{"_id":"66991c6cd4e901950d0c51e4","slug":"divyaang-rekha-got-recognition-in-fatehabad-smile-returned-on-her-face-after-aadhar-card-was-made-2024-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad: दिव्यांग रेखा को मिली पहचान, आधार कार्ड बनते चेहरे पर लौट आई मुस्कान; CM कार्यालय ने लिया संज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad: दिव्यांग रेखा को मिली पहचान, आधार कार्ड बनते चेहरे पर लौट आई मुस्कान; CM कार्यालय ने लिया संज्ञान
Thu, 18 Jul 2024 07:15 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 18 Jul 2024 07:15 PM IST
सार
फतेहाबाद नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को दिव्यांग रेखा को लेकर पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज पहुंचे थे। यहां उन्होंने बताया था कि रेखा के हाथों की बायोमेट्रिक न हो पाने के कारण आधार कार्ड नहीं बन रहा है। आधार कार्ड न होने से दिव्यांग प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहा है।
विज्ञापन
दिव्यांग
- फोटो : संवाद
विस्तार
फतेहाबाद के हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी दिव्यांग रेखा (32) को वीरवार को पहचान मिल गई। रेखा का वीरवार को आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की गई। करीब 10 दिनों में आधार कार्ड बनकर तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ में यूआईडीएआई के अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
हिसार से वीरवार को अधिकारी हरनाम सिंह कॉलोनी में पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज के घर पहुंचे। यहां पर आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया की गई। चंडीगढ़ कार्यालय से अधिकारियों को ऑनलाइन लेकर दिव्यांग रेखा के आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की गई। रेखा के आधार कार्ड बनने की प्रक्रिया होने के बाद रेखा के साथ-साथ भाभी दयावंती के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई।
विज्ञापन
आधार बिना नहीं बन पा रहा दिव्यांग प्रमाण पत्र
नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को दिव्यांग रेखा को लेकर पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज पहुंचे थे। यहां उन्होंने बताया था कि रेखा के हाथों की बायोमेट्रिक न हो पाने के कारण आधार कार्ड नहीं बन रहा है। आधार कार्ड न होने से दिव्यांग प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहा है। रेखा के मां-बाप की भी मौत हो चुकी है और भाई-भाभी मजदूरी करके संभाल रहे हैं। दिव्यांग प्रमाण पत्र बने तो आर्थिक सहायता मिल पाएगी। फिलहाल सरबत दा भला संस्था हर माह 750 रुपये पेंशन के रूप में दे रही है।
विज्ञापन
रेखा को उठाकर लाई भाभी
पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज के घर टीम के पहुंचने के बाद दिव्यांग रेखा के घर पर सूचना दी गई। इसके बाद रेखा को उसकी भाभी दयावंती उठाकर पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज के घर पहुंचीं।
अधिकारी के अनुसार
एक दिन पहले ही प्रकाशित हुई खबर पर संज्ञान लिया गया है। वीरवार को अधिकारी मेरे घर पहुंचे और यहां पर उन्होंने दिव्यांग रेखा के आधार कार्ड को बनाने की प्रक्रिया पूरी की। आधार बनने के बाद उसके अन्य दस्तावेज पूरे हो पाएंगे। -योगी हंसराज, पार्षद प्रतिनिधि।