{"_id":"648212eb04b36a9b470a3a47","slug":"dispose-of-rti-applications-in-time-keep-the-records-correct-bishnoi-fatehabad-news-c-128-1-sir1001-900-2023-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"समयावधि में करें आरटीआई आवेदनों का निपटान, रिकॉर्ड को रखें दुरुस्त : बिश्नोई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समयावधि में करें आरटीआई आवेदनों का निपटान, रिकॉर्ड को रखें दुरुस्त : बिश्नोई
विज्ञापन
सीडीएलयू में वर्कशाप के दौरान उपस्थित हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त जयसिंह बिश्रोई संबोधित करते
सिरसा। हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त जयसिंह बिश्नोई की अध्यक्षता में सीडीएलयू के सभागार में सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के संंबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जिले से संंबंधित प्रथम अपीलीय अधिकारी, राज्य जन सूचना अधिकारी, सहायक राज्य सूचना अधिकारियों, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों, ग्राम सचिव व सरपंचों को अधिनियम की अनुपालना समयबद्ध सुनिश्चित करने तथा अन्य सभी प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
जयसिंह बिश्नोई ने बताया कि सभी राज्य जन सूचना अधिकारी आरटीआई से संंबंधित आवेदनों पर एक महीने के अंदर जवाब देना सुनिश्चित करें। इसके लिए कार्यालय का रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रखें। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम हिंदी व अंग्रेजी दो भाषाओं में आसानी से उपलब्ध है। इसकी एक प्रति सभी एसपीआईओ के पास रहनी चाहिए। यह बहुत सरल अधिनियम है। अधिनियम व इसकी धाराओं के बारे में पूर्ण जानकारी रखें। अगर आवेदन पर प्रारंभिक स्तर पर ही सूचना उपलब्ध करवा दी जाए तो प्रथम व द्वितीय अपील जैसी प्रक्रियाओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सूचना लेने वाले व्यक्ति से प्रत्येक प्रकार का पत्र व्यवहार रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से करें, ताकि इसका एक रिकॉर्ड भी रहे। प्रत्येक कार्यालय में आरटीआई के मामलों से संंबंधित रजिस्टर दुरुस्त रखें। अगर किसी एसपीआईओ से संबंधित सूचनाएं मांगी गई हैं तो उच्च अधिकारी को अस्थायी एसपीआईओ बनने के बारे में अनुरोध किया जाना चाहिए। इस अवसर पर एसडीएम ऐलनाबाद डाॅ. वेद प्रकाश बैनीवाल, एसडीएम डबवाली अभय सिंह, सीटीएम अजय सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन
नए नियम के अनुसार नहीं दी जा सकतीं व्यक्तिगत सूचनाएं
हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि अगर सूचना ऐसी है कि जिसे प्रतियों में देना संभव न हो तो उसे प्रति घंटे के हिसाब से निरीक्षण के लिए अनुरोध किया जाए। सरकार के नए नियमों के अनुसार व्यक्तिगत सूचनाएं नहीं दी जा सकतीं। इसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी विस्तृत निर्णय दिया गया है। उन्होंने कहा कि सूचना लेने वाले व्यक्ति से आवेदन पत्र के साथ 10 रुपये फीस व प्रति पेज 2 रुपये फीस अवश्य ली जाए तथा उसकी पहचान के लिए आधार कार्ड या अन्य आईडी भी अवश्य ली जाए। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कार्यालय रिकॉर्ड की प्रतियां उपलब्ध करवाई जा सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने समय-समय पर सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन व प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी।
विज्ञापन
जयसिंह बिश्नोई ने बताया कि सभी राज्य जन सूचना अधिकारी आरटीआई से संंबंधित आवेदनों पर एक महीने के अंदर जवाब देना सुनिश्चित करें। इसके लिए कार्यालय का रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रखें। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम हिंदी व अंग्रेजी दो भाषाओं में आसानी से उपलब्ध है। इसकी एक प्रति सभी एसपीआईओ के पास रहनी चाहिए। यह बहुत सरल अधिनियम है। अधिनियम व इसकी धाराओं के बारे में पूर्ण जानकारी रखें। अगर आवेदन पर प्रारंभिक स्तर पर ही सूचना उपलब्ध करवा दी जाए तो प्रथम व द्वितीय अपील जैसी प्रक्रियाओं से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सूचना लेने वाले व्यक्ति से प्रत्येक प्रकार का पत्र व्यवहार रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से करें, ताकि इसका एक रिकॉर्ड भी रहे। प्रत्येक कार्यालय में आरटीआई के मामलों से संंबंधित रजिस्टर दुरुस्त रखें। अगर किसी एसपीआईओ से संबंधित सूचनाएं मांगी गई हैं तो उच्च अधिकारी को अस्थायी एसपीआईओ बनने के बारे में अनुरोध किया जाना चाहिए। इस अवसर पर एसडीएम ऐलनाबाद डाॅ. वेद प्रकाश बैनीवाल, एसडीएम डबवाली अभय सिंह, सीटीएम अजय सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन
नए नियम के अनुसार नहीं दी जा सकतीं व्यक्तिगत सूचनाएं
हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि अगर सूचना ऐसी है कि जिसे प्रतियों में देना संभव न हो तो उसे प्रति घंटे के हिसाब से निरीक्षण के लिए अनुरोध किया जाए। सरकार के नए नियमों के अनुसार व्यक्तिगत सूचनाएं नहीं दी जा सकतीं। इसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी विस्तृत निर्णय दिया गया है। उन्होंने कहा कि सूचना लेने वाले व्यक्ति से आवेदन पत्र के साथ 10 रुपये फीस व प्रति पेज 2 रुपये फीस अवश्य ली जाए तथा उसकी पहचान के लिए आधार कार्ड या अन्य आईडी भी अवश्य ली जाए। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कार्यालय रिकॉर्ड की प्रतियां उपलब्ध करवाई जा सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने समय-समय पर सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन व प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी।