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Fatehabad News: सीधा रूट न होने से बसों को दूसरे गांव से होकर आना पड़ रहा टोहाना
Mon, 08 Sep 2025 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 08 Sep 2025 11:03 PM IST
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गांव जमालपुर के पास बनाया जा रहा रेलवे ओवरब्रिज संवाद
समैन। गांव जमालपुर के पास रेलवे लाइन पर बन रहे ओवरब्रिज ने आसपास के गांवों के लोगों की परिवहन संबंधी समस्याएं बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण टोहाना शहर के लिए सीधा मार्ग बंद हो गया है, जिससे उन्हें अब दूसरे गांवों के रास्ते होकर लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक और शारीरिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। इस रूट पर हैदरवाला, हिन्दालवाला, गुल्लरवाला, लल्लूवाल, कानाखेड़ा और बुढ़नपुर जैसे गांवों के लोगों को टोहाना पहुंचने के लिए अब अमानी और डांगरा गांव होकर आना पड़ता है, जो काफी लंबा रास्ता है।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि छोटे वाहनों की जगह बड़ी बसें चलाई जाएं ताकि सभी गांवों के लोगों को सुविधाजनक यात्रा मिल सके। साथ ही ओवरब्रिज निर्माण के दौरान वैकल्पिक रास्ता और परिवहन साधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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बस सेवा भी बनी समस्या : हैदरवाला गांव के संतलाल, बलदेव सिंह, हरनेक सिंह और तेजा सिंह ने बताया कि उनके गांव से टोहाना के लिए सीधी बस सेवा न के बराबर है। रोजमर्रा के काम, पढ़ाई और नौकरी के लिए उन्हें पहले साढ़े तीन किलोमीटर पैदल चलकर जमालपुर पहुंचना पड़ता है, वहां से टोहाना की बस मिलती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 8:30 बजे जो मिनी बस आती है, वह पिछले गांवों से ही भर जाती है। ऐसे में हैदरवाला और आस-पास के गांवों के यात्रियों को उसमें जगह नहीं मिलती। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, कर्मचारियों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रोज शहर आना-जाना होता है।
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गांव हैदरवाला के लोगों को बसों को लेकर तीन तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहला रोडवेज की बस मिनी आती है, जो पहले ही भरी मिलती है। दूसरा बस के फेरे बहुत ही कम हैं। तीसरा जमालपुर में रेलवे ओवरब्रिज बनने के कारण टोहाना शहर जाने के लिए उन्हें दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। यह रास्ते लंबे व टूटे हुए हैं। उन्होंने इस समस्या के बारे में परिवहन विभाग को कई बार लिखित में अवगत करवाया है।
-बंसीलाल, सरपंच हैदरवाला।
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इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक और शारीरिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। इस रूट पर हैदरवाला, हिन्दालवाला, गुल्लरवाला, लल्लूवाल, कानाखेड़ा और बुढ़नपुर जैसे गांवों के लोगों को टोहाना पहुंचने के लिए अब अमानी और डांगरा गांव होकर आना पड़ता है, जो काफी लंबा रास्ता है।
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ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि छोटे वाहनों की जगह बड़ी बसें चलाई जाएं ताकि सभी गांवों के लोगों को सुविधाजनक यात्रा मिल सके। साथ ही ओवरब्रिज निर्माण के दौरान वैकल्पिक रास्ता और परिवहन साधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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बस सेवा भी बनी समस्या : हैदरवाला गांव के संतलाल, बलदेव सिंह, हरनेक सिंह और तेजा सिंह ने बताया कि उनके गांव से टोहाना के लिए सीधी बस सेवा न के बराबर है। रोजमर्रा के काम, पढ़ाई और नौकरी के लिए उन्हें पहले साढ़े तीन किलोमीटर पैदल चलकर जमालपुर पहुंचना पड़ता है, वहां से टोहाना की बस मिलती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 8:30 बजे जो मिनी बस आती है, वह पिछले गांवों से ही भर जाती है। ऐसे में हैदरवाला और आस-पास के गांवों के यात्रियों को उसमें जगह नहीं मिलती। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों, कर्मचारियों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें रोज शहर आना-जाना होता है।
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गांव हैदरवाला के लोगों को बसों को लेकर तीन तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहला रोडवेज की बस मिनी आती है, जो पहले ही भरी मिलती है। दूसरा बस के फेरे बहुत ही कम हैं। तीसरा जमालपुर में रेलवे ओवरब्रिज बनने के कारण टोहाना शहर जाने के लिए उन्हें दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ता है। यह रास्ते लंबे व टूटे हुए हैं। उन्होंने इस समस्या के बारे में परिवहन विभाग को कई बार लिखित में अवगत करवाया है।
-बंसीलाल, सरपंच हैदरवाला।