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Fatehabad News: दिवाली पर पटाखों के कारण वायु गुणवत्ता हो सकती है खराब
Sun, 19 Oct 2025 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 19 Oct 2025 10:22 PM IST
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फतेहाबाद के चार मरला कॉलोनी में खरीदारी करती महिलाएं एवं युवतियां। संवाद
फतेहाबाद। दिवाली का पर्व जिले में सोमवार को धूमधाम से मनाया जाना है। ऐसे में मिठाई, कपड़े और अन्य सामान के साथ पटाखों की खरीदारी भी जोरो पर है। वहीं इसके चलते वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है।
रविवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 154 दर्ज किया गया, जो कि मध्यम श्रेणी में आता है, लेकिन त्योहार के दिन यह और खराब हो सकता है। हालांकि दो दिन पहले तक यह 130 दर्ज हुआ था। वहीं कृषि एवं कल्याण विभाग की ओर से फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए टीम गठित की गई है।
वहीं दिवाली के आड़ में फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर निगरानी रखने के लिए कृषि एवं कल्याण विभाग ने खंड स्तर व ग्राम पंचायत स्तर पर टीम गठित कर दी हैं। इसको लेकर कृषि विभाग के तकनीकी सहायक डॉ राजपाल ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों की रेड एंट्री के साथ जुर्माना लगाया जाएगा।
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दिवाली की रात वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब या गंभीर स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को गंभीर परेशानी हो सकती हैं। नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देने, सीमित समय में पटाखे फोड़ने और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने जैसे उपाय तत्काल जरूरी हैं, ताकि त्योहार की खुशियों में स्वास्थ्य बाधा न बने।
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रविवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 154 दर्ज किया गया, जो कि मध्यम श्रेणी में आता है, लेकिन त्योहार के दिन यह और खराब हो सकता है। हालांकि दो दिन पहले तक यह 130 दर्ज हुआ था। वहीं कृषि एवं कल्याण विभाग की ओर से फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए टीम गठित की गई है।
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वहीं दिवाली के आड़ में फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर निगरानी रखने के लिए कृषि एवं कल्याण विभाग ने खंड स्तर व ग्राम पंचायत स्तर पर टीम गठित कर दी हैं। इसको लेकर कृषि विभाग के तकनीकी सहायक डॉ राजपाल ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों की रेड एंट्री के साथ जुर्माना लगाया जाएगा।
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दिवाली की रात वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब या गंभीर स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को गंभीर परेशानी हो सकती हैं। नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देने, सीमित समय में पटाखे फोड़ने और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने जैसे उपाय तत्काल जरूरी हैं, ताकि त्योहार की खुशियों में स्वास्थ्य बाधा न बने।

फतेहाबाद के चार मरला कॉलोनी में खरीदारी करती महिलाएं एवं युवतियां। संवाद