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Fatehabad News: शिक्षण संस्थानों को 15 दिन में आवारा पशु मुक्त प्रमाणपत्र देना होगा
Thu, 04 Dec 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 04 Dec 2025 11:36 PM IST
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फतेहाबाद। लघु सचिवालय के सभागार में शिक्षण संस्थानों की बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए उ
फतेहाबाद। शिक्षण संस्थानों को 15 दिन के भीतर यह प्रमाणित करना होगा कि उनके परिसर आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं से पूरी तरह मुक्त हैं। उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने लघु सचिवालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों के साथ बैठक में यह निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए परिसर में पशुओं की आवाजाही पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशा अनुसार प्रत्येक शिक्षण संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य होगा, जो परिसर में पशु मुक्त वातावरण सुनिश्चित करेगा। सभी संस्थान 15 दिनों में अपना प्रमाणपत्र जमा कराएं।
नगर परिषद अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि शहर से 2547 आवारा कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण किया जा चुका है।बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संस्थानों को निर्देश दिए कि यदि कहीं चहारदीवारी या मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त है, तो उसकी मरम्मत तुरंत कराई जाए।
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उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि दोनों अधिकारी संयुक्त निरीक्षण में सभी खेल मैदानों की स्थिति का मूल्यांकन करें। स्कूलों, कॉलेजों और स्टेडियमों में यदि कोई खेल उपकरण टूटा हुआ है, तो उसे हटाने या ठीक करने की व्यवस्था तुरंत की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और सुरक्षित खेल वातावरण अनिवार्य है, ताकि बच्चों को हर परिस्थिति में सुरक्षित सीखने और खेलने का माहौल मिल सके।
स्कूल बसों की सुरक्षा भी बैठक का महत्वपूर्ण विषय रही। सर्दी और धुंध में बढ़ते जोखिम को देखते हुए उपायुक्त ने कहा कि संचालक बस संचालन में सभी आवश्यक सावधानियां अपनाएं। सभी बसों की विशेष जांच अभियान के तहत फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण प्रमाणपत्र, इंश्योरेंस, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा किट, विंडो ग्रिल, आपातकालीन द्वार और सुरक्षित सीटों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से जांची जाएगी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि कोई भी वाहन मानकों से बिना संचालन में नहीं रहना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए परिसर में पशुओं की आवाजाही पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशा अनुसार प्रत्येक शिक्षण संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य होगा, जो परिसर में पशु मुक्त वातावरण सुनिश्चित करेगा। सभी संस्थान 15 दिनों में अपना प्रमाणपत्र जमा कराएं।
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नगर परिषद अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि शहर से 2547 आवारा कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण किया जा चुका है।बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संस्थानों को निर्देश दिए कि यदि कहीं चहारदीवारी या मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त है, तो उसकी मरम्मत तुरंत कराई जाए।
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उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि दोनों अधिकारी संयुक्त निरीक्षण में सभी खेल मैदानों की स्थिति का मूल्यांकन करें। स्कूलों, कॉलेजों और स्टेडियमों में यदि कोई खेल उपकरण टूटा हुआ है, तो उसे हटाने या ठीक करने की व्यवस्था तुरंत की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और सुरक्षित खेल वातावरण अनिवार्य है, ताकि बच्चों को हर परिस्थिति में सुरक्षित सीखने और खेलने का माहौल मिल सके।
स्कूल बसों की सुरक्षा भी बैठक का महत्वपूर्ण विषय रही। सर्दी और धुंध में बढ़ते जोखिम को देखते हुए उपायुक्त ने कहा कि संचालक बस संचालन में सभी आवश्यक सावधानियां अपनाएं। सभी बसों की विशेष जांच अभियान के तहत फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण प्रमाणपत्र, इंश्योरेंस, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा किट, विंडो ग्रिल, आपातकालीन द्वार और सुरक्षित सीटों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से जांची जाएगी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि कोई भी वाहन मानकों से बिना संचालन में नहीं रहना चाहिए।