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Fatehabad News: सपने अर्श पर, सुविधाएं फर्श पर... बिन ‘द्रोण’ कैसे अचूक हों ‘अर्जुन’ के लक्ष्य
Mon, 19 Aug 2024 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 19 Aug 2024 12:56 AM IST
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फतेहाबाद। जिला खेल विभाग में द्रोणाचार्यों की कमी युवाओं के अर्जुन बनने में बाधा बन रही है। जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर गांव भोडियाखेड़ा स्थित खेल स्टेडियम में ही प्रशिक्षकों की कमी बनी हुई है।
यहां युवा खुद ही खेल का अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन प्रशिक्षक की सलाह और तकनीकी जानकारी न मिलने से खेल कौशल नहीं निखार पा रहे हैं। राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने का दावा तो करती है, मगर जमीनी स्तर
पर खेलों के लिए पूरी सुविधा नहीं दे पा रही है।
ऐसे में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले युवा खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगती है। शहरी क्षेत्र के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए हिसार या चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। तहसील टोहाना से जिला मुख्यालय की एक तरफ की दूरी 60 किलोमीटर है जबकि रतिया से शहर की दूरी 40 किलोमीटर है।
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यही कारण है कि खेलों में जिले के युवा आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। जिले में पदों के अनुसार प्रशिक्षक नहीं हैं। जिन खेलों के प्रशिक्षक हैं, उन सभी खेलों में खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक प्राप्त किए हैं।
ओलंपिक में शामिल 26 खेलों में से 10 के ही 15 प्रशिक्षक कार्यरत, जिला स्टेडियम में मात्र 5
जिले में ओलंपिक खेलों में शामिल 26 खेलों में से मात्र 10 खेलों के ही प्रशिक्षक हैं। इन 10 खेलों के 15 प्रशिक्षक कार्यरत हैं। जिला खेल स्टेडियम में तो मात्र पांच ही प्रशिक्षक हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए महंगी फीस भरकर दूसरे जिलों में जाकर अभ्यास करना पड़ता है। जो हर खिलाड़ी के लिए संभव नहीं है। इससे कई खेल प्रतिभाएं अपने हुनर को दिखाने से वंचित रह जाती हैं।
इन खेलों के नहीं हैं कोच
जिले में आर्चरी, बैडमिंटन, कैनोइंग, घुड़सवारी, फेंसिंग, गोल्फ, ट्राइथलॉन, रोविंग, स्विमिंग, नौकायन, टेबल टेनिस, ताईक्वांडों, टेनिस, वालीबाल, वेट लिफ्टिंग सहित 16 खेलों के प्रशिक्षक नहीं है।
ये है नियम
खेल विभाग के अनुसार 25 से 30 खिलाड़ियों पर एक कोच रखने का नियम है। कोच बनने के लिए स्पोर्ट्स में डिप्लोमा या अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर मेडल लाने की योग्यता होनी जरूरी है।
इन खेलों के हैं प्रशिक्षक
एथलेटिक्स
-
2
बॉक्सिंग
-
1
साइक्लिंग
-
1
फुटबाल
-
1
जिमनास्टिक
-
1
हैंडबाल
-
1
हॉकी
-
3
जूडाे
-
2
कुश्ती
-
2
बास्केटबाल -
1
जिले में कुल 15 प्रशिक्षक हैं, जो हर सुबह-शाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। जिला खेल स्टेडियम भोडियाखेड़ा में पांच प्रशिक्षक हैं और 10 प्रशिक्षक जिले के अन्य खेल मैदानों में प्रशिक्षण दे रहे हैं।
-विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद
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यहां युवा खुद ही खेल का अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन प्रशिक्षक की सलाह और तकनीकी जानकारी न मिलने से खेल कौशल नहीं निखार पा रहे हैं। राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने का दावा तो करती है, मगर जमीनी स्तर
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पर खेलों के लिए पूरी सुविधा नहीं दे पा रही है।
ऐसे में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले युवा खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगती है। शहरी क्षेत्र के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए हिसार या चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। तहसील टोहाना से जिला मुख्यालय की एक तरफ की दूरी 60 किलोमीटर है जबकि रतिया से शहर की दूरी 40 किलोमीटर है।
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यही कारण है कि खेलों में जिले के युवा आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। जिले में पदों के अनुसार प्रशिक्षक नहीं हैं। जिन खेलों के प्रशिक्षक हैं, उन सभी खेलों में खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक प्राप्त किए हैं।
ओलंपिक में शामिल 26 खेलों में से 10 के ही 15 प्रशिक्षक कार्यरत, जिला स्टेडियम में मात्र 5
जिले में ओलंपिक खेलों में शामिल 26 खेलों में से मात्र 10 खेलों के ही प्रशिक्षक हैं। इन 10 खेलों के 15 प्रशिक्षक कार्यरत हैं। जिला खेल स्टेडियम में तो मात्र पांच ही प्रशिक्षक हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए महंगी फीस भरकर दूसरे जिलों में जाकर अभ्यास करना पड़ता है। जो हर खिलाड़ी के लिए संभव नहीं है। इससे कई खेल प्रतिभाएं अपने हुनर को दिखाने से वंचित रह जाती हैं।
इन खेलों के नहीं हैं कोच
जिले में आर्चरी, बैडमिंटन, कैनोइंग, घुड़सवारी, फेंसिंग, गोल्फ, ट्राइथलॉन, रोविंग, स्विमिंग, नौकायन, टेबल टेनिस, ताईक्वांडों, टेनिस, वालीबाल, वेट लिफ्टिंग सहित 16 खेलों के प्रशिक्षक नहीं है।
ये है नियम
खेल विभाग के अनुसार 25 से 30 खिलाड़ियों पर एक कोच रखने का नियम है। कोच बनने के लिए स्पोर्ट्स में डिप्लोमा या अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर मेडल लाने की योग्यता होनी जरूरी है।
इन खेलों के हैं प्रशिक्षक
एथलेटिक्स
-
2
बॉक्सिंग
-
1
साइक्लिंग
-
1
फुटबाल
-
1
जिमनास्टिक
-
1
हैंडबाल
-
1
हॉकी
-
3
जूडाे
-
2
कुश्ती
-
2
बास्केटबाल -
1
जिले में कुल 15 प्रशिक्षक हैं, जो हर सुबह-शाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। जिला खेल स्टेडियम भोडियाखेड़ा में पांच प्रशिक्षक हैं और 10 प्रशिक्षक जिले के अन्य खेल मैदानों में प्रशिक्षण दे रहे हैं।
-विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद