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Fatehabad News: नशा मुक्ति टीम ने दरियापुर व अहलीसदर समेत पांच गांव लिए गोद
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नशा मुक्ति टीम के साथ बैठक करते हुए डीएसपी सुभाष चंद्र।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नशा मुक्ति टीम ने जिले के पांच गांव और गोद ले लिए हैं। नशा छुड़वाने को लेकर जिले में गोद लिए गए गांवों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पहले टीम ने 10 गांव गोद लिए थे। अब विभाग की टीम ने गांव फूलां, अहलीसदर, खुनन, हिजरावां खुर्द और दरियापुर को गोद लिया है। इन गांवों में भी कई युवाओं के नशा की चपेट में होने के चलते चिह्नित किया गया था। अब आईजी की नशा मुक्ति टीम ने युवाओं को जागरूक करने और उनका उपचार करवाने के लिए इन गांवों को गोद लिया है।
बता दें कि शुक्रवार को ड्रग एवं हिंसामुक्त मेरा गांव मेरी शान अभियान के तहत जिले में अब तक किए गए कार्यों को लेकर टीम के नोडल अधिकारी डीएसपी सुभाष चंद्र ने समीक्षा की। डीएसपी ने इस अभियान को लेकर जिला पुलिस द्वारा गठित टीम के सदस्यों के साथ बैठक की और हाल ही में आईजी द्वारा इस अभियान को लेकर दिए गए निर्देशों की जानकारी दी। डीएसपी ने बताया कि जिले के गांव हिजरावां कलां से करीब एक साल पहले 24 दिसंबर 2021 को इस अभियान की शुरूआत की गई थी। डीएसपी ने नशामुक्ति टीम सदस्यों से कहा कि गांवों में नई पंचायतें कार्यभार संभाल चुकी हैं। ऐसे में टीम सदस्य नई पंचायत के साथ समन्वय स्थापित कर नई कमेटियों का गठन करें। जो युवा नशा छोड़ चुके हैं, उनके बारे में बताकर अन्य लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए जागरूक करें। इसके अलावा गांव के स्कूल में एक टीचर को इस अभियान से जोड़ते हुए उन्हें नोडल बनाए ताकि बच्चों की काउंसिलिंग कर उन्हें नशे से होने वाले दुष्प्रभावों बारे जागरूक किया जा सके।
पहले से ये गांव ले रखे हैं गोद
नशा मुक्ति टीम ने गांव अयाल्की, हिजरावां, भरपूर, रत्ताखेड़ा, लाली, नकटा, पिलछियां, रतनगढ़, बाहम्णवाला और गांव महमड़ा को गोद ले रखा है। नशा मुक्ति टीम इन गांवों में सर्वे करके नशा की चपेट में आए युवाओं को नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाकर उपचार करवा चुकी है।
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संदिग्ध लोगों की तैयार होगी सूची
डीएसपी ने टीम सदस्यों को निर्देश दिए कि वे गांवों में ड्रग तस्करी से जुड़े संदिग्ध लोगों की सूची तैयार करें और इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से बचाया जा सके। गांवों में नशे के प्रति सेमिनार आयोजन कर उन्हें जागरूक करें।
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बता दें कि शुक्रवार को ड्रग एवं हिंसामुक्त मेरा गांव मेरी शान अभियान के तहत जिले में अब तक किए गए कार्यों को लेकर टीम के नोडल अधिकारी डीएसपी सुभाष चंद्र ने समीक्षा की। डीएसपी ने इस अभियान को लेकर जिला पुलिस द्वारा गठित टीम के सदस्यों के साथ बैठक की और हाल ही में आईजी द्वारा इस अभियान को लेकर दिए गए निर्देशों की जानकारी दी। डीएसपी ने बताया कि जिले के गांव हिजरावां कलां से करीब एक साल पहले 24 दिसंबर 2021 को इस अभियान की शुरूआत की गई थी। डीएसपी ने नशामुक्ति टीम सदस्यों से कहा कि गांवों में नई पंचायतें कार्यभार संभाल चुकी हैं। ऐसे में टीम सदस्य नई पंचायत के साथ समन्वय स्थापित कर नई कमेटियों का गठन करें। जो युवा नशा छोड़ चुके हैं, उनके बारे में बताकर अन्य लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए जागरूक करें। इसके अलावा गांव के स्कूल में एक टीचर को इस अभियान से जोड़ते हुए उन्हें नोडल बनाए ताकि बच्चों की काउंसिलिंग कर उन्हें नशे से होने वाले दुष्प्रभावों बारे जागरूक किया जा सके।
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पहले से ये गांव ले रखे हैं गोद
नशा मुक्ति टीम ने गांव अयाल्की, हिजरावां, भरपूर, रत्ताखेड़ा, लाली, नकटा, पिलछियां, रतनगढ़, बाहम्णवाला और गांव महमड़ा को गोद ले रखा है। नशा मुक्ति टीम इन गांवों में सर्वे करके नशा की चपेट में आए युवाओं को नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाकर उपचार करवा चुकी है।
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संदिग्ध लोगों की तैयार होगी सूची
डीएसपी ने टीम सदस्यों को निर्देश दिए कि वे गांवों में ड्रग तस्करी से जुड़े संदिग्ध लोगों की सूची तैयार करें और इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से बचाया जा सके। गांवों में नशे के प्रति सेमिनार आयोजन कर उन्हें जागरूक करें।