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Fatehabad News: खाइये थोड़ा संभलकर, जांच की कसौटी पर फिसल रहे खाद्य पदार्थ
Sat, 06 Jun 2026 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:46 PM IST
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फतेहाबाद में पपीहा पार्क के सामने लगी रेहड़ियां संवाद
फतेहाबाद। बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ आपकी सेहत के लिए अच्छे नहीं हैं। सेहत बनाने के लिए जो दूध और घी इस्तेमाल कर रहे हैं उनमें गुणवत्ता नहीं है। इनमें मसाले और मिठाइयां तक अनसेफ हैं। यह खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की सैंपलिंग के बाद जांच रिपोर्ट में हुआ है। जिले में पिछले वित्त वर्ष में 273 सैंपलों की रिपोर्ट आई है इसमें 38 फेल मिले हैं। आठ खाद्य पदार्थ खाने लायक नहीं हैं और 30 सैंपल सब स्टैंडर्ड पाए गए हैं।
विभाग ने जो सैंपल फेल आए उन्हें एडीसी और सीजेएम कोर्ट में भेजा है। एडीसी कोर्ट ने 49 मामलों में फैसला सुनाया और 4.68 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। हालांकि पिछले सालों के मुकाबले खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने में कमी आई है। वजह ये है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी एक है और उनके पास अंबाला का भी कार्यभार भी है। वर्ष 2024-25 में 445 सैंपल लिए गए थे और 68 फेल मिले थे। जबकि वर्ष 2025-26 में 277 सैंपल लिए गए है और उनमें से 273 की रिपोर्ट आई है। संवाद
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सबसे ज्यादा सैंपल सब स्टैंडर्ड
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई को दो श्रेणी में तय किया है। इसमें कानूनी कार्रवाई और जागरूकता के तहत सैंपल लिए जाते हैं। विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025-26 में लीगल कार्रवाई के तहत 77 सैंपल लिए गए, 86 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। इसमें 23 फेल मिले हैं। इसमें 3 अनसेफ और 20 सब स्टैंडर्ड शामिल हैं। इसके अलावा जागरूकता के तहत 200 सैंपल लिए गए और 187 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। इसमें 15 सैंपल फेल मिले हैं। जिसमें 5 अनसेफ और 10 सब स्टैंडर्ड शामिल हैं।
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घी और खोया तक सुरक्षित नहीं
वर्ष 2024-25 में 445 सैंपल लिए गए है। जांच रिपोर्ट में 55 सैंपल सब स्टैंडर्ड मिले हैं। जिसमें दूध के 10, घी के 10, खोया के 8, मिठाई का एक, पैकिंग सब्जी के तीन और मसाला के एक सैंपल शामिल हैं। इनमें 9 सैंपल अनसेफ भी मिले हैं। जिसमें घी, खोया और मसाले का सैंपल अनसेफ मिला है यानि खाने लायक नहीं है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 4 सैंपल मिस ब्रांड मिले हैं। जिसमें मसाला, तेल, घी और गर्म मसाला का सैंपल शामिल है।
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पिछले सालों के सैंपलों पर रिपोर्ट
वर्ष सैंपल रिपोर्ट सैंपल फेल मिले
2023-24 181 23
2024-25 445 64
2025-26 273 38
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4.68 लाख रुपये लगाया जुर्माना
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग पिछले साल 32 केसों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट एडीसी कोर्ट को भेजी। एडीसी कोर्ट ने 49 मामलों पर फैसला सुनाते हुए 4.68 लाख रुपये जुर्माना किया है। इसमें एक लाख रुपये जुर्माना भरा जा चुका है। इसके अलावा सीजेएम कोर्ट में दो मामले भेजे गए।
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से लगातार खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है। दुकानदारों और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। स्टाफ की कमी से दिक्कत जरूर आ रही है लेकिन फिर भी प्रयास रहता है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो और मिलावटखोरी को रोका जा सके।
- हरीश कुमार, एफएसओ, खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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विभाग ने जो सैंपल फेल आए उन्हें एडीसी और सीजेएम कोर्ट में भेजा है। एडीसी कोर्ट ने 49 मामलों में फैसला सुनाया और 4.68 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। हालांकि पिछले सालों के मुकाबले खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने में कमी आई है। वजह ये है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी एक है और उनके पास अंबाला का भी कार्यभार भी है। वर्ष 2024-25 में 445 सैंपल लिए गए थे और 68 फेल मिले थे। जबकि वर्ष 2025-26 में 277 सैंपल लिए गए है और उनमें से 273 की रिपोर्ट आई है। संवाद
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सबसे ज्यादा सैंपल सब स्टैंडर्ड
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई को दो श्रेणी में तय किया है। इसमें कानूनी कार्रवाई और जागरूकता के तहत सैंपल लिए जाते हैं। विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025-26 में लीगल कार्रवाई के तहत 77 सैंपल लिए गए, 86 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। इसमें 23 फेल मिले हैं। इसमें 3 अनसेफ और 20 सब स्टैंडर्ड शामिल हैं। इसके अलावा जागरूकता के तहत 200 सैंपल लिए गए और 187 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। इसमें 15 सैंपल फेल मिले हैं। जिसमें 5 अनसेफ और 10 सब स्टैंडर्ड शामिल हैं।
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घी और खोया तक सुरक्षित नहीं
वर्ष 2024-25 में 445 सैंपल लिए गए है। जांच रिपोर्ट में 55 सैंपल सब स्टैंडर्ड मिले हैं। जिसमें दूध के 10, घी के 10, खोया के 8, मिठाई का एक, पैकिंग सब्जी के तीन और मसाला के एक सैंपल शामिल हैं। इनमें 9 सैंपल अनसेफ भी मिले हैं। जिसमें घी, खोया और मसाले का सैंपल अनसेफ मिला है यानि खाने लायक नहीं है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 4 सैंपल मिस ब्रांड मिले हैं। जिसमें मसाला, तेल, घी और गर्म मसाला का सैंपल शामिल है।
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पिछले सालों के सैंपलों पर रिपोर्ट
वर्ष सैंपल रिपोर्ट सैंपल फेल मिले
2023-24 181 23
2024-25 445 64
2025-26 273 38
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4.68 लाख रुपये लगाया जुर्माना
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग पिछले साल 32 केसों पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट एडीसी कोर्ट को भेजी। एडीसी कोर्ट ने 49 मामलों पर फैसला सुनाते हुए 4.68 लाख रुपये जुर्माना किया है। इसमें एक लाख रुपये जुर्माना भरा जा चुका है। इसके अलावा सीजेएम कोर्ट में दो मामले भेजे गए।
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से लगातार खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है। दुकानदारों और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। स्टाफ की कमी से दिक्कत जरूर आ रही है लेकिन फिर भी प्रयास रहता है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो और मिलावटखोरी को रोका जा सके।
- हरीश कुमार, एफएसओ, खाद्य एवं औषधि प्रशासन