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Fatehabad News: डिजिटल मशीन का सॉफ्टवेयर बंद, नहीं हुए अस्पताल में एक्सरे
Tue, 03 Mar 2026 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 03 Mar 2026 11:18 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में बंद पड़ा डिजिटल एक्सरे का सॉफ्टवेयर संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को डिजिटल एक्सरे मशीन का सॉफ्टवेयर बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक्सरे नहीं होने से दूर-दराज से आए मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा। अस्पताल में रोजाना 70 से 80 मरीजों के एक्सरे किए जाते हैं। ऐसे में मशीन बंद रहने से ओपीडी व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार दो माह पहले ही 500 एमए क्षमता की आधुनिक डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई थी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से यह मशीन स्थापित की गई थी, लेकिन सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी के चलते मशीन काम नहीं कर पाई। मंगलवार को टीबी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी भी लगी हुई थी। टीबी के संदिग्ध और उपचाराधीन मरीजों के लिए एक्सरे जांच जरूरी होती है। एक्सरे न होने के कारण कई मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा।
तहसील चौक निवासी रविकांत ने कहा कि पैर का एक्सरे करवाना था लेकिन नहीं हुआ। यह भी नहीं बताया गया कि मशीन कब शुरू होगी। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाएं होने के बावजूद तकनीकी खामियों के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।
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सॉफ्टवेयर की समस्या दूर करने के लिए संबंधित कंपनी को सूचना दे दी गई है। तकनीकी टीम जल्द ही मशीन को दुरुस्त कर देगी, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार दो माह पहले ही 500 एमए क्षमता की आधुनिक डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई थी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से यह मशीन स्थापित की गई थी, लेकिन सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी के चलते मशीन काम नहीं कर पाई। मंगलवार को टीबी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी भी लगी हुई थी। टीबी के संदिग्ध और उपचाराधीन मरीजों के लिए एक्सरे जांच जरूरी होती है। एक्सरे न होने के कारण कई मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा।
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तहसील चौक निवासी रविकांत ने कहा कि पैर का एक्सरे करवाना था लेकिन नहीं हुआ। यह भी नहीं बताया गया कि मशीन कब शुरू होगी। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाएं होने के बावजूद तकनीकी खामियों के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।
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सॉफ्टवेयर की समस्या दूर करने के लिए संबंधित कंपनी को सूचना दे दी गई है। तकनीकी टीम जल्द ही मशीन को दुरुस्त कर देगी, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन