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खाली हो रहा विभाग, बिगड़ सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दवाई के लिए मरीजों की लगी लाइन।
- फोटो : Fatehabad
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खाली हो रहा विभाग, बिगड़ सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
दो माह से सीएमओ नहीं, उप सिविल सर्जन डॉ. हनुमान ने वीआरएस के लिए किया आवेदन, डॉ. सुनीता हो जाएंगी सेवानिवृत्त
स्वास्थ्य विभाग में कम हो रहे अफसर, पहले 63 से फीसदी पद खाली, विशेषज्ञ भी नहीं
फोटो नंबर 22
मुकेश खुराना
फतेहाबाद। पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य महकमे में नए डॉक्टरों की एंट्री तो दूर अब मौजूदा डॉक्टर भी वीआरएस ले रहे हैं। अस्पतालों के साथ-साथ सिविल सर्जन कार्यालय भी धीरे-धीरे अफसरों के पद खाली हो रहे हैं, अगर नई भर्ती नहीं हुई और ऐसे ही चिकित्सकों के पद खाली होते रहे तो जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ सकतीं हैं। दो माह से ज्यादा समय हो चुका है और सिविल सर्जन का पद खाली पड़ा है। अब उप सिविल सर्जन डॉ. हनुमान ने भी वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। माना जा रहा है कि 30 जून तक मंजूरी मिल सकती है।
बता दें कि फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल से भी एक चिकित्सक वीआरएस लेने की तैयारी कर रहे हैं। यहां डॉक्टरों के पहले ही 27 पद खाली है। 30 जून को उप सिविल डॉ. सुनीता सोखी भी सेवानिवृत्त हो रही हैं। जबकि मौजूदा हालात ये है कि जिले में करीब 63 फीसदी डॉक्टरों के पद खाली है। जिले में डॉक्टरों के 174 पद स्वीकृत है लेकिन यहां पर 65 डॉक्टर ही कार्यरत हैं और 109 पद खाली पड़े हैं। संवाद
कहने को जिला अस्पताल, ऑर्थो न सर्जन, 27 पद खाली
जिला अस्पताल में ही डॉक्टरों के 27 पद खाली है। डॉक्टरों के 42 पद स्वीकृत है और 15 ही कार्यरत हैं। यहां पर ऑर्थो, सर्जन, फीजिशियन, शिशु रोग विशेषज्ञ के पद खाली है। शिशु रोग विशेषज्ञ आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं। अस्पताल में एक ही महिला रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। टोहाना में डॉक्टरों के 36 पद खाली है। रतिया में भी डॉक्टरों के 9 पद खाली है।
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अस्पताल पद स्वीकृत कार्यरत खाली
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 42 15 27
पॉलीक्लीनिक 2 0 2
नागरिक अस्पताल टोहाना 42 6 36
नागरिक अस्पताल रतिया 13 4 9
हिजरावां कलां 2 0 2
पीएचसी नागपुर 2 2 0
पीएचसी महमड़ा 2 2 0
पीएचसी अहरवां 2 2 0
पीएचसी भिरड़ाना 2 1 1
पीएचसी हसंगा 2 1 1
सीएचसी भूथनकलां 7 2 5
सीएचसी भट्टूकलां 7 2 5
पीएचसी पीलीमंदोरी 2 0 2
पीएचसी बनगांव 2 1 1
पीएचसी खैरातीखेड़ा 2 2 0
पीएचसी खाबड़ाकलां 2 0 2
सीएचसी बड़ोपल 7 6 1
पीएचसी बीघड़ 2 0 2
सीएचसी जाखल 7 6 1
पीएचसी मामुपुर 2 1 1
पीएचसी समैन 2 0 2
पीएचसी इंदाछुई 2 1 1
पीएचसी कुलां 2 2 0
पीएचसी म्योंदकलां 2 1 1
सीएचसी भूना 7 2 5
पीएचसी पिरथला 2 2 0
पीएचसी झलनियां 2 1 1
पीएचसी एमपी रोही 2 2 0
पीएचसी नहला 2 1 1
सरकार सिविल सर्जन भेजना भूली
जिले में सिविल सर्जन का पद ही करीब दो माह से खाली है। सीएमओ डॉ. वीरेश भूषण का तबादला सिरसा कर दिया गया था लेकिन नए सिविल सर्जन के आदेश जारी नहीं हुए। उप सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल को ही कार्यभार दिया गया है।
उप सिविल सर्जन के आठ पद लेकिन तीन ही कार्यरत
उप सिविल सर्जन के जिले में आठ पद स्वीकृत है। लेकिन मौजूदा हालात ये है कि तीन ही कार्यरत हैं। पांच उप सिविल सर्जन के पद खाली है। वीआरएस की मंजूरी मिलने के बाद जिले में दो ही उप सिविल सर्जन रह जाएंगे।
कोट
वीआरएस के लिए मुख्यालय को आवेदन कर रखा है। लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। उम्मीद है जल्द वीआरएस की मंजूरी मिल जाएगी।
-डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन
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दो माह से सीएमओ नहीं, उप सिविल सर्जन डॉ. हनुमान ने वीआरएस के लिए किया आवेदन, डॉ. सुनीता हो जाएंगी सेवानिवृत्त
स्वास्थ्य विभाग में कम हो रहे अफसर, पहले 63 से फीसदी पद खाली, विशेषज्ञ भी नहीं
फोटो नंबर 22
मुकेश खुराना
फतेहाबाद। पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य महकमे में नए डॉक्टरों की एंट्री तो दूर अब मौजूदा डॉक्टर भी वीआरएस ले रहे हैं। अस्पतालों के साथ-साथ सिविल सर्जन कार्यालय भी धीरे-धीरे अफसरों के पद खाली हो रहे हैं, अगर नई भर्ती नहीं हुई और ऐसे ही चिकित्सकों के पद खाली होते रहे तो जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ सकतीं हैं। दो माह से ज्यादा समय हो चुका है और सिविल सर्जन का पद खाली पड़ा है। अब उप सिविल सर्जन डॉ. हनुमान ने भी वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है। माना जा रहा है कि 30 जून तक मंजूरी मिल सकती है।
बता दें कि फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल से भी एक चिकित्सक वीआरएस लेने की तैयारी कर रहे हैं। यहां डॉक्टरों के पहले ही 27 पद खाली है। 30 जून को उप सिविल डॉ. सुनीता सोखी भी सेवानिवृत्त हो रही हैं। जबकि मौजूदा हालात ये है कि जिले में करीब 63 फीसदी डॉक्टरों के पद खाली है। जिले में डॉक्टरों के 174 पद स्वीकृत है लेकिन यहां पर 65 डॉक्टर ही कार्यरत हैं और 109 पद खाली पड़े हैं। संवाद
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कहने को जिला अस्पताल, ऑर्थो न सर्जन, 27 पद खाली
जिला अस्पताल में ही डॉक्टरों के 27 पद खाली है। डॉक्टरों के 42 पद स्वीकृत है और 15 ही कार्यरत हैं। यहां पर ऑर्थो, सर्जन, फीजिशियन, शिशु रोग विशेषज्ञ के पद खाली है। शिशु रोग विशेषज्ञ आउटसोर्सिंग पर तैनात हैं। अस्पताल में एक ही महिला रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। टोहाना में डॉक्टरों के 36 पद खाली है। रतिया में भी डॉक्टरों के 9 पद खाली है।
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अस्पताल पद स्वीकृत कार्यरत खाली
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 42 15 27
पॉलीक्लीनिक 2 0 2
नागरिक अस्पताल टोहाना 42 6 36
नागरिक अस्पताल रतिया 13 4 9
हिजरावां कलां 2 0 2
पीएचसी नागपुर 2 2 0
पीएचसी महमड़ा 2 2 0
पीएचसी अहरवां 2 2 0
पीएचसी भिरड़ाना 2 1 1
पीएचसी हसंगा 2 1 1
सीएचसी भूथनकलां 7 2 5
सीएचसी भट्टूकलां 7 2 5
पीएचसी पीलीमंदोरी 2 0 2
पीएचसी बनगांव 2 1 1
पीएचसी खैरातीखेड़ा 2 2 0
पीएचसी खाबड़ाकलां 2 0 2
सीएचसी बड़ोपल 7 6 1
पीएचसी बीघड़ 2 0 2
सीएचसी जाखल 7 6 1
पीएचसी मामुपुर 2 1 1
पीएचसी समैन 2 0 2
पीएचसी इंदाछुई 2 1 1
पीएचसी कुलां 2 2 0
पीएचसी म्योंदकलां 2 1 1
सीएचसी भूना 7 2 5
पीएचसी पिरथला 2 2 0
पीएचसी झलनियां 2 1 1
पीएचसी एमपी रोही 2 2 0
पीएचसी नहला 2 1 1
सरकार सिविल सर्जन भेजना भूली
जिले में सिविल सर्जन का पद ही करीब दो माह से खाली है। सीएमओ डॉ. वीरेश भूषण का तबादला सिरसा कर दिया गया था लेकिन नए सिविल सर्जन के आदेश जारी नहीं हुए। उप सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल को ही कार्यभार दिया गया है।
उप सिविल सर्जन के आठ पद लेकिन तीन ही कार्यरत
उप सिविल सर्जन के जिले में आठ पद स्वीकृत है। लेकिन मौजूदा हालात ये है कि तीन ही कार्यरत हैं। पांच उप सिविल सर्जन के पद खाली है। वीआरएस की मंजूरी मिलने के बाद जिले में दो ही उप सिविल सर्जन रह जाएंगे।
कोट
वीआरएस के लिए मुख्यालय को आवेदन कर रखा है। लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। उम्मीद है जल्द वीआरएस की मंजूरी मिल जाएगी।
-डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन