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तीन दौरे, तीन मंत्री और हर बार विवाद से सामना
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sat, 13 Feb 2016 12:36 AM IST
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भाजपा सरकार के मंत्रियों को फतेहाबाद आना रास नहीं आ रहा है। शुक्रवार को यहां आए परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार के खिलाफ नारेबाजी की गई। ऐसे में वह भाजपा सरकार के तीसरे मंत्री बन गए हैं जिनका फतेहाबाद आने पर विवाद से सामना हुआ है। इससे पहले, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अपने फतेहाबाद दौरे पर पर विवाद में फंस चुके हैं। परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार फतेहाबाद में राज्य स्तरीय रविदास जयंति के लिए लोगों को आमंत्रित करने पहुंचे थे, लेकिन पटवार भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में ना पहुंचने के कारण उनको लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा है। हालांकि बाद में वे कार्यक्रम में पहुंचे भी।
बेदी ने उड़ाया था मोदी का मजाक तो विज उलझे थे एसपी कालिया से
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री किशन बेदी सफाई अभियान के शुभारंभ अवसर पर पीएम मोदी का मजाक उड़ाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। ये वीडियो मीडिया में आने के बाद बेदी को अनुशासन कमेटी के सामने पेश होकर सफाई देनी पड़ी थी। दूसरा मामला प्रदेश के तेज-तर्रार मंत्री अनिल विज एवं दबंग पुलिस अधिकारी संगीता कालिया से जुड़ा है। कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान रतिया में नशे पर लगाम लगाने के सवाल पर शुरू हुई बहस में मंत्री अनिल विज ने तत्कालीन एसपी कालिया को मीटिंग से गेट आउट होने को कह दिया, जिसे एसपी ने इंकार कर दिया। इस बात से उखड़े विज मीटिंग बीच में ये कहकर छोड़ गए कि जब तक कालिया फतेहाबाद की एसपी हैं, वह दोबारा यहां नहीं आएंगे। इसके अगले ही दिन एसपी संगीता कालिया का फतेहाबाद से ट्रांसफर कर दिया गया। इस विवाद का वीडियो भी देश भर में वायरल हुआ था।
और दोबारा नहीं आए फतेहाबाद
फतेहाबाद में आकर विवाद का शिकार होने वाले दोनों मंत्रियों ने दोबारा फतेहाबाद का रुख तक नहीं किया है। मंत्री किशन बेदी तो अक्सर फतेहाबाद और भूना के चक्कर लगा ही लेते थे, लेकिन जुलाई में पंचायत भवन प्रांगण में हुए विवाद के बाद लगभग 6 माह बाद भी मंत्री किशन बेदी इधर नहीं आए हैं। कमोबेश यही हाल स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का भी है। पंचायत भवन में एसपी से विवाद के बाद अनिल विज भी फतेहाबाद नहीं आए हैं। हालांकि, पहले पंचायत चुनाव के कारण कष्ट निवारण समिति की बैठकें नहीं हुई, लेकिन इस बार उम्मीद के बावजूद अनिल विज फतेहाबाद से कन्नी काट गए। ये भी संयोग है कि पिछले दोनों मंत्रियों के विवाद पंचायत भवन में हुए तो इस बार परिवहन मंत्री के खिलाफ नारेबाजी पंचायत भवन के साथ स्थित पटवार भवन में हुई है।
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बेदी ने उड़ाया था मोदी का मजाक तो विज उलझे थे एसपी कालिया से
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री किशन बेदी सफाई अभियान के शुभारंभ अवसर पर पीएम मोदी का मजाक उड़ाते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। ये वीडियो मीडिया में आने के बाद बेदी को अनुशासन कमेटी के सामने पेश होकर सफाई देनी पड़ी थी। दूसरा मामला प्रदेश के तेज-तर्रार मंत्री अनिल विज एवं दबंग पुलिस अधिकारी संगीता कालिया से जुड़ा है। कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान रतिया में नशे पर लगाम लगाने के सवाल पर शुरू हुई बहस में मंत्री अनिल विज ने तत्कालीन एसपी कालिया को मीटिंग से गेट आउट होने को कह दिया, जिसे एसपी ने इंकार कर दिया। इस बात से उखड़े विज मीटिंग बीच में ये कहकर छोड़ गए कि जब तक कालिया फतेहाबाद की एसपी हैं, वह दोबारा यहां नहीं आएंगे। इसके अगले ही दिन एसपी संगीता कालिया का फतेहाबाद से ट्रांसफर कर दिया गया। इस विवाद का वीडियो भी देश भर में वायरल हुआ था।
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और दोबारा नहीं आए फतेहाबाद
फतेहाबाद में आकर विवाद का शिकार होने वाले दोनों मंत्रियों ने दोबारा फतेहाबाद का रुख तक नहीं किया है। मंत्री किशन बेदी तो अक्सर फतेहाबाद और भूना के चक्कर लगा ही लेते थे, लेकिन जुलाई में पंचायत भवन प्रांगण में हुए विवाद के बाद लगभग 6 माह बाद भी मंत्री किशन बेदी इधर नहीं आए हैं। कमोबेश यही हाल स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का भी है। पंचायत भवन में एसपी से विवाद के बाद अनिल विज भी फतेहाबाद नहीं आए हैं। हालांकि, पहले पंचायत चुनाव के कारण कष्ट निवारण समिति की बैठकें नहीं हुई, लेकिन इस बार उम्मीद के बावजूद अनिल विज फतेहाबाद से कन्नी काट गए। ये भी संयोग है कि पिछले दोनों मंत्रियों के विवाद पंचायत भवन में हुए तो इस बार परिवहन मंत्री के खिलाफ नारेबाजी पंचायत भवन के साथ स्थित पटवार भवन में हुई है।
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