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भूकंप से हड़कंप
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Mon, 26 Oct 2015 11:39 PM IST
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झटका महसूस होते ही लोगों में हड़कंप जैसी स्थिति बन गई। झटकों के चलते
जिला न्यायिक परिसर की प्रथम मंजिल पर वकीलों के चैंबर से जोड़ने वाले
नवनिर्मित रैंप में भी दरारें आ गई।
वकील भी दहशत में आ गए और अपने-अपने चैंबरों को छोड़ खुले मैदान में आ गए। झटकों के बाद भी काफी समय तक लोग घरों के बाहर सहमे सहमे से नजर आए।
2 बजकर 40 मिनट पर जैसे ही भूकंप के झटके लगे, लोगों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। जब झटके लगातार जारी रहे तो लोगों में हड़कंप मच गया और घर से बाहर की ओर भागे।
हड़कंप की स्थिति सबसे ज्यादा दुकानों, बैकों व सरकारी कार्यालयों में देखने को मिली। जहां लोग तुरंत बाहर निकल आए और सड़क पर खड़े हो गए। सभी अपने दोस्त और संबंधियों को फोन कर हाल चाल जानते हुए नजर आए। कुछ झटके इतने जोर के पड़े कि खड़ी गाड़ियां तक हिलने लगी।
2006 में भी फतेहाबाद में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान कई दुकानों व शोरूम के शीशे टूट गए थे।
वकील भी दहशत में आ गए और अपने-अपने चैंबरों को छोड़ खुले मैदान में आ गए। झटकों के बाद भी काफी समय तक लोग घरों के बाहर सहमे सहमे से नजर आए।
2 बजकर 40 मिनट पर जैसे ही भूकंप के झटके लगे, लोगों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। जब झटके लगातार जारी रहे तो लोगों में हड़कंप मच गया और घर से बाहर की ओर भागे।
हड़कंप की स्थिति सबसे ज्यादा दुकानों, बैकों व सरकारी कार्यालयों में देखने को मिली। जहां लोग तुरंत बाहर निकल आए और सड़क पर खड़े हो गए। सभी अपने दोस्त और संबंधियों को फोन कर हाल चाल जानते हुए नजर आए। कुछ झटके इतने जोर के पड़े कि खड़ी गाड़ियां तक हिलने लगी।
2006 में भी फतेहाबाद में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान कई दुकानों व शोरूम के शीशे टूट गए थे।