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Fatehabad News: मुख्य नहर बंद होने से टैंकों में 3-4 दिन का पानी बचा

Mon, 04 May 2026 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 04 May 2026 11:05 PM IST
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Due to the closure of the main canal, water was left in the tanks for 3-4 days
गांव मेहूवाला के जलघर का टैंक, जिसमें जमा है गाद। संवाद
फतेहाबाद। भट्टू क्षेत्र में मुख्य नहर 15 दिन बंद रहने से पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। जलघरों में सीमित भंडारण बचा है जिससे कई गांवों में आने वाले दिनों में पानी की कमी बढ़ सकती है। इस नहर से भट्टूकलां खंड के गांवों, सिरसा जिले और राजस्थान के कुछ इलाकों में पेयजल व सिंचाई की आपूर्ति होती है।
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नहर बंद होने के साथ ही जलघर टैंकों की सफाई न होने से स्थिति और गंभीर बन गई है। जनस्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते वर्षों से पानी की डिग्गियों की सफाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप इनमें करीब तीन फीट तक गाद जमा हो गई है जिससे गहराई कम हो गई और भंडारण क्षमता घट गई।
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गांव मेहूवाला, ठुईयां, ढिंगसरा और भट्टूकलां के जलघरों में फिलहाल केवल तीन से चार दिन का ही पानी बचा है। यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द सफाई और वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की है ताकि संकट की स्थिति से राहत मिल सके।
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ठुईयां में जमीन का खारा पानी पी रहे लोग

गांव ठुईयां के ग्रामीण रामचंद्र, अनिल, विनोद और प्रदीप ने बताया कि पेयजल की किल्लत का सबसे ज्यादा ठुईया गांव में है। ठुईया में सेम की समस्या होने के कारण जलस्तर दो फीट पर है और जलघर की डिग्गी में लीकेज की समस्या बनी हुई है। इसके कारण जमीन का खारा पानी रिसकर डिग्गी में मिल रहा है। उसी जल की आपूर्ति ग्रामीणों को मिल रही है।

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महंगा पानी खरीदने को मजबूर ग्रामीण



शुद्ध पेयजल के अभाव में ठुईयां गांव के लोग आरओ संचालकों पर निर्भर हो गए हैं। गांव के करीब 400 घरों में से 150 परिवार पेयजल के लिए रोजाना कैंपर मंगवा रहे हैं। वहीं 100 से अधिक संपन्न घरों में निजी आरओ सिस्टम लगे हुए हैं। बाकी ग्रामीण मजबूरन दूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनमें बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि डिग्गियों की सफाई व मरम्मत करवाई करवाई जाए।


:: जिन गांवों में सेम की समस्या है उनमें जलघर के टैंक जमीन के ऊपर बनाए जा रहे हैं। इससे जमीन का पानी पेयजल में मिश्रित नहीं होगा। ठुईयां में एक टैंक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जलघरों के टैंकों में फिलहाल पानी उपलब्ध है।

- सतपाल रोहज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।
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