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Fatehabad News: धान की सीधी बिजाई, आवेदन में लक्ष्य पूरा, हकीकत में पिछड़ रही योजना

Sun, 28 Jun 2026 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 28 Jun 2026 11:05 PM IST
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Direct Seeding of Rice: Application targets met, but the scheme is lagging in reality
फतेहाबाद क्षेत्र में की गई धान की सीधी बिजाई। स्रोत किसान
फतेहाबाद। जिले में गिरते भूजल को बचाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से चलाई गई योजना मेरा पानी मेरी विरासत के तहत किसानों को धान की सीधी बिजाई करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) योजना इस बार कृषि विभाग ने जिले में 75 हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा है।
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जिले में अब तक लगभग 70,000 एकड़ में बिजाई पूरी की जा चुकी है जो लक्ष्य के बेहद करीब है। हालांकि, पिछले कई सालों यह लक्ष्य अधूरा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार किसानों को धान की सीधी बिजाई करने के लिए अनुदान पर डीएसआर मशीन उपलब्ध करवाई जा रही है और प्रति एकड़ 4500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके बावजूद लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
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पिछले साल भी विभाग ने 75,000 एकड़ का ही लक्ष्य तय किया था। किसानों ने इसे कागजों पर पूरा भी दिखाया लेकिन जब विभाग ने ग्राउंड लेवल पर भौतिक सत्यापन कराया, तो जांच में मात्र 14,000 एकड़ में ही धान की सीधी बिजाई पाई गई थी। साल 2024 में 75,000 एकड़ के लक्ष्य के मुकाबले किसानों ने 76,000 एकड़ के लिए आवेदन कर दिया था।
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जब फसल पकने और सत्यापन की बारी आई तो कुल रकबा घटकर महज 25,000 एकड़ पर सिमट गया। इससे पहले 25000 एकड़ का लक्ष्य रखा रखा गया था जिसमें 20 हजार एकड़ में ही धान की सीधी बिजाई हो सकी थी।
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धान की सीधी बिजाई पर किसान नहीं जता रहे भरोसा
धान की पारंपरिक कद्दू विधि से रोपाई के मुकाबले सीधी बिजाई से पानी की 20 से 25 प्रतिशत तक बचत होती है और भूजल स्तर को गिरने से रोका जा सकता है। गिरते भू-जल को देखते हुए प्रदेश सरकार इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को 4,500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि भी दे रही है। इसको लेकर किसान ओमप्रकाश, मंदीप, विष्णुदत्त और मुकेश कुमार ने बताया कि धान की सीधी बिजाई करने से शुरुआती दिनों में खेतों में अत्यधिक खरपतवार उग जाता है। जिससे किसान प्रोत्साहन राशि के लालच में या शुरुआत में सीधी बिजाई करने के बाद, खरपतवार के डर से बाद में उस पर दोबारा ट्रैक्टर चलाकर पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई कर देते हैं। इससे किसानों को नुकसान होता है।

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:: कृषि विभाग को इस साल जिले में कुल 75 हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई करने का लक्ष्य मिला है। इस साल जो 70 हजार एकड़ में बिजाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन जीपीएस आधारित सैटेलाइट वेरिफिकेशन और कृषि अधिकारियों की भौतिक जांच में होने के बाद ही सच्चाई का पता चलेगा। किसानों से अपील है कि वें धान की सीधी में कृषि विभाग का सहयोग करें।
- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
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