फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Doctors on strike, OPD closed, warning to close emergency too

हड़ताल पर रहे डॉक्टर, ओपीडी बंद, इमरजेंसी भी बंद करने की चेतावनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
Doctors on strike, OPD closed, warning to close emergency too
नागरिक अस्पताल में बंद पड़ी ओपीडी। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को डॉक्टर हड़ताल पर रहे। मांगे पूरी न होने के कारण हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टर हड़ताल पर रहे और ओपीडी बंद रखी। जिले में 68 में से 50 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण मरीज लौटे तो कई मरीज आयुर्वेद डॉक्टरों के पास दवाई लेने के लिए पहुंचे।
विज्ञापन

डॉक्टरों की हड़ताल का असर कोरोना सैंपलिंग पर भी पड़ा। ओपीडी बंद रहने से मरीज कम आए और इस कारण कोरोना सैंपलिंग भी कम हुई। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल थी, लेकिन मंगलवार को हड़ताल को लेकर नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में डॉक्टरों के बीच असमंजस की स्थिति दिखी। हड़ताल को लेकर प्रधान डॉ. हनुमान सुबह नागरिक अस्पताल में पहुंचे। प्रधान डॉ. हनुमान करीब डेढ़ घंटे तक डॉक्टरों को धरने पर आने का आह्वान करते रहे लेकिन करीब 11 बजे कुछ डॉक्टर धरना स्थल पर आए। हालांकि प्रधान डॉ. हनुमान का कहना है कि कोरोना के चलते भीड़ नहीं करनी थी, इसलिए कम ही डॉक्टरों को धरने पर बुलाया गया।
विज्ञापन

सीएमओ मनाने पहुंचे लेकिन नहीं माने डॉक्टर
मंगलवार को डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण मनाने के लिए पहुंचे। सीएमओ ने एसएमओ कार्यालय में डॉक्टरों के साथ बैठक भी की और डॉक्टरों को हड़ताल में शामिल न होने को लेकर राजी करते रहे। बताया जा रहा है कि डॉक्टर नहीं माने और हड़ताल पर गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

मनोचिकित्सक और डेंटल की चली ओपीडी
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में मंगलवार को इमरजेंसी सेवाएं चलती रहीं। इसके अलावा मनोचिकित्सक, शिशु रोग विशेषज्ञ, डेंटल की ओपीडी भी चलती रही। इस दौरान आयुष विभाग में ओपीडी चलती रही।
14 को बंद होगी इमरजेंसी सेवाएं : प्रधान
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान डॉ. हनुमान सिंह ने बताया कि उनकी सरकार से मांग है कि एसएमओ की सीधी भर्ती न की जाए, यह पद प्रमोशन से भरा जाए, डॉक्टरों को 3 की जगह 4 एसीपी मिलें, विशेषज्ञों के लिए अलग से काडर तैयार किया जाए। इसके अलावा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती की जाए ताकि मरीजों को परेशान न होना पड़े। लेकिन सरकार मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। अगर दो दिन में मांगे नहीं मानी गई तो 14 जनवरी को ओपीडी बंद करने के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाएं भी बंद की जाएंगी।
कोट
नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए आया था, लेकिन स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर नहीं आएंगे। तीन दिन पहले से ही चक्कर काट रहा हूं।
- सोमनाथ, निवासी फतेहाबाद।
कोट
मैं अस्पताल में कालापीलिया की दवाई लेने के लिए आया था, लेकिन यहां पर आने के बाद पता चला कि डॉक्टर नहीं है। ठंड में मुश्किल से अस्पताल में पहुंचे अब दोबारा उसे आना पड़ेगा।

रिंकू, निवासी फतेहाबाद।

फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते परेशान मरीज।

फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते परेशान मरीज।- फोटो : Fatehabad

फतेहाबाद में हड़ताल में शामिल डॉक्टर।

फतेहाबाद में हड़ताल में शामिल डॉक्टर।- फोटो : Fatehabad

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed