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Fatehabad News: कागजों में ई-लाइब्रेरी बनकर तैयार, धरातल पर नहीं पहुंचा सामान
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गांव दैयड़ में तैयार होता ई-लाइब्रेरी का भवन।
फतेहाबाद। जिले के 62 गांवों में ई-लाइब्रेरी बनवाने का प्रशासन दावा कर रहा है। यह दावा कागजों में तो पूरा हो चुका है। मगर धरातल पर कहीं ई-लाइब्रेरी के लिए भवन नहीं मिला है, तो कहीं सामान ही नहीं पहुंचा है। खुद गांवों के सरपंच पंचायत विभाग के दावों की हवा निकाल रहे हैं। दरअसल, शहर के साथ-साथ अब ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा सेवाएं बेहतर बनाने के लिए जिले के 62 गावों में ई-लाइब्रेरी बनाने के लिए टेंडर जारी किया गया था। इसके लिए 7 करोड़ 14 लाख रुपये मंजूर किए गए थे। अधिकारियों ने कागजों में ई-लाइब्रेरी का काम शत-प्रतिशत दर्शा दिया है जबकि सरपंचों के मुताबिक कहीं भवन फाइनल नहीं हुआ है, तो कहीं सामान का अभी भी इंतजार हैं। संवाद
इन गांवों में ई-लाइब्रेरी के लिए जारी हुई राशि
गांव बनमंदोरी में 7.30 लाख, गांव भट्टू कलां में 18.88 लाख, भट्टू मंडी में 11.4 लाख, गांव बोदीवाली में 8.17 लाख, गांव दैयड़ में 14.64 लाख, ढ़ाबी खुर्द में 15.94 लाख, गांव ढिंगसरा में 13.23 लाख, गांव गदली में 5.68 लाख, गांव जांडवाला बागड़ में 17.72 लाख, गांव किरढ़ान में 24.64 लाख, गांव मेहूवाला में 9 लाख, गांव पीलीमंदोरी में 11.34 लाख, गांव रामसरा में 8.36 लाख, गांव शेखुपुर दड़ोली में 16.38 लाख, गांव ठुइयां में 20.93 लाख, गांव बोस्ती में 9.72 लाख, गांव धौलू में 14 लाख, गांव डूल्ट में 14.26 लाख, गांव घोटडू में 8.69 लाख, जांडली कलां में 12.58 लाख, गांव अयाल्की में 6.90 लाख, गांव भिरड़ाना में 15.21 लाख, गांव दौलतपुर में 5.67 लाख, गांव धांगड़ में 5.1 लाख, गांव धारनिया में 7.22 लाख, गांव खजूरी जाट्टी में 10.87 लाख, गांव कुम्हारिया में 14.04 लाख, गांव मताना में 5.11 लाख, गांव शहीदांवाली में 13.34 लाख, गांव चांदपुरा में 13.83 लाख, गांव दिवाना में 32.94 लाख, गांव साधनवास में 13.83 लाख, गांव भड़ोलावाली में 11.84 लाख, गांव हांसपुर में 9.80 लाख, गांव हिजरावां खुर्द में 8.22 लाख, गांव जल्लोपुर में 13.48 लाख, गांव नागपुर में 9.81 लाख, गांव बोड़ा में 6.42 लाख, गांव चिम्मो में 7.36 लाख, गांव हंसगा में 9.31, गांव खाई में 2.86 लाख, गांव लादुवास में 7.08 लाख, गांव मुंशीवाली में 10.41 लाख, गांव रायपुर ढाणी में 10.62 लाख, गांव सहनाल में 6.2 लाख, गांव अमानी में 13.83 लाख, गांव बलियाला में 6.41 लाख, गांव बिढ़ाईखेड़ा में 7.09 लाख, गांव चदड़ कलां में 7.13 लाख, गांव हैदरवाला में 3.29 लाख, गांव हिंदालवाला में 30.01 लाख, गांव इंदाछोई में 3.76 लाख, गांव जमालपुर शेखां में 3.24 लाख, गांव कमालवाला में 5.62 लाख, गांव लोहाखेड़ा में 13.83 लाख, गांव मामुपूर में 30.01 लाख, गांव मंगहेरा में 6.15 लाख, गांव नांगला में 5.22, गांव पारता में 6.78 और गांव रसूलपुर में 30.51 रुपये से ई-लाइब्रेरी बनाई जाएगी।
केस नंबर एक : मेहूवाला में सामान आया, भवन नहीं मिल रहा
गांव मेहूवाला में ई-लाइब्रेरी के लिए 32 कुर्सियों, एसी और मेज आदि का सामान आ गया है। मगर ई-लाइब्रेरी के लिए को भवन नहीं मिल रहा है। इस कारण आधा सामान सरपंच की ढाणी और आधा एक फैक्टरी में छोड़ा हुआ है। गांव की सरपंच ऊषा लोयल बताती हैं कि गांव की व्यायामशाला प्रागंण के एक कक्ष में ई-लाइब्रेरी के लिए जगह है। मगर यह गांव से बाहर बनी हुई है। इसलिए इसका फायदा नहीं मिल पाएगा।
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केस नंबर दो : ढिंगसरा में दो दिन पहले आया सामान
गांव ढिंगसरा में ई-लाइब्रेरी के लिए दो दिन पहले सामान भेजा गया है। इसके लिए गांव की सरकारी धर्मशाला के कक्ष में जगह चुनी गई है। इसमें रंग और फाल सीलिंग आदि का काम पूरा हो गया है। मगर ई-लाइब्रेरी अभी शुरू नहीं हो सकी है। सरपंच सुभाष मूंड ने कहा कि बहुत जल्द काम पूरा करवा कर ई-लाइब्रेरी शुरू करवा दी जाएगी।
केस नंबर तीन : ई-लाइब्रेरी बनाने की सरपंच की सूचना ही नहीं
गांव पीलीमंदोरी में तो ई-लाइब्रेरी बनाने को लेकर अभी तक सरपंच के पास ही कोई सूचना नहीं आई है। सरपंच धर्मवीर गोरछिया का कहना है कि अभी तक हमारे पास किसी तरह की सूचना नहीं आई है। अगर ई-लाइब्रेरी के लिए सामान मिलता है, तो वर्तमान में चल रही लाइब्रेरी के एक कक्ष को ई-लाइब्रेरी बना दिया जाएगा।
केस नंबर चार : फाल सीलिंग का काम पूरा, सामान का इंतजार
गांव मताना में ई-लाइब्रेरी के लिए अभी तक सामान नहीं पहुंचा है। गांव के पंचायत भवन के कक्ष में ई-लाइब्रेरी बनाने के लिए फाल सीलिंग लगाने का काम पूरा किया गया है। सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि ई-लाइब्रेरी के लिए सामान अभी तक नहीं आया है। सामान के बारे में संबंधित अधिकारी से बात की है। जल्द ही सामान भिजवाने का आश्वासन मिला है।
कोट
हमारे गांव में ई-लाइब्रेरी के लिए भवन तैयार करवा दिया गया है। मगर अभी तक सामान नहीं मिला है। जैसे ही सामान मिलता है, तो सामान को भवन में रखवा कर ई-लाइब्रेरी शुरू करवा दी जाएगी।
-राजेश भिंचर, सरपंच, गांव किरढ़ान
कोट
हमारे गांव में ई-लाइब्रेरी के भवन में रंग और फॉल सीलिंग आदि का काम चल रहा है। ई-लाइब्रेरी के लिए सामान अभी तक नहीं मिला है। सामान मिलने के बाद ही ई-लाइब्रेरी शुरू की जा सकेगी।
-प्रमिला जांगड़ा, सरपंच, गांव दैयड़
कोट
ई-लाइब्रेरी के लिए भवन का काम पूरा करवा दिया गया है। अभी तक ई-लाइब्रेरी के लिए कोई सामान नहीं मिला है। जैसे ही सामान मिलेगा, ई-लाइब्रेरी शुरू करवा दी जाएगी।
-प्रहलाद सिंह, सरपंच, गांव भट्टू कलां
कोट
हमारा काम ई-लाइब्रेरी को लेकर भवन तैयार करना था, वो हमने कर दिए हैं। जिन गांवों में ई-लाइब्रेरी को लेकर भवन के लिए दिक्कत आ रही है, उसकी जांच करवाई जाएगी। उन्हें भी भवन उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
-देवेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, पंचायत विभाग
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इन गांवों में ई-लाइब्रेरी के लिए जारी हुई राशि
गांव बनमंदोरी में 7.30 लाख, गांव भट्टू कलां में 18.88 लाख, भट्टू मंडी में 11.4 लाख, गांव बोदीवाली में 8.17 लाख, गांव दैयड़ में 14.64 लाख, ढ़ाबी खुर्द में 15.94 लाख, गांव ढिंगसरा में 13.23 लाख, गांव गदली में 5.68 लाख, गांव जांडवाला बागड़ में 17.72 लाख, गांव किरढ़ान में 24.64 लाख, गांव मेहूवाला में 9 लाख, गांव पीलीमंदोरी में 11.34 लाख, गांव रामसरा में 8.36 लाख, गांव शेखुपुर दड़ोली में 16.38 लाख, गांव ठुइयां में 20.93 लाख, गांव बोस्ती में 9.72 लाख, गांव धौलू में 14 लाख, गांव डूल्ट में 14.26 लाख, गांव घोटडू में 8.69 लाख, जांडली कलां में 12.58 लाख, गांव अयाल्की में 6.90 लाख, गांव भिरड़ाना में 15.21 लाख, गांव दौलतपुर में 5.67 लाख, गांव धांगड़ में 5.1 लाख, गांव धारनिया में 7.22 लाख, गांव खजूरी जाट्टी में 10.87 लाख, गांव कुम्हारिया में 14.04 लाख, गांव मताना में 5.11 लाख, गांव शहीदांवाली में 13.34 लाख, गांव चांदपुरा में 13.83 लाख, गांव दिवाना में 32.94 लाख, गांव साधनवास में 13.83 लाख, गांव भड़ोलावाली में 11.84 लाख, गांव हांसपुर में 9.80 लाख, गांव हिजरावां खुर्द में 8.22 लाख, गांव जल्लोपुर में 13.48 लाख, गांव नागपुर में 9.81 लाख, गांव बोड़ा में 6.42 लाख, गांव चिम्मो में 7.36 लाख, गांव हंसगा में 9.31, गांव खाई में 2.86 लाख, गांव लादुवास में 7.08 लाख, गांव मुंशीवाली में 10.41 लाख, गांव रायपुर ढाणी में 10.62 लाख, गांव सहनाल में 6.2 लाख, गांव अमानी में 13.83 लाख, गांव बलियाला में 6.41 लाख, गांव बिढ़ाईखेड़ा में 7.09 लाख, गांव चदड़ कलां में 7.13 लाख, गांव हैदरवाला में 3.29 लाख, गांव हिंदालवाला में 30.01 लाख, गांव इंदाछोई में 3.76 लाख, गांव जमालपुर शेखां में 3.24 लाख, गांव कमालवाला में 5.62 लाख, गांव लोहाखेड़ा में 13.83 लाख, गांव मामुपूर में 30.01 लाख, गांव मंगहेरा में 6.15 लाख, गांव नांगला में 5.22, गांव पारता में 6.78 और गांव रसूलपुर में 30.51 रुपये से ई-लाइब्रेरी बनाई जाएगी।
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केस नंबर एक : मेहूवाला में सामान आया, भवन नहीं मिल रहा
गांव मेहूवाला में ई-लाइब्रेरी के लिए 32 कुर्सियों, एसी और मेज आदि का सामान आ गया है। मगर ई-लाइब्रेरी के लिए को भवन नहीं मिल रहा है। इस कारण आधा सामान सरपंच की ढाणी और आधा एक फैक्टरी में छोड़ा हुआ है। गांव की सरपंच ऊषा लोयल बताती हैं कि गांव की व्यायामशाला प्रागंण के एक कक्ष में ई-लाइब्रेरी के लिए जगह है। मगर यह गांव से बाहर बनी हुई है। इसलिए इसका फायदा नहीं मिल पाएगा।
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केस नंबर दो : ढिंगसरा में दो दिन पहले आया सामान
गांव ढिंगसरा में ई-लाइब्रेरी के लिए दो दिन पहले सामान भेजा गया है। इसके लिए गांव की सरकारी धर्मशाला के कक्ष में जगह चुनी गई है। इसमें रंग और फाल सीलिंग आदि का काम पूरा हो गया है। मगर ई-लाइब्रेरी अभी शुरू नहीं हो सकी है। सरपंच सुभाष मूंड ने कहा कि बहुत जल्द काम पूरा करवा कर ई-लाइब्रेरी शुरू करवा दी जाएगी।
केस नंबर तीन : ई-लाइब्रेरी बनाने की सरपंच की सूचना ही नहीं
गांव पीलीमंदोरी में तो ई-लाइब्रेरी बनाने को लेकर अभी तक सरपंच के पास ही कोई सूचना नहीं आई है। सरपंच धर्मवीर गोरछिया का कहना है कि अभी तक हमारे पास किसी तरह की सूचना नहीं आई है। अगर ई-लाइब्रेरी के लिए सामान मिलता है, तो वर्तमान में चल रही लाइब्रेरी के एक कक्ष को ई-लाइब्रेरी बना दिया जाएगा।
केस नंबर चार : फाल सीलिंग का काम पूरा, सामान का इंतजार
गांव मताना में ई-लाइब्रेरी के लिए अभी तक सामान नहीं पहुंचा है। गांव के पंचायत भवन के कक्ष में ई-लाइब्रेरी बनाने के लिए फाल सीलिंग लगाने का काम पूरा किया गया है। सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि ई-लाइब्रेरी के लिए सामान अभी तक नहीं आया है। सामान के बारे में संबंधित अधिकारी से बात की है। जल्द ही सामान भिजवाने का आश्वासन मिला है।
कोट
हमारे गांव में ई-लाइब्रेरी के लिए भवन तैयार करवा दिया गया है। मगर अभी तक सामान नहीं मिला है। जैसे ही सामान मिलता है, तो सामान को भवन में रखवा कर ई-लाइब्रेरी शुरू करवा दी जाएगी।
-राजेश भिंचर, सरपंच, गांव किरढ़ान
कोट
हमारे गांव में ई-लाइब्रेरी के भवन में रंग और फॉल सीलिंग आदि का काम चल रहा है। ई-लाइब्रेरी के लिए सामान अभी तक नहीं मिला है। सामान मिलने के बाद ही ई-लाइब्रेरी शुरू की जा सकेगी।
-प्रमिला जांगड़ा, सरपंच, गांव दैयड़
कोट
ई-लाइब्रेरी के लिए भवन का काम पूरा करवा दिया गया है। अभी तक ई-लाइब्रेरी के लिए कोई सामान नहीं मिला है। जैसे ही सामान मिलेगा, ई-लाइब्रेरी शुरू करवा दी जाएगी।
-प्रहलाद सिंह, सरपंच, गांव भट्टू कलां
कोट
हमारा काम ई-लाइब्रेरी को लेकर भवन तैयार करना था, वो हमने कर दिए हैं। जिन गांवों में ई-लाइब्रेरी को लेकर भवन के लिए दिक्कत आ रही है, उसकी जांच करवाई जाएगी। उन्हें भी भवन उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
-देवेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, पंचायत विभाग