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दो समुदायों की झड़प में घायल हुई महिला के गर्भ में पल रहे सात माह के बच्चे की मौत, परिजनों ने लगाया जाम
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रतिया-फतेहाबाद मार्ग पर सड़क पर नवजात के शव को रखकर जाम लगाते परिजन व गांव रत्ताखेड़ा के ग्रामीण।
- फोटो : Fatehabad
रतिया। रत्ताखेड़ा गांव में पिछले सप्ताह दो समुदायों के बीच हुए झगड़े में घायल एक गर्भवती महिला के नवजात बच्चे की बुधवार तड़के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में डिलिवरी के दौरान मौत हो गई। नवजात बच्चे की मौत से परिजनों व ग्रामीणों में गुस्सा भड़क गया। गुस्साए ग्रामीण और परिजन नवजात बच्चे को लेकर फतेहाबाद रोड पर एसडीएम कार्यालय के समक्ष पहुंचे और नवजात बच्चे के शव को सड़क पर रखकर फतेहाबाद-रतिया मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के चलते सड़क के दोनों तरफ कई स्कूल वैन व अन्य वाहन फंस गए। जाम की सूचना मिलते ही रतिया सदर थानाध्यक्ष कपिल सिहाग, शहर थानाध्यक्ष विक्रमजीत सिंह अपनी टीम लेकर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर एक घंटे के बाद जाम को खुलवाया। तब कहीं जाकर लोगों को राहत मिली।
जाम लगा रहे रत्ताखेड़ा के ग्रामीणों सुरेंद्र भाम्बू, राजकुमार, साधु राम, सुरेंद्र, ईश्वर, मोनू आदि ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को गांव में दो समुदायों के लोगों के बीच में झगड़ा हो गया था। झगड़े में सुरेंद्र कुमार की गर्भवती पत्नी पूजा रानी सहित कई महिलाएं व अन्य लोग घायल हो गए थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने ये कहकर पूजा को अस्पताल में दाखिल नहीं किया कि उसे चोट नहीं लगी। जबकि उन्होंने बताया था कि पूजा गर्भवती है और उसे पेट में गुम चोट लगी है।
परिजनों ने बताया कि रतिया के अस्पताल में दाखिल न करने के चलते पूजा की तबियत बिगड़ गई और उसे आनन-फानन में अग्रोहा मेडिकल में दाखिल करवाया गया। जहां पर बुधवार सुबह उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के मृत पैदा होने की सूचना मिलते ही परिजनों में रोष फैल गया और सैकड़ों परिजन व ग्रामीण रतिया एसडीएम कार्यालय जा पहुंचे और बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। गुस्साए लोगों ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और पूजा पर हमला करने वाले आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग रख दी। जाम की सूचना मिलने पर सदर थानाध्यक्ष कपिल सिहाग, शहरी इंचार्ज विक्रमजीत सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में रह रहे दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा की पिटाई के बाद ही पूजा के बच्चे की मौत हुई है इसलिए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। थानाध्यक्ष कपिल सिहाग ने परिजनों को आश्वासन दिया कि बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया
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गांव में फिर तनाव का माहौल
गंाव रताखेडा में गत दिनों दो समुदायों में हुए झगडे़ के बाद गांव में जहां गत सप्ताह तनाव का माहौल पैदा हुआ था उसको शांत करने के लिए रतिया प्रशासन के आला अधिकारी जहां लगातार गांव में बैठकें करके दोनो पक्षों से शांति की अपील करते आ रहे थे। इसके चलते गांव में पिछले दो तीन दिनों से शांति का माहौल बना हुआ था लेकिन बुधवार सुबह गर्भवती महिला के बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही गांव में फिर तनाव फैल गया।
दोनों पक्षों के दर्जनों लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है मुकदमा
इस मामले में दोनों पक्षों के दर्जनों लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रखी है। पुलिस ने एक पक्ष की घायल महिला गीता रानी के बयानो पर अहरवंा बस्ती के बब्बु, जसपाल, जगजीत, बलकार, अमरीक व 20-25 अन्य लोगों के खिलाफ घर में घुसकर गाली गलौच करने तथा मारपीट करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वही अहरवां बस्ती निवासी दूसरे समुदाय की महिला पम्मी के बयानों पर गांव के सरपंच सुदेश पाल पपला, डोगर राम बिश्नोई, दिनेश, गब्बर, सोनी राम, तेजी, संदीप, सत्ती, शीला व 40-50 अन्य लोगो के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, गाली गलोच व अनुसूचित जाति अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
सदर थाना प्रभारी कपिल सिहाग ने बताया कि जाम लगा रहे ग्रामीणों को समझाया गया है कि महिला की मेडिकल जांच करवाकर रिपोर्ट के अनुसार उचित कार्यवाही की जाएगी और किसी भी हमलावर को छोड़ा नहीं जाएगा।
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जाम लगा रहे रत्ताखेड़ा के ग्रामीणों सुरेंद्र भाम्बू, राजकुमार, साधु राम, सुरेंद्र, ईश्वर, मोनू आदि ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को गांव में दो समुदायों के लोगों के बीच में झगड़ा हो गया था। झगड़े में सुरेंद्र कुमार की गर्भवती पत्नी पूजा रानी सहित कई महिलाएं व अन्य लोग घायल हो गए थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने ये कहकर पूजा को अस्पताल में दाखिल नहीं किया कि उसे चोट नहीं लगी। जबकि उन्होंने बताया था कि पूजा गर्भवती है और उसे पेट में गुम चोट लगी है।
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परिजनों ने बताया कि रतिया के अस्पताल में दाखिल न करने के चलते पूजा की तबियत बिगड़ गई और उसे आनन-फानन में अग्रोहा मेडिकल में दाखिल करवाया गया। जहां पर बुधवार सुबह उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के मृत पैदा होने की सूचना मिलते ही परिजनों में रोष फैल गया और सैकड़ों परिजन व ग्रामीण रतिया एसडीएम कार्यालय जा पहुंचे और बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। गुस्साए लोगों ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और पूजा पर हमला करने वाले आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग रख दी। जाम की सूचना मिलने पर सदर थानाध्यक्ष कपिल सिहाग, शहरी इंचार्ज विक्रमजीत सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में रह रहे दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा की पिटाई के बाद ही पूजा के बच्चे की मौत हुई है इसलिए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। थानाध्यक्ष कपिल सिहाग ने परिजनों को आश्वासन दिया कि बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया
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गांव में फिर तनाव का माहौल
गंाव रताखेडा में गत दिनों दो समुदायों में हुए झगडे़ के बाद गांव में जहां गत सप्ताह तनाव का माहौल पैदा हुआ था उसको शांत करने के लिए रतिया प्रशासन के आला अधिकारी जहां लगातार गांव में बैठकें करके दोनो पक्षों से शांति की अपील करते आ रहे थे। इसके चलते गांव में पिछले दो तीन दिनों से शांति का माहौल बना हुआ था लेकिन बुधवार सुबह गर्भवती महिला के बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही गांव में फिर तनाव फैल गया।
दोनों पक्षों के दर्जनों लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है मुकदमा
इस मामले में दोनों पक्षों के दर्जनों लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रखी है। पुलिस ने एक पक्ष की घायल महिला गीता रानी के बयानो पर अहरवंा बस्ती के बब्बु, जसपाल, जगजीत, बलकार, अमरीक व 20-25 अन्य लोगों के खिलाफ घर में घुसकर गाली गलौच करने तथा मारपीट करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वही अहरवां बस्ती निवासी दूसरे समुदाय की महिला पम्मी के बयानों पर गांव के सरपंच सुदेश पाल पपला, डोगर राम बिश्नोई, दिनेश, गब्बर, सोनी राम, तेजी, संदीप, सत्ती, शीला व 40-50 अन्य लोगो के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, गाली गलोच व अनुसूचित जाति अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
सदर थाना प्रभारी कपिल सिहाग ने बताया कि जाम लगा रहे ग्रामीणों को समझाया गया है कि महिला की मेडिकल जांच करवाकर रिपोर्ट के अनुसार उचित कार्यवाही की जाएगी और किसी भी हमलावर को छोड़ा नहीं जाएगा।