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नशे के खिलाफ तिरंगा यात्रा निकाल शुरू किया धरना
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जिले में बढ़ रहे नशे पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय गोरक्षक संत गोपालदास के आह्वान पर प्रवीन सिंह काशी थाना रोड पर स्थित ऊधम सिंह पार्क में आमरण अनशन पर बैठ गए। धरनारत समाजसेवियों ने इसे सत्याग्रह आंदोलन बताया। इससे पहले प्रवीन काशी के नेतृत्व में गांव ढिंगसरा के ग्रामीणों और समाजसेवियों ने तिरंगा यात्रा निकाली। सत्याग्रही प्रवीन काशी ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर एक सप्ताह तक प्रशासन ने शराब व अन्य नशों को बंद नहीं करवाया तो संत गोपालदास सहित अनेक लोग आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे और इस आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा।
काफी समय से क्षेत्र में तेजी से पनप रहे नशे के कारोबार में फतेहाबाद के सैकड़ों युवा चपेट में आ चुके हैं। नशे की गिरफ्त में आकर जिले के कई युवा जान भी गवा चुके हैं और कई घरों में युवक इसकी चपेट में आए हुए हैं। महिलाएं तक हेरोइन, स्मैक आदि की तस्करी में लगी हुई हैं। इसी को लेकर राष्ट्रीय गोरक्षक संत गोपालदास ने जिले को नशामुक्त होने का बीड़ा उठाया। एक सप्ताह पूर्व वह उपायुक्त से मिले और नशा बंद करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उपायुक्त की ओर से कोई सकारात्मक रुख न मिलने के बाद 30 जून को संत गोपालदास में गांव ढिंगसरा के सैकड़ों महिला पुरुषों के साथ फतेहाबाद के मुख्य बाजारों में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त के निवास पर धरना दिया था। मौके पर उपायुक्त मौजूद नहीं थे, उनकी गैर मौजूदगी में एसडीएम ने ज्ञापन लेकर सरकार को भेजा था। तब संत गोपालदास ने चेतावनी दी थी कि शीघ्र ही नशे की रोकथाम के लिए कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया तो वह फतेहाबाद में आमरण अनशन व सत्याग्रह पर बैठ जाएंगे।
संत गोपालदास सहित सैकड़ों लोगों ने लिया भाग
शुक्रवार को शहीद ऊधम सिंह पार्क में संत गोपालदास के साथी बनारस निवासी प्रवीन सिंह काशी अपने साथियों के साथ तंबू गाड़कर आमरण अनशन पर बैठ गए। इससे पूर्व शहर में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में संत गोपालदास सहित ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों ने नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने के नारे लिखे बैनर लिए हुए थे। इस अवसर पर प्रवीन सिंह काशी ने कहा कि सरकार नशे को हल्के में ले रही है। कुछ समय पूर्व पंजाब में यही हालात थे, लेकिन अब वहां जागरूक व सरकार के कड़े कदमों से नशे पर रोक लगती जा रही है। अब वहां का युवा नशे से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला व प्रदेश के अधिकारी नशे जैसी बीमारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे। मात्र बयानबाजी व साइकिल यात्रा तक इसे समेटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार व गुजरात को नशामुक्त किया जा सकता है तो हरियाणा को क्यों नहीं। उन्होंने 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 7 दिन के भीतर शराब ठेकों व नशे पर रोक नहीं लगाई गई तो सत्याग्रह को और मजबूत करके बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद संत गोपालदास सहित अनेक लोग आमरण अनशन पर बैठेेंगे।
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फतेहाबाद के हालात बेहद गंभीर
इस अवसर पर संत गोपालदास ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आज फतेहाबाद के हालात बेहद गंभीर हैं। किसी मां ने अपना बेटा खो दिया तो किसी बहन ने अपना भाई। नशा तस्करी में प्रशासनिक स्तर तक ढील रही है। यही कारण है कि नशा तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी और नशाबंदी को लेकर आंदोलन फतेहाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। यह एक राष्ट्रीय जनआंदोलन बनेगा, जिसका बिगुल फतेहाबाद से बजाया गया है।
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काफी समय से क्षेत्र में तेजी से पनप रहे नशे के कारोबार में फतेहाबाद के सैकड़ों युवा चपेट में आ चुके हैं। नशे की गिरफ्त में आकर जिले के कई युवा जान भी गवा चुके हैं और कई घरों में युवक इसकी चपेट में आए हुए हैं। महिलाएं तक हेरोइन, स्मैक आदि की तस्करी में लगी हुई हैं। इसी को लेकर राष्ट्रीय गोरक्षक संत गोपालदास ने जिले को नशामुक्त होने का बीड़ा उठाया। एक सप्ताह पूर्व वह उपायुक्त से मिले और नशा बंद करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। उपायुक्त की ओर से कोई सकारात्मक रुख न मिलने के बाद 30 जून को संत गोपालदास में गांव ढिंगसरा के सैकड़ों महिला पुरुषों के साथ फतेहाबाद के मुख्य बाजारों में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त के निवास पर धरना दिया था। मौके पर उपायुक्त मौजूद नहीं थे, उनकी गैर मौजूदगी में एसडीएम ने ज्ञापन लेकर सरकार को भेजा था। तब संत गोपालदास ने चेतावनी दी थी कि शीघ्र ही नशे की रोकथाम के लिए कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया तो वह फतेहाबाद में आमरण अनशन व सत्याग्रह पर बैठ जाएंगे।
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संत गोपालदास सहित सैकड़ों लोगों ने लिया भाग
शुक्रवार को शहीद ऊधम सिंह पार्क में संत गोपालदास के साथी बनारस निवासी प्रवीन सिंह काशी अपने साथियों के साथ तंबू गाड़कर आमरण अनशन पर बैठ गए। इससे पूर्व शहर में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में संत गोपालदास सहित ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों ने नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने के नारे लिखे बैनर लिए हुए थे। इस अवसर पर प्रवीन सिंह काशी ने कहा कि सरकार नशे को हल्के में ले रही है। कुछ समय पूर्व पंजाब में यही हालात थे, लेकिन अब वहां जागरूक व सरकार के कड़े कदमों से नशे पर रोक लगती जा रही है। अब वहां का युवा नशे से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला व प्रदेश के अधिकारी नशे जैसी बीमारी की गंभीरता को नहीं समझ रहे। मात्र बयानबाजी व साइकिल यात्रा तक इसे समेटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिहार व गुजरात को नशामुक्त किया जा सकता है तो हरियाणा को क्यों नहीं। उन्होंने 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 7 दिन के भीतर शराब ठेकों व नशे पर रोक नहीं लगाई गई तो सत्याग्रह को और मजबूत करके बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद संत गोपालदास सहित अनेक लोग आमरण अनशन पर बैठेेंगे।
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फतेहाबाद के हालात बेहद गंभीर
इस अवसर पर संत गोपालदास ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आज फतेहाबाद के हालात बेहद गंभीर हैं। किसी मां ने अपना बेटा खो दिया तो किसी बहन ने अपना भाई। नशा तस्करी में प्रशासनिक स्तर तक ढील रही है। यही कारण है कि नशा तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी और नशाबंदी को लेकर आंदोलन फतेहाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। यह एक राष्ट्रीय जनआंदोलन बनेगा, जिसका बिगुल फतेहाबाद से बजाया गया है।