठंडा पानी पिलाएं।
- संतुलित एवं हल्का भोजन देना चाहिए।
पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी होने के कारण पशुओंं के दूध में कमी आई है। मेरे पास एक दुधारू भैंस हैं, जो 20 दिन पहले दिन में 12 लीटर दूध देती थी, लेकिन अब 10 लीटर भी मुश्किल से दे रही है। गर्मी ज्यादा होने के कारण पशु चारा कम खा रहे हैं।
-ओमप्रकाश, पशुपालक
मेरे पास तीन गाय हैं, जो प्रतिदिन 15 लीटर दूध देती हैं। इन दिनों भीषण गर्मी के कारण औसतन 12 लीटर दूध ही मिल रहा है। पशुओं के दूध में कमी ना हो, इसके लिए मैंने गाय को पशु चिकित्सकों की सलाह अनुसार कैल्शियम और ग्लूकोज डी के घोल आदि पिलाए हैं।
-राय सिंह, पशुपालक
भीषण गर्मी में सबका बुरा हाल है। इन दिनों खेतों में हरे चारे की भी कमी हो चुकी है। बढ़ते तापमान के कारण दूध उत्पादन में कमी हो रही है। पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार पशुओं के कमरे में कूलर की व्यवस्था भी की हुई है।
-सुरेंद्र कुमार, पशुपालक
तापमान में बढ़ोतरी होने से पशु चारा कम खा रहे हैं। इस कारण दूध में कमी हो रही है। मेरे पास एक गाय व दो भैंस हैं। पिछले कई दिनों से दूध उत्पादन में कमी हो रही है। पहले तीन पशुओं का करीब 30 लीटर दूध होता था। अब 25 लीटर से भी कम दूध मिल रहा है।
-वेदप्रकाश, पशुपालक
भीषण गर्मी का असर पशुओं पर भी पड़ रहा है। लू की वजह से दुधारू पशुओं में दूध की भी कमी हो रही है। पशुपालकों को पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
-डॉ.सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग, फतेहाबाद