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Fatehabad News: बाढ़ के चलते पंजाब के परिवारों ने ली हरियाणा में शरण, शहर की सामाजिक संस्थाओं ने दी सहायता
Thu, 20 Jul 2023 10:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 20 Jul 2023 10:17 PM IST
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रतिया में जानकारी देते हुए ग्रामवासी।
रतिया(फतेहाबाद)। पंजाब के गांव वीरेवाला डोगरा के कई परिवारों के सदस्य गांव में बाढ़ आने के कारण हरियाणा में शरण लेने के लिए आ गए हैं। इन परिवारों के कई सदस्य पंजाब सीमा पर हरियाणा के गांव भूंदड़वास के पास भाखड़ा के किनारे पुल के साथ-साथ टेंट लगाने को मजबूर हैं। वीरेवाला डोगरा गांव के ग्रामीण अमरीक सिंह, मिट्ठू सिंह, गमदूर सिंह, गुरमीत, बूटा सिंह, मनिंदर, लवप्रीत, करनैल, महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनके गांव के सरपंच के साथ-साथ पंजाब सरकार ने उनकी कोई मदद नहीं की। इस कारण सभी को परिवार सहित हरियाणा में रहने को मजबूर होना पड़ा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे पंजाब सीमा के गांव वीरेवाला डोगरा में रह रहे थे कि अचानक बाढ़ का पानी उनके घरों में 10 फुट तक पहुंच गया। जब उन्होंने अपने गांव के सरपंच व पंजाब सरकार से मदद के लिए गुहार लगाई तो उन्होंने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। नतीजतन वे खुद ही पंजाब से हरियाणा में शरण लेने के लिए आ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बाढ़ के पानी से बाहर निकालने के लिए किश्ती तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। यहां हरियाणा में आसपास के ग्रामीणों, नीलकंठ महादेव सेवा समिति और रतिया विश्वकर्मा गुरुद्वारे द्वारा खाने पीने सहित अन्य हर प्रकार की सहायता उन्हें उपलब्ध करवाई गई है। संवाद
यह आपदा का समय है। इन परिस्थितियों में हर कोई एक-दूसरे की मदद कर रहा है। प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाएं भी जरूरतमंदों की सहायता में जुटी हुई हैं।
-जगदीश चंद्र, एसडीएम, रतिया
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ग्रामीणों ने बताया कि वे पंजाब सीमा के गांव वीरेवाला डोगरा में रह रहे थे कि अचानक बाढ़ का पानी उनके घरों में 10 फुट तक पहुंच गया। जब उन्होंने अपने गांव के सरपंच व पंजाब सरकार से मदद के लिए गुहार लगाई तो उन्होंने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। नतीजतन वे खुद ही पंजाब से हरियाणा में शरण लेने के लिए आ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बाढ़ के पानी से बाहर निकालने के लिए किश्ती तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। यहां हरियाणा में आसपास के ग्रामीणों, नीलकंठ महादेव सेवा समिति और रतिया विश्वकर्मा गुरुद्वारे द्वारा खाने पीने सहित अन्य हर प्रकार की सहायता उन्हें उपलब्ध करवाई गई है। संवाद
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यह आपदा का समय है। इन परिस्थितियों में हर कोई एक-दूसरे की मदद कर रहा है। प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाएं भी जरूरतमंदों की सहायता में जुटी हुई हैं।
-जगदीश चंद्र, एसडीएम, रतिया