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Fatehabad News: एसएमओ की सीधी भर्ती का विरोध, चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर किया मरीजों का उपचार
Tue, 11 Nov 2025 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 11 Nov 2025 11:42 PM IST
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फतेहाबाद में इक्ट्ठे होकर चिकित्सक विरोध जताते हुए स्त्रोत एसोसिएशन
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर मरीज जांचे और प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जताया। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के प्रधान डॉ. भरत सहारण और उप प्रधान डॉ. जयप्रकाश के नेतृत्व में चिकित्सकों ने विरोध जताते हुए कहा कि एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाए। इस बारे में पहले भी विरोध जता चुके हैं।
चिकित्सकों ने कहा कि जो पांच साल तक काम कर चुके सरकार उनसे भी आवेदन मांग रही है। इसमें निजी अस्पताल में काम किया हुआ व्यक्ति भी आवेदन कर सकता है जबकि अस्पताल में तैनात कर्मचारी 20 साल से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। उनको इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सकों ने इसका विरोध किया और सरकार से भर्ती प्रक्रिया वापस लेने की मांग की।
उन्होंने सरकार से बाहरी व्यक्तियों के बजाय अच्छा काम कर रहे कर्मचारियों को प्रमोशन देकर रिक्तियां पूरी करने की अपील की। साथ ही सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे आंदोलन जैसा बड़ा कदम उठाएंगे।
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आज सीएमओ को देंगे ज्ञापन
उपप्रधान डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि चिकित्सक पिछले लंबे समय से मांगे उठा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। बुधवार को सीएम के नाम सिविल सर्जन को एसोसिएशन की तरफ से मांग पत्र दिया जाएगा।
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इधर 60 गर्भवती की हुई शिविर में जांच
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर लगाया गया। इसमें 60 गर्भवती की जांच हुई। जांच से पहले गर्भवती का रजिस्ट्रेशन किया गया। शिविर में गर्भवती के रक्त, यूरिन, बीपी और शुगर जांचा गया। स्क्रीनिंग के दौरान 60 में से 16 गर्भवती हाई रिस्क प्रेगनेंट चिह्नित हुईं। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि हर माह की 9, 10 और 23 और 30 तारीख को शिविर लगाया जाता है। इस शिविर में उच्च जोखिम गर्भवती चिह्नित की जाती है ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
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चिकित्सकों ने कहा कि जो पांच साल तक काम कर चुके सरकार उनसे भी आवेदन मांग रही है। इसमें निजी अस्पताल में काम किया हुआ व्यक्ति भी आवेदन कर सकता है जबकि अस्पताल में तैनात कर्मचारी 20 साल से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। उनको इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सकों ने इसका विरोध किया और सरकार से भर्ती प्रक्रिया वापस लेने की मांग की।
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उन्होंने सरकार से बाहरी व्यक्तियों के बजाय अच्छा काम कर रहे कर्मचारियों को प्रमोशन देकर रिक्तियां पूरी करने की अपील की। साथ ही सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे आंदोलन जैसा बड़ा कदम उठाएंगे।
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आज सीएमओ को देंगे ज्ञापन
उपप्रधान डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि चिकित्सक पिछले लंबे समय से मांगे उठा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। बुधवार को सीएम के नाम सिविल सर्जन को एसोसिएशन की तरफ से मांग पत्र दिया जाएगा।
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इधर 60 गर्भवती की हुई शिविर में जांच
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शिविर लगाया गया। इसमें 60 गर्भवती की जांच हुई। जांच से पहले गर्भवती का रजिस्ट्रेशन किया गया। शिविर में गर्भवती के रक्त, यूरिन, बीपी और शुगर जांचा गया। स्क्रीनिंग के दौरान 60 में से 16 गर्भवती हाई रिस्क प्रेगनेंट चिह्नित हुईं। कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि हर माह की 9, 10 और 23 और 30 तारीख को शिविर लगाया जाता है। इस शिविर में उच्च जोखिम गर्भवती चिह्नित की जाती है ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके।